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जसराना में जनसमस्याएं जस की तस
राकेश अग्रवाल
Updated Sun, 29 Jan 2017 11:28 PM IST
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जसराना विधानसभा में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
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जनपद के अति पिछडे़ क्षेत्र में शुमार जसराना विधानसभा में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। पीने को मीठा पानी नहीं है तो नदी को भी ‘जुगाड़’ से पार किया जाता है। विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा देने के लिए इमारतों का निर्माण तो हुआ लेकिन सफेद हाथी बनकर यहां लोगों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। शासन-प्रशासन और जन प्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण यहां अभी तक लोगों को सूखा राहत का पैसा तक नहीं मिल सका है। सही मायने में जसराना विधानसभा क्षेत्र में समस्याएं जस की तस हैं।
जसराना विधानसभा में दर्जनों गांव आजादी के बाद से लेकर आज तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। नेताओं ने विकास के वायदे तो किए लेकिन ये महज वायदे साबित हुए। क्षेत्र के नगला गेहूं, पूंछरी, कछमई, नगला ढहर, रंधीरपुरा, आपूर सहित दर्जनों गांवों में संपर्क मार्ग की समस्या है। अतुर्रा से लगे गांव पूछरी में बारिश के दिनों में हालात नारकीय हो जाते हैं।। एका पाढ़म होकर बहने वाली अरिंद नदी पर रामपुर के पास पुल के निर्माण की मांग आजादी के बाद से हो रही है लेकिन कांग्रेस, सपा, भाजपा एवं बसपा सरकारों ने किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों की मानें तो पुल का निर्माण न होने से दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी होती है। नदी पर पेड़, एवं पोल आदि डालकर लोग आवागमन करते हैं। एटा, एका एवं पाढ़म आने के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण कई बार पुल बनवाने के लिए आंदोलन भी कर चुके हैं। करीब चार माह पूर्व भाकियू ने रामपुर पर पुल की मांग को लेकर महापंचायत भी की लेकिन समस्या जस की तस है। हाथवंत ब्लाक में खारे पानी की समस्या का निदान भी नहीं हो सका। पिछले चुनावों में ग्रामीणों ने वोट न देने एलान किया तो नेताओं में खलबली मच गई लेकिन बाद में नेताओं के आश्वासन पर वोट डाले गए लेकिन समस्या जस की तस रही। रोजगार के लिए क्षेत्र में कोई साधन नहीं है। एक फैक्ट्री खुली वो भी बंद हो गई। लोगों की मानें तो नेताओं ने कभी क्षेत्र में रोजगार पैदा करने के बारे में सोचा ही नहीं। वहीं चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकारों ने गांवों में इमारतें तो बनवाई लेकिन इमारतें सफेद हाथी साबित हुई। यहां न तो सुविधाएं और न हीं डाक्टर। युवाओं के खेलने के लिए बनाए गए स्टेडियम भी बदतर हालत में हैं।
अब तक के विधायक
1951 विष्णुदयाल वर्मा, निर्दलीय
1957 रामस्वरूप, कांग्रेस
1962 बलबीर सिंह, स्वराज पार्टी
1967 आरएस वर्मा, कांग्रेस
1969 रघुनाथ सिंह वर्मा, कांग्रेस
1974 बलबीर सिंह, बीकेडी
1977 बलबीर सिंह, जेएनपी
1980 विष्णुदयाल वर्मा, कांग्रेस
1985 बलबीर सिंह, एलकेडी
1989 रघुनाथ सिंह वर्मा, कांग्रेस
1991 जैदान सिंह, जनता दल
1993 रामवीर सिंह यादव, सपा
1996 रामवीर सिंह यादव, सपा
2002 रामवीर सिंह यादव, सपा
2007 रामप्रकाश यादव, निर्दलीय
2012 रामवीर सिंह यादव, सपा
उम्मीदवारों का एजेंडा
रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी (भाजपा)
- विकास से पिछडे गांवों का संपूर्ण विकास
- जसराना विधानसभा को गुण्डागर्दी, अत्याचार, भ्रष्टाचार से मुक्त कराना
- गरीबों की जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराना
- गरीबों, किसानों एवं युवाओं के लिए संचालित योजनाओं का पूरी इमानदारी के साथ क्त्रिस्यान्वयन कराने का प्रयास
शिवराज सिंह यादव (बीएसपी)
- वर्षों से बंद पडे बंबों को सिंचाई के लिए शुरु कराना
- जर्जर सड़कों को सुधारने का कार्य
- युवाओं के लिए क्षेत्र में ही रोजगार के साधन उपलब्ध कराने का प्रयास
-- शिक्षा के स्तर को उच्च स्तर तक ले जाने का प्रयास
शिवप्रताप सिंह यादव (एसपी)
- जर्जर सड़कों के लिए कार्य किया जाएगा
- प्रत्येक नागरिक के मान सम्मान के लिए कार्य करना उनकी प्राथमिकता है।
- घर पर बैठकर नहीं जनता के घर जाकर उनकी समस्यायों के निराकरण का प्रयास होगा।
- शिक्षा के लिए स्कूल-कालेज खोले जाएंगे
रामवीर सिंह यादव (लोकदल)
- गंाव गली खलिहानों के लिए कार्य करना
- अधूरे पडे कार्याें को पूरा कराने का प्रयास
- बिना किसी पूर्वाग्रह एवं भेदभाव के लोगों के हित के लिए कार्य किया जाएगा।
- जिन किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है उन्हें पूरा मुआवजा दिलाना।
विधानसभा क्षेत्र में थाने
कोतवाली जसराना, कोतवाली एका, कोतवाली फरिहा, थाना खैरगढ़
तहसील- जसराना, शिकोहाबाद। ब्लाक - जसराना, एका, हाथवंत
जसराना विधानसभा क्षेत्र में खास
जसराना में मां कामाख्या का मंदिर, पैढत में महाराज जखई का लगने वाला ऐतिहासिक मेला, फरिहा के मरसलगंज में जैन मंदिर।
ये हैं चुनाव मैदान में
रामगोपाल लोधी (भाजपा), शिवप्रताप सिंह यादव (सपा), शिवराज सिंह यादव (बसपा), रामवीर सिंह यादव (लोकदल), मुनेंद्र सिंह चौहान (सवर्ण दल)
कुल मतदाता - 339519
पुरुष - 185325
महिला - 154194
जसराना विधानसभा में दर्जनों गांव आजादी के बाद से लेकर आज तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। नेताओं ने विकास के वायदे तो किए लेकिन ये महज वायदे साबित हुए। क्षेत्र के नगला गेहूं, पूंछरी, कछमई, नगला ढहर, रंधीरपुरा, आपूर सहित दर्जनों गांवों में संपर्क मार्ग की समस्या है। अतुर्रा से लगे गांव पूछरी में बारिश के दिनों में हालात नारकीय हो जाते हैं।। एका पाढ़म होकर बहने वाली अरिंद नदी पर रामपुर के पास पुल के निर्माण की मांग आजादी के बाद से हो रही है लेकिन कांग्रेस, सपा, भाजपा एवं बसपा सरकारों ने किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों की मानें तो पुल का निर्माण न होने से दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी होती है। नदी पर पेड़, एवं पोल आदि डालकर लोग आवागमन करते हैं। एटा, एका एवं पाढ़म आने के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण कई बार पुल बनवाने के लिए आंदोलन भी कर चुके हैं। करीब चार माह पूर्व भाकियू ने रामपुर पर पुल की मांग को लेकर महापंचायत भी की लेकिन समस्या जस की तस है। हाथवंत ब्लाक में खारे पानी की समस्या का निदान भी नहीं हो सका। पिछले चुनावों में ग्रामीणों ने वोट न देने एलान किया तो नेताओं में खलबली मच गई लेकिन बाद में नेताओं के आश्वासन पर वोट डाले गए लेकिन समस्या जस की तस रही। रोजगार के लिए क्षेत्र में कोई साधन नहीं है। एक फैक्ट्री खुली वो भी बंद हो गई। लोगों की मानें तो नेताओं ने कभी क्षेत्र में रोजगार पैदा करने के बारे में सोचा ही नहीं। वहीं चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकारों ने गांवों में इमारतें तो बनवाई लेकिन इमारतें सफेद हाथी साबित हुई। यहां न तो सुविधाएं और न हीं डाक्टर। युवाओं के खेलने के लिए बनाए गए स्टेडियम भी बदतर हालत में हैं।
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अब तक के विधायक
1951 विष्णुदयाल वर्मा, निर्दलीय
1957 रामस्वरूप, कांग्रेस
1962 बलबीर सिंह, स्वराज पार्टी
1967 आरएस वर्मा, कांग्रेस
1969 रघुनाथ सिंह वर्मा, कांग्रेस
1974 बलबीर सिंह, बीकेडी
1977 बलबीर सिंह, जेएनपी
1980 विष्णुदयाल वर्मा, कांग्रेस
1985 बलबीर सिंह, एलकेडी
1989 रघुनाथ सिंह वर्मा, कांग्रेस
1991 जैदान सिंह, जनता दल
1993 रामवीर सिंह यादव, सपा
1996 रामवीर सिंह यादव, सपा
2002 रामवीर सिंह यादव, सपा
2007 रामप्रकाश यादव, निर्दलीय
2012 रामवीर सिंह यादव, सपा
उम्मीदवारों का एजेंडा
रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी (भाजपा)
- विकास से पिछडे गांवों का संपूर्ण विकास
- जसराना विधानसभा को गुण्डागर्दी, अत्याचार, भ्रष्टाचार से मुक्त कराना
- गरीबों की जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराना
- गरीबों, किसानों एवं युवाओं के लिए संचालित योजनाओं का पूरी इमानदारी के साथ क्त्रिस्यान्वयन कराने का प्रयास
शिवराज सिंह यादव (बीएसपी)
- वर्षों से बंद पडे बंबों को सिंचाई के लिए शुरु कराना
- जर्जर सड़कों को सुधारने का कार्य
- युवाओं के लिए क्षेत्र में ही रोजगार के साधन उपलब्ध कराने का प्रयास
-- शिक्षा के स्तर को उच्च स्तर तक ले जाने का प्रयास
शिवप्रताप सिंह यादव (एसपी)
- जर्जर सड़कों के लिए कार्य किया जाएगा
- प्रत्येक नागरिक के मान सम्मान के लिए कार्य करना उनकी प्राथमिकता है।
- घर पर बैठकर नहीं जनता के घर जाकर उनकी समस्यायों के निराकरण का प्रयास होगा।
- शिक्षा के लिए स्कूल-कालेज खोले जाएंगे
रामवीर सिंह यादव (लोकदल)
- गंाव गली खलिहानों के लिए कार्य करना
- अधूरे पडे कार्याें को पूरा कराने का प्रयास
- बिना किसी पूर्वाग्रह एवं भेदभाव के लोगों के हित के लिए कार्य किया जाएगा।
- जिन किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है उन्हें पूरा मुआवजा दिलाना।
विधानसभा क्षेत्र में थाने
कोतवाली जसराना, कोतवाली एका, कोतवाली फरिहा, थाना खैरगढ़
तहसील- जसराना, शिकोहाबाद। ब्लाक - जसराना, एका, हाथवंत
जसराना विधानसभा क्षेत्र में खास
जसराना में मां कामाख्या का मंदिर, पैढत में महाराज जखई का लगने वाला ऐतिहासिक मेला, फरिहा के मरसलगंज में जैन मंदिर।
ये हैं चुनाव मैदान में
रामगोपाल लोधी (भाजपा), शिवप्रताप सिंह यादव (सपा), शिवराज सिंह यादव (बसपा), रामवीर सिंह यादव (लोकदल), मुनेंद्र सिंह चौहान (सवर्ण दल)
कुल मतदाता - 339519
पुरुष - 185325
महिला - 154194