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रेहना में लोगों का मुश्किल है रहना

Thu, 16 Feb 2017 11:20 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद Updated Thu, 16 Feb 2017 11:20 PM IST
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Information that is difficult for people to live in
वार्ड नं. तीन में समस्याएं ही समस्याएं हैं।
कहने को विद्युत विभाग ने शहर की विद्युत व्यवस्था सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। इसके बावजूद वार्ड नंबर तीन रेहना की अधिकांश गलियों में न तो विद्युत पोल हैं और नहीं एलटी लाइन। वार्ड में सफाई व्यवस्था भी ध्वस्त है। इन सभी समस्याओं के साथ ही यहां के बाशिंदों को पेयजल संकट से भी जूझना पड़ता है। ऐेसे में यह कहा जाए कि रेहना में लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।
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शहर के वार्ड नंबर तीन के हालात कुछ ऐसी ही कहानी कह रहे हैं। आरएपी-डीआरपी योजना के तहत विद्युत विभाग द्वारा करोड़ों की धनराशि से शहर में नए विद्युत पोल और केबिलें डलवाई गईं। हालांकि शहर से सटी 13 ग्रामसभाओं को विद्युत विभाग ने तरजीह नहीं दी। कुछ स्थानों पर कार्य कराया लेकिन ठेकेदार आधा-अधूरा कार्य छोड़कर भाग गए। रेहना वार्ड के मोहल्लाें में हालात यह हैं कि हजारों कनेक्शन होने के बावजूद जनता दो-तीन किमी. से केबल खरीद कर लाते है, जिन्हें रात में चोर काटकर ले जाते हैं। कई बार कटी केबल सड़कों पर पड़ी रह जाती है, जिससे हादसे होते हैं। पूरे वार्ड में सफाई और पेयजल समस्या की स्थिति बेहद खराब है। हजारों की आबादी के ऊपर पूरे वार्ड में एक टंकी तक नहीं है। वर्षों पूर्व लगे हैंडपंप शोपीस बन चुके हैं।
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बाक्स--
वार्ड नं. तीन की आबादी- करीब 25 हजार
वार्ड नं. वोटर- 14,700

वार्ड में यह हैं प्रमुख समस्यायें
- वर्षों बाद भी वार्ड में दो दर्जन से अधिक कच्ची गलियों का नहीं हुआ निर्माण।
- जनता की प्यास बुझाने के लिए पेयजल का पर्याप्त इंतजाम नहीं।
- कर्मचारियों के न आने के कारण वार्ड की जनता स्वयं सफाई करने को मजबूर।
- स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण क्षेत्र में शाम होते ही छा जाता है अंधकार।

वार्ड नं. तीन के मोहल्ले
रेहना पुराना, अंबेडकर नगर, परशुराम कालोनी, ममता नगर, जमुना नगर, नई आबादी रेहना, न्यू रामगढ़, झलकारी नगर, बजरंग नगर, ककरऊ कोठी, गंगा नगर।

बोली जनता-
जमुना नगर निवासी हरिओम तिवारी कहते हैं कि मोहल्लों की सफाई व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। महीने भर में एक बार कर्मचारी आता है और वह भी कार्य के नाम पर खानापूरी कर भाग जाता है। ममता नगर निवासी उत्तम सिंह कहते हैं कि निगम की लापरवाही के कारण हम लोग खुद अपने हाथों से सफाई करते हैं। स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हैं। निगम में कोई सुनवाई नहीं होती। नई आबादी रेहना निवासी प्रेमवती ने बताया कि क्षेत्र में लगे हैंडपंप खराब पडे़ हैं। नलकूप से पानी आता है लेकिन उसका भी कोई समय निर्धारित नहीं है। गर्मी में परेशानी होती है। पुराना रेहना निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि नगर निगम सीमा में शामिल होने के बाद भी क्षेत्र में कच्ची गलियों पड़ी हैं। नगर निगम में कई बार शिकायत कर चुके हैं, परंतु वहां कोई नहीं सुनता।
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निर्वतमान सभासद की सुनिए
अपने कार्यकाल में मैंने पूरे वार्ड में कच्ची पड़ी गलियों का प्रमुखता से निर्माण कराया है। बोर्ड भंग होने के बाद क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक कच्ची गलियां पड़ी हैं। इनका निर्माण नहीं हो सका। पेयजल व्यवस्था के लिए क्षेत्र में 11 नलकूप लगवाए हैं। वार्ड में हजारों की आबादी पर मात्र आठ सफाई कर्मचारी हैं, जबकि यहां 50 कर्मचारियों की जरूरत है। निगम में कई बार लिखकर दे चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं होती।
गनपति सिंह शंखवार-निवर्तमान सभासद
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