{"_id":"585c1e114f1c1b6752e3a411","slug":"lit-rubbish-in-public-places","type":"story","status":"publish","title_hn":"सार्वजनिक स्थानों पर जलाया जाता है कूड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सार्वजनिक स्थानों पर जलाया जाता है कूड़ा
अमर उजाला
Updated Fri, 23 Dec 2016 12:10 AM IST
विज्ञापन
fire
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब शहर के सार्वजनिक स्थलों पर निगम कर्मचारी और आमजन को कूड़ा जलाना महंगा पड़ेगा। सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा जलाने वालों पर 25 हजार रुपए तक जुर्माना होगा। वहीं व्यक्तिगत रूप से आदेश के उल्लंघन पर पांच हजार तक जुर्माना देना पड़ सकता है।
सड़कों पर सार्वजनिक रूप से जलने वाला कूड़ा, सड़कों पर जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर भी प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। अक्सर देखा जाता है कि शहर के सार्वजनिक स्थलों, ओवरब्रिज के नीचे, बाजार में हाइवे के आसपास निगम के कर्मचारी खुलेआम कूड़ा जलाते हैं। शिकायत करने के बावजूद कर्मचारियों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) शहर की आबोहवा में घुल रहे प्रदूषण पर सख्त होता जा रहा है। एनजीटी ने सभी नगर निकायों को छह माह के अंदर शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए प्रभावी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, जिससे शहर की सड़कों पर कहीं कूड़ा करकट नजर न आए अथवा सड़कों पर जलाने की स्थिति न बने।
इन स्थानों पर अक्सर जलता है कूड़ा
जलेसर रोड खत्ताघर, ओवरब्रिज, रेलवे लाइन के सहारे, रेलवे मालगोदाम के निकट तालाब, नया बाईपास, हाइवे पर आसफाबाद से मुख्यालय के बीच, नई आबादी के क्षेत्रों में अक्सर कूड़ा जलाते कर्मचारी नजर आते हैं।
विज्ञापन
खत्ताघर निर्माण की नहीं बनी डीपीआर
नगर निगम द्वारा कुतकपुर चनौरा में 34 एकड़ भूमि चिन्हित की गई। खत्ताघर निर्माण की कवायद शुरू हुए आठ साल गुजर गए, परंतु अभी तक कार्य भी प्रारंभ नहीं हो सका। निर्माण जलनिगम सी एंड डीएस को करना है, परंतु अभी तक नगर निगम द्वारा डीपीआर तक तैयार नहीं की गई। डीआरआर तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजी जाएगी, उसके बाद ही कार्य प्रारंभ हो सकेगा।
क्या कहते हैं अफसर
नगर निगम द्वारा कुतकपुर चनौरों में खत्ताघर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण करने के साथ ही किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। जलनिगम सी एंड डीएस को जमीन उपलब्ध करा दी गई है। जलनिगम द्वारा डीपीआर बनाकर कार्य कराया जाएगा।
प्रमोद कुमार,
अपर आयुक्त
विज्ञापन
सड़कों पर सार्वजनिक रूप से जलने वाला कूड़ा, सड़कों पर जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर भी प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। अक्सर देखा जाता है कि शहर के सार्वजनिक स्थलों, ओवरब्रिज के नीचे, बाजार में हाइवे के आसपास निगम के कर्मचारी खुलेआम कूड़ा जलाते हैं। शिकायत करने के बावजूद कर्मचारियों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) शहर की आबोहवा में घुल रहे प्रदूषण पर सख्त होता जा रहा है। एनजीटी ने सभी नगर निकायों को छह माह के अंदर शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए प्रभावी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, जिससे शहर की सड़कों पर कहीं कूड़ा करकट नजर न आए अथवा सड़कों पर जलाने की स्थिति न बने।
विज्ञापन
इन स्थानों पर अक्सर जलता है कूड़ा
जलेसर रोड खत्ताघर, ओवरब्रिज, रेलवे लाइन के सहारे, रेलवे मालगोदाम के निकट तालाब, नया बाईपास, हाइवे पर आसफाबाद से मुख्यालय के बीच, नई आबादी के क्षेत्रों में अक्सर कूड़ा जलाते कर्मचारी नजर आते हैं।
विज्ञापन
खत्ताघर निर्माण की नहीं बनी डीपीआर
नगर निगम द्वारा कुतकपुर चनौरा में 34 एकड़ भूमि चिन्हित की गई। खत्ताघर निर्माण की कवायद शुरू हुए आठ साल गुजर गए, परंतु अभी तक कार्य भी प्रारंभ नहीं हो सका। निर्माण जलनिगम सी एंड डीएस को करना है, परंतु अभी तक नगर निगम द्वारा डीपीआर तक तैयार नहीं की गई। डीआरआर तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजी जाएगी, उसके बाद ही कार्य प्रारंभ हो सकेगा।
क्या कहते हैं अफसर
नगर निगम द्वारा कुतकपुर चनौरों में खत्ताघर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण करने के साथ ही किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। जलनिगम सी एंड डीएस को जमीन उपलब्ध करा दी गई है। जलनिगम द्वारा डीपीआर बनाकर कार्य कराया जाएगा।
प्रमोद कुमार,
अपर आयुक्त