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फैक्ट्री में श्रमिक की मौत पर हंगामा, काम बंद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 10 Aug 2015 11:07 PM IST
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फीरोजाबाद। फैक्ट्री में काम करते समय श्रमिक की मौत हो गई। मुआवजे की मांग को लेकर श्रमिकों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिवारीजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस के साथ श्रम विभाग के अधिकारी भी आ गए। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता पर ही शव फैक्ट्री से उठ सका।
सोमवार सुबह राजन सिंह (40) पुत्र जखराम सिंह निवासी दतावली थान मटसेना रसूलपुर स्थित एक ग्लास फैक्ट्री में काम कर रहा था। सुबह आठ बजे करीब उसकी तबीयत खराब हो गई और वह गिर पड़ा। श्रमिक उसको उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। श्रमिक शव को लेकर फैक्ट्री पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होते ही काम भी बंद हो गया। उधर श्रमिक की मौत की खबर परिजनों को लगी तो उनमें कोहराम मच गया और वह भी फैक्ट्री पहुंच गए। मामला बढ़ता देख फैक्ट्री मालिक ने पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष रसूलपुर के साथ श्रम विभाग के अधिकारी और श्रमिक नेता भी आ गए। श्रमिक नेताओं ने आक्रोशित श्रमिकों को शांत कराते हुए फैक्ट्री मालिक से वार्ता की। इस पर फैक्ट्री मालिक ने मृतक श्रमिक के परिजनों को मुआवजा राशि देने की घोषणा कर दी, तब कहीं जाकर मामला शांत हो सका और परिजन श्रमिक के शव का बिना पीएम कराए ही घर ले गए। थानाध्यक्ष रसूलपुर का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है।
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सोमवार सुबह राजन सिंह (40) पुत्र जखराम सिंह निवासी दतावली थान मटसेना रसूलपुर स्थित एक ग्लास फैक्ट्री में काम कर रहा था। सुबह आठ बजे करीब उसकी तबीयत खराब हो गई और वह गिर पड़ा। श्रमिक उसको उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। श्रमिक शव को लेकर फैक्ट्री पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होते ही काम भी बंद हो गया। उधर श्रमिक की मौत की खबर परिजनों को लगी तो उनमें कोहराम मच गया और वह भी फैक्ट्री पहुंच गए। मामला बढ़ता देख फैक्ट्री मालिक ने पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष रसूलपुर के साथ श्रम विभाग के अधिकारी और श्रमिक नेता भी आ गए। श्रमिक नेताओं ने आक्रोशित श्रमिकों को शांत कराते हुए फैक्ट्री मालिक से वार्ता की। इस पर फैक्ट्री मालिक ने मृतक श्रमिक के परिजनों को मुआवजा राशि देने की घोषणा कर दी, तब कहीं जाकर मामला शांत हो सका और परिजन श्रमिक के शव का बिना पीएम कराए ही घर ले गए। थानाध्यक्ष रसूलपुर का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है।
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