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बीएसएल टू लैब बनी मददगार, 24 घंटे में ही मिलने लगी जांच रिपोर्ट

Fri, 01 Apr 2022 12:01 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2022 12:01 AM IST
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lab report
बीएसएल-टू लैब बनी मददगार, 24 घंटे में ही मिलने लगी कोरोना जांच रिपोर्ट
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पहली लहर में लखनऊ, इटावा और दूसरी लहर में आगरा व नोएडा से रिपोर्ट आने में लगता था वक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी और तीसरी लहर में जिले के मेडिकल कॉलेज में स्थापित बीएसएल-टू लैब (बॉयो सेफ्टी लेवल टू लैब) काफी मददगार साबित हुई। इससे 24 से 48 घंटे में ही कोरोना जांच की रिपोर्ट मिल जाती थी। पहले रिपोर्ट आने में छह से दस दिन का वक्त लगता था। जल्द रिपोर्ट मिलने के बाद समय से इलाज शुरू हुआ और लोगों की जान बच सकी।
सुहागनगरी में कोरोना संक्रमण की पहली लहर की शुरूआत अप्रैल 2020 में हुई थी। तब संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा था। पहले जांच के लिए नमूने केजीएमयू लखनऊ फिर सैफई (इटावा) भेजे जाते थे लेकिन वहां से रिपोर्ट आने में आठ से 10 दिन का समय लगता था। उसके बाद सैंपल आगरा के जालमा इंस्टीट्यूट और नोएडा भेजे जाने लगे। वहां से भी रिपोर्ट आने में करीब पांच से छह दिन का समय लग जाता था। इन दिक्कतों को देखते हुए सुहागनगरी के मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक बीएसएल-टू लैब स्थापित हुई। इसमें आरटीपीसीआर जांच (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमरेस चेन रिएक्शन) के लिए 20 लाख की लागत से मशीनें स्थापित हुईं। बीएसएल-टू लैब में अभी तक छह लाख 45 हजार 893 जांचे हो चुकी हैं। वर्तमान में भी 1500 से दो हजार जांचे प्रतिदिन की जा रही हैं।
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कोरोना मरीजों के अलावा मरीजों के लिए भी हुई सुविधा
कोरोना के मरीज न होने के बाद भी चिकित्सक अन्य बीमारियों से संबंधित ऑपरेशन से पूर्व कोरोना की जांच रिपोर्ट अनिवार्य रूप से मांगते हैं। जांच न होने पर चिकित्सक इलाज करने से कतरा रहे थे। लोग अपनी अन्य बीमारियों के इलाज के लिए कोरोना जांच कराना शुरू कर दी गई। वहीं जनपद में लैब स्थापित होने पर लोगों को 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मिलना शुरू हो गई।
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आधुनिक है बीएसएल-टू लैब
मेडिकल कॉलेज में तैयार होने वाली बॉयो सेफ्टी लेवल टू लैब पूरी तरह से एडवांस है। लैब में संक्रमण का खतरा नहीं है। यहां हवा फिल्टर होकर अंदर जाती है और बाहर निकलती। इससे इंफेक्शन का खतरा नहीं रहता। यही नहीं इसमें हर जांच के लिए पूरी तरह से एयर प्रूफ अलग-अलग क्यूब बने होते हैं। लैब में कोरोना जांच हो रही है। इसके साथ जीका वायरस आदि बीमारियों की जांच भी होने लगेगी।

- डॉ. तुहीन वशिष्ठ, प्रोफेसर
मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज में बीएसएल-टू लैब स्थापित होने से कोरोना काल में बहुत फायदा मिला। समय से जांच रिपोर्ट मिलती रही और इलाज भी समय से मरीजों को मिला। यह मेडिकल कॉलेज में अन्य रिसर्च करने के लिए काम भी आएगी। लैब में अभी तक छह लाख से अधिक जांचे हो चुकी हैं।
- डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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