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केमिकल रंग त्वचा की ले गए रंगत, पकवानों ने भी बिगाड़ी सेहत
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फिरोजाबाद। रंगो के त्योहार की मस्ती में सराबोर होने के बाद अब लोग बीमारियों की चपेट में है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की तादाद बढ़ गई है। केमिकल वाला रंग किसी को त्वचा रोग दे गए तो किसी की आंख दुख रही है। कुछ लोग पेटदर्द से परेशान हैं साथ ही बुखार ने भी लोगों को अपनी चपेट में लिया है। इसी के चलते बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही।
मेडिकल कॅालेज औसतन 350 से 400 के आसपास ओपीडी रहती है। बृहस्पतिवार को त्यौहार की छुट्टी के बाद जब जिला मेडिकल कॉलेज की ओपीडी खुली तो सुबह से ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग गई। करीब 750 लोगों ने पर्चे बनवाए। मेडिसिन में 312 मरीजों के पंजीयन हुए।
शिशु रोग विभाग में बच्चों की कतार लगी रही। चिकित्सकों ने बताया कि होली के पर्व पर अनियमित खानपान की वजह से लोग बड़ी संख्या में बीमार पड़ रहे हैं। बुखार, पेटदर्द, उल्टी-दस्त के मरीज अधिक हैं। बच्चों में डायरिया और निमोनिया के मामले भी सामने आ रहे हैं।
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आंख और त्वचा के मरीज बढ़े
केमिकल वाले रंगों के कारण अस्पताल के नेत्र और त्वचा रोग विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में ओपीडी 20 प्रतिशत तक ज्यादा रही। रंगों के दुष्प्रभाव के कारण 84 से ज्यादा मरीज आंखों में जलन, त्वचा पर दाने, त्वचा के लाल होने और खुजली की शिकायत लेकर पहुंचे। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ रही। साथ ही त्वचा रोग के भी करीब 160 मरीज आए।
त्योहार और मौसम परिवर्तन के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। बृहस्पतिवार को काफी भीड़ रही। दवाएं हमारे पास पर्याप्त संख्या में हैं। इसलिए मरीजों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई।
डा. आरके पांडेय - सीएमएस
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मेडिकल कॅालेज औसतन 350 से 400 के आसपास ओपीडी रहती है। बृहस्पतिवार को त्यौहार की छुट्टी के बाद जब जिला मेडिकल कॉलेज की ओपीडी खुली तो सुबह से ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग गई। करीब 750 लोगों ने पर्चे बनवाए। मेडिसिन में 312 मरीजों के पंजीयन हुए।
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शिशु रोग विभाग में बच्चों की कतार लगी रही। चिकित्सकों ने बताया कि होली के पर्व पर अनियमित खानपान की वजह से लोग बड़ी संख्या में बीमार पड़ रहे हैं। बुखार, पेटदर्द, उल्टी-दस्त के मरीज अधिक हैं। बच्चों में डायरिया और निमोनिया के मामले भी सामने आ रहे हैं।
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आंख और त्वचा के मरीज बढ़े
केमिकल वाले रंगों के कारण अस्पताल के नेत्र और त्वचा रोग विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में ओपीडी 20 प्रतिशत तक ज्यादा रही। रंगों के दुष्प्रभाव के कारण 84 से ज्यादा मरीज आंखों में जलन, त्वचा पर दाने, त्वचा के लाल होने और खुजली की शिकायत लेकर पहुंचे। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ रही। साथ ही त्वचा रोग के भी करीब 160 मरीज आए।
त्योहार और मौसम परिवर्तन के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। बृहस्पतिवार को काफी भीड़ रही। दवाएं हमारे पास पर्याप्त संख्या में हैं। इसलिए मरीजों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई।
डा. आरके पांडेय - सीएमएस