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कोरोना कॉल में मलेरिया, डेंगू को भूल गया स्वास्थ्य विभाग
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फिरोजाबाद। कोरोना कॉल में बारिश का मौसम शुरू होने की बाद भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू, मलेरिया के खतरे को भूल गया है। शायद यही वजह कि विभाग की ओर से अभी तक किसी भी सरकारी अस्पताल में अलग से डेंगू, मलेरिया वार्ड तैयार नहीं किया है। जबकि मलेरिया के शुरुआती सीजन में जनपद मे पांच केस मिल चुके हैं।
इस मौसम में सबसे ज्यादा चिंता मरीजों को बुखार, प्लेटलेट्स की कमी सहित अन्य बीमारियों की होती है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग अभी तक डेंगू, मलेरिया के लिए वार्ड भी तैयार नहीं कर पाया है। जबकि हर साल यह वार्ड अलग से तैयार किए जाते रहे हैं। बताया गया है कि कोरोना के चक्कर में विभाग मलेरिया और डेंगू के कहर को भूल चुका है।
सीएचसी में पर भी नहीं है इंतजाम
सीएचसी पर डेंगू, मलेरिया के मरीजों को भर्ती करने के लिए अलग से कोई इंतजाम नहीं है। जबकि देहात क्षेत्रों में इस समय बड़ी संख्या में बुखार फैलता है।
हमने मौखिक रूप से सभी अस्पतालों का कह दिया कि कोई मरीज आए, उसे भर्ती करके इलाज कराएं। जागरूकता अभियान भी चलाया गया है। कुछ पलंग आरक्षित कर दिए जाएंगे।
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डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
- पहले डेंगू, मलेरिया वार्ड बनता था, उनमें कोरोना संदिग्ध मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। जो अलग वार्ड हैं, उनमे ही हमने कुछ पलंग को आरक्षित कर दिया है। संक्रामक रोग बढ़ते हैं तो तत्काल इंतजाम कर लिया जाएगा। हमारे पास पर्याप्त व्यवस्था है।
डॉ. आलोक कुमार, प्रभारी सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
कैसे हो जांच, कोविड ड्यूटी में लगा स्टाफ
मलेरिया की जांच कैसे हो, चिकित्सक से लेकर जांच करने वाली टीमें कोविड-19 की ड्यूटी में लगी हुई हैं। पिछले वर्षों के मुकाबले 25 प्रतिशत भी स्लाइड मलेरिया और डेंगू की जांच के लिए नहीं बनाई गई हैं। जबकि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है।
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इस मौसम में सबसे ज्यादा चिंता मरीजों को बुखार, प्लेटलेट्स की कमी सहित अन्य बीमारियों की होती है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग अभी तक डेंगू, मलेरिया के लिए वार्ड भी तैयार नहीं कर पाया है। जबकि हर साल यह वार्ड अलग से तैयार किए जाते रहे हैं। बताया गया है कि कोरोना के चक्कर में विभाग मलेरिया और डेंगू के कहर को भूल चुका है।
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सीएचसी में पर भी नहीं है इंतजाम
सीएचसी पर डेंगू, मलेरिया के मरीजों को भर्ती करने के लिए अलग से कोई इंतजाम नहीं है। जबकि देहात क्षेत्रों में इस समय बड़ी संख्या में बुखार फैलता है।
हमने मौखिक रूप से सभी अस्पतालों का कह दिया कि कोई मरीज आए, उसे भर्ती करके इलाज कराएं। जागरूकता अभियान भी चलाया गया है। कुछ पलंग आरक्षित कर दिए जाएंगे।
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डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
- पहले डेंगू, मलेरिया वार्ड बनता था, उनमें कोरोना संदिग्ध मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। जो अलग वार्ड हैं, उनमे ही हमने कुछ पलंग को आरक्षित कर दिया है। संक्रामक रोग बढ़ते हैं तो तत्काल इंतजाम कर लिया जाएगा। हमारे पास पर्याप्त व्यवस्था है।
डॉ. आलोक कुमार, प्रभारी सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
कैसे हो जांच, कोविड ड्यूटी में लगा स्टाफ
मलेरिया की जांच कैसे हो, चिकित्सक से लेकर जांच करने वाली टीमें कोविड-19 की ड्यूटी में लगी हुई हैं। पिछले वर्षों के मुकाबले 25 प्रतिशत भी स्लाइड मलेरिया और डेंगू की जांच के लिए नहीं बनाई गई हैं। जबकि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है।