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UP: 30 से अधिक आयु वालों की फ्री हेल्थ जांच... बनेगी डिजिटल स्वास्थ्य कुंडली, 80 बिंदुओं पर होगी स्क्रीनिंग
Sat, 10 Jan 2026 10:27 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 10 Jan 2026 10:27 AM IST
सार
30 से अधिक आयु वाले महिला-पुरुषों की स्वास्थ्य कुंडली तैयार की जाएगी। उनकीं पांच प्रकार की जांच निशुल्क की जाएंगी। इसके साथ ही 80 बिंदुओं पर स्क्रीनिंग होगी।
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मेडिकल कॉलेज
- फोटो : katra news
विस्तार
गैर संचारी रोग, कैंसर, मधुमेह व अन्य गंभीर बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग नई पहल शुरू करेगा। स्वास्थ्य विभाग अब 30 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों के सेहत की जांच निशुल्क कराएगा। साथ ही गंभीर बीमारी वाले मरीजों का विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इनकी 80 बिंदुओं पर स्क्रीनिंग होगी और 5 प्रकार की हो रहीं जांच होंगी। जांच में रोग ग्रसित पाए जाने पर मरीज का सरकार आजीवन निशुल्क उपचार कराएगी
बदलते समय में अब कम उम्र में ही लोग कैंसर, डायटबिटीज, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक्स सहित अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जागरूकता के अभाव में मरीज नियमित अपने सेहत की जांच नहीं कराते हैं। ऐसे में आगे चलकर यह समस्या गंभीर हो जाती है। इस समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब गैर संचारी रोग व अन्य बीमारियों का पता लगाने के लिए 30 वर्ष और इससे अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों की विशेष जांच कराया जाएगा। अभियान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जांच, उपचार और ‘फॉलो-अप’ का डेटा प्रतिदिन एनपी-एनसीडी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
मिलेगा फ्री उपचार
एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी घर-घर जाकर 30 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। वह यह डाटा अपने क्षेत्र के संबंधित कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को सौंप देंगी। सीएचओ उस डाटा का परीक्षण करेंगे और ओरल कैंसर, सर्वाइकल कैंसर ब्रेस्ट कैंसर, हाइपरटेंशन, डायबिटीज की जांच कराएंगे, जो भी लोग संक्रमित पाए जाएंगे, उनको आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से निशुल्क हर माह दवाएं मिलेंगी। जिन लोगों के घर पर आशा या आंगनबाड़ी नहीं पहुंच पाती हैं, वह खुद आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में जाकर अपनी जांच करा सकते हैं। उन्हें भी निशुल्क उपचार का लाभ मिलेगा।
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जिले को निरोगी बनाने का लक्ष्य
एसीएमओ डा. पवन कुमार ने बताया कि यह प्रोग्राम जिले को निरोगी बनाने के लिए है। इसके तहत, जो भी डाटा सामने आएगा, स्वास्थ्य विभाग उसके हिसाब से भविष्य के लिए तैयार रहेगा। अगर डायबिटीज के अधिक मरीज सामने आएंगे तो लोगों को खान-पान में बदलाव आदि की सलाह देते हुए इससे बचाने पर काम किया जाएगा।
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बदलते समय में अब कम उम्र में ही लोग कैंसर, डायटबिटीज, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक्स सहित अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जागरूकता के अभाव में मरीज नियमित अपने सेहत की जांच नहीं कराते हैं। ऐसे में आगे चलकर यह समस्या गंभीर हो जाती है। इस समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब गैर संचारी रोग व अन्य बीमारियों का पता लगाने के लिए 30 वर्ष और इससे अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों की विशेष जांच कराया जाएगा। अभियान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जांच, उपचार और ‘फॉलो-अप’ का डेटा प्रतिदिन एनपी-एनसीडी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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मिलेगा फ्री उपचार
एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी घर-घर जाकर 30 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। वह यह डाटा अपने क्षेत्र के संबंधित कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को सौंप देंगी। सीएचओ उस डाटा का परीक्षण करेंगे और ओरल कैंसर, सर्वाइकल कैंसर ब्रेस्ट कैंसर, हाइपरटेंशन, डायबिटीज की जांच कराएंगे, जो भी लोग संक्रमित पाए जाएंगे, उनको आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से निशुल्क हर माह दवाएं मिलेंगी। जिन लोगों के घर पर आशा या आंगनबाड़ी नहीं पहुंच पाती हैं, वह खुद आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में जाकर अपनी जांच करा सकते हैं। उन्हें भी निशुल्क उपचार का लाभ मिलेगा।
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जिले को निरोगी बनाने का लक्ष्य
एसीएमओ डा. पवन कुमार ने बताया कि यह प्रोग्राम जिले को निरोगी बनाने के लिए है। इसके तहत, जो भी डाटा सामने आएगा, स्वास्थ्य विभाग उसके हिसाब से भविष्य के लिए तैयार रहेगा। अगर डायबिटीज के अधिक मरीज सामने आएंगे तो लोगों को खान-पान में बदलाव आदि की सलाह देते हुए इससे बचाने पर काम किया जाएगा।