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शिखर पर कलशारोहण, चंद्रप्रभु भगवान का महा मस्तकाभिषेक
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Thu, 11 May 2017 11:45 PM IST
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जैन मंदिर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चंद्रप्रभु मंदिर में जैन समाज के लोग उमड़ पड़े। गुरुवार को आचार्य वसुनंदी महाराज ससंघ के सानिध्य में मंदिर की शिखर पर कलशारोणहण और पताका फहराई गई। मंदिर में विराजमान सैकड़ों वर्ष प्राचीन अतिशयकारी चंद्रप्रभु जिनराज की स्फटिक मणि की प्रतिमा का महामस्तकाभिाषेक किया गया। करीब चालीस साल बाद सार्वजनिक रूप् से भगवान चंद्रप्रभु की जिनप्रतिमा का अभिषेक किया गया।
सुबह मंत्रोच्चारण के साथ कलशों की शुद्धि की गई। भगवान चंद्रप्रभु की शिखर पर ललितेश जैन ने कलशारोहण किया। अभिनंदननाथ भगवान के शिखर पर चुन्नालाल परिवार ने कलशारोहण ने किया। अरुण जैन पीलीकोठी ने चंद्रप्रभु के शिखर पर पताका फहराई। आचार्य श्री वसुनंदी महाराज जी ने मंगल उद्बोधन किया। इसके बाद चंद्रप्रभु भगवान की अतिशयकारी स्फटिकमणि की प्रतिमा का विनोद कुमार मिलेनियम परिवार ने रत्नकलश से प्रथम अभिषेक किया। नीरज जैन, अशोक जैन, विनोद जैन, सुबोध जैन ने अभिषेक किया। प्रमोद सोनल, अजय जैन, जिनेंद्र कुमार जैन, हेमेंद्र जैन, संदीप कुमार ने रजत कलश से श्रीजी का अभिषेक किया। अभिषेक के बाद इंद्रा स्वरूपों ने चरणवंदना कर पुर्ण्याजित किया। इस अवसर पर मंदिर कमेटी अध्यक्ष अजय जैन एडवोकेट, जितेंद्र जैन, प्रमोद सोनल, वीरेंद्र जैन भदावर, राजेशचंद्र जैन, ललित मोहन रपरिया, प्रो. एसी जैन, अनूपचंद्र जैन आदि उपस्थित रहे।
हजारों की भीड़, एलईडी लगाकर किया प्रसारण
मंदिर परिसर में पुजारियों को प्रवेश दिया गया। अंदर मस्ताभिषेक लोगों को दिखाने के लिए मंदिर कैंपस के बाहर एलईडी प्रोजेक्टर लगाए गए। हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ पडी थी। इस दौरान कई मंदिर भीड़ ने मंदिर के अंदर घुसने की कोशिश की। इस पर कई धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। मंदिर के गर्भगृह तक बेरीकेडिंग की गई थी।
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सुबह मंत्रोच्चारण के साथ कलशों की शुद्धि की गई। भगवान चंद्रप्रभु की शिखर पर ललितेश जैन ने कलशारोहण किया। अभिनंदननाथ भगवान के शिखर पर चुन्नालाल परिवार ने कलशारोहण ने किया। अरुण जैन पीलीकोठी ने चंद्रप्रभु के शिखर पर पताका फहराई। आचार्य श्री वसुनंदी महाराज जी ने मंगल उद्बोधन किया। इसके बाद चंद्रप्रभु भगवान की अतिशयकारी स्फटिकमणि की प्रतिमा का विनोद कुमार मिलेनियम परिवार ने रत्नकलश से प्रथम अभिषेक किया। नीरज जैन, अशोक जैन, विनोद जैन, सुबोध जैन ने अभिषेक किया। प्रमोद सोनल, अजय जैन, जिनेंद्र कुमार जैन, हेमेंद्र जैन, संदीप कुमार ने रजत कलश से श्रीजी का अभिषेक किया। अभिषेक के बाद इंद्रा स्वरूपों ने चरणवंदना कर पुर्ण्याजित किया। इस अवसर पर मंदिर कमेटी अध्यक्ष अजय जैन एडवोकेट, जितेंद्र जैन, प्रमोद सोनल, वीरेंद्र जैन भदावर, राजेशचंद्र जैन, ललित मोहन रपरिया, प्रो. एसी जैन, अनूपचंद्र जैन आदि उपस्थित रहे।
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हजारों की भीड़, एलईडी लगाकर किया प्रसारण
मंदिर परिसर में पुजारियों को प्रवेश दिया गया। अंदर मस्ताभिषेक लोगों को दिखाने के लिए मंदिर कैंपस के बाहर एलईडी प्रोजेक्टर लगाए गए। हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ पडी थी। इस दौरान कई मंदिर भीड़ ने मंदिर के अंदर घुसने की कोशिश की। इस पर कई धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। मंदिर के गर्भगृह तक बेरीकेडिंग की गई थी।
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