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Firozabad News: नामी चिकित्सकों का बोर्ड लगाकर नहीं चला सकेंगे अस्पताल
Thu, 27 Apr 2023 11:47 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 27 Apr 2023 11:47 PM IST
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फिरोजाबाद। नामी चिकित्सकों के बोर्ड लगाकर मरीजों को ठगने का गोरखधंधा चलाने वाले निजी अस्पतालों पर नकेल कसी जाएगी। लाइसेंस का नवीनीकरण कराने से लेकर नए अस्पताल के पंजीकरण तक में अब सभी के प्रपत्रों का ब्योरा ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इससे बड़े डाक्टरों का नाम फर्जी तौर पर इस्तेमाल करने वालों की पोल खुल जाएगी। पकड़े जाने पर स्वास्थ्य महकमा ऐसे संचालकों पर कार्रवाई भी करेगा।
जनपद में हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पॉलिक्लीनिक संचालकों ने लखनऊ,और दिल्ली एम्स तक के चिकित्सकों के नाम के बोर्ड लगा रखे हैं। हकीकत यह होती है कि जिन डाक्टरों के नाम दिए होते हैं उनकी जगह पर स्थानीय चिकित्सक ही उपचार करते हैं। अधिकांश अस्पतालों में बाहर के डॉक्टर नहीं आते हैं।
शासन ने इस बार निजी अस्पतालों के नवीनीकरण में नया नियम लागू कर दिया है। हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पॉलिक्लीनिक के नवीनीकरण के दौरान डॉक्टरों का नाम ऑनलाइन किए जाएंगे। नवीनीकरण की जांच के दौरान फर्जी तरीके से नामी डॉक्टरों का नाम बोर्ड पर लिखाने वालों का लाइसेंस निरस्त होगा।
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धड़ल्ले से चल रहे अवैध अस्पताल
जनपद में सैकड़ों अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं। शासन ने जिन अवैध अस्पतालों की सूची जारी की थी, उनको भी स्वाथ विभाग बंद नहीं करा सका। सिर्फ नोटिस देकर पल्ला झाड़ लिया।
अधिकांश नर्सिंग होम बाहरी चिकित्सकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। उनके स्थान पर स्थानीय डॉक्टर ही इलाज करते पाए जाते हैं। इस बार नवीनीकरण के दौरान ही ऐसे अस्पताल संचालकों का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। - डॉ. नरेंद्र कुमार, सीएमओ
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जनपद में हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पॉलिक्लीनिक संचालकों ने लखनऊ,और दिल्ली एम्स तक के चिकित्सकों के नाम के बोर्ड लगा रखे हैं। हकीकत यह होती है कि जिन डाक्टरों के नाम दिए होते हैं उनकी जगह पर स्थानीय चिकित्सक ही उपचार करते हैं। अधिकांश अस्पतालों में बाहर के डॉक्टर नहीं आते हैं।
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शासन ने इस बार निजी अस्पतालों के नवीनीकरण में नया नियम लागू कर दिया है। हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पॉलिक्लीनिक के नवीनीकरण के दौरान डॉक्टरों का नाम ऑनलाइन किए जाएंगे। नवीनीकरण की जांच के दौरान फर्जी तरीके से नामी डॉक्टरों का नाम बोर्ड पर लिखाने वालों का लाइसेंस निरस्त होगा।
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धड़ल्ले से चल रहे अवैध अस्पताल
जनपद में सैकड़ों अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं। शासन ने जिन अवैध अस्पतालों की सूची जारी की थी, उनको भी स्वाथ विभाग बंद नहीं करा सका। सिर्फ नोटिस देकर पल्ला झाड़ लिया।
अधिकांश नर्सिंग होम बाहरी चिकित्सकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। उनके स्थान पर स्थानीय डॉक्टर ही इलाज करते पाए जाते हैं। इस बार नवीनीकरण के दौरान ही ऐसे अस्पताल संचालकों का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। - डॉ. नरेंद्र कुमार, सीएमओ