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टूंडला में खाद्य विभाग का बड़ा छापा: रिफाइंड से बन रहा था नकली घी, आगरा के मनकामेश्वर मंदिर में भी सप्लाई
Sat, 20 Jun 2026 08:23 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 20 Jun 2026 08:23 PM IST
सार
कारोबारी ने बहाना बनाते हुए कहा कि तैयार उत्पाद खाद्य उपयोग के लिए नहीं है और इसका इस्तेमाल अन्य कार्यों में किया जाता है। हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि तैयार माल की आपूर्ति बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में की जाती थी।
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टीम ने पकड़ा नकली घी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने टूंडला में नकली घी के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। चूल्हावली रोड स्थित एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने रिफाइंड तेल और विभिन्न प्रकार के एसेंस से तैयार किया जा रहा संदिग्ध घी पकड़ा। मौके से करीब 5.40 लाख रुपये कीमत का 34 टीन घी जब्त कर सीज कर दिया गया है। मामले में आरोपी कारोबारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर चल रहे विशेष अभियान के तहत सहायक आयुक्त (खाद्य) चंदन पांडे के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान मस्जिद रोड, टूंडला निवासी विवेक गुप्ता प्रतिष्ठान पर घी निर्माण का कार्य करते मिला। जांच में टीम ने पाया कि रिफाइंड तेल और विभिन्न एसेंस का उपयोग कर घी तैयार किया जा रहा था।
पूछताछ में सामने आई सप्लाई की कहानी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में कारोबारी ने बहाना बनाते हुए कहा कि तैयार उत्पाद खाद्य उपयोग के लिए नहीं है और इसका इस्तेमाल अन्य कार्यों में किया जाता है। हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि तैयार माल की आपूर्ति बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में की जाती थी। कारोबारी ने स्वयं बताया कि आगरा के मनकामेश्वर मंदिर में भी सप्लाई होती थी। इससे विभाग को बड़े स्तर पर सप्लाई नेटवर्क संचालित होने की आशंका है।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर चल रहे विशेष अभियान के तहत सहायक आयुक्त (खाद्य) चंदन पांडे के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान मस्जिद रोड, टूंडला निवासी विवेक गुप्ता प्रतिष्ठान पर घी निर्माण का कार्य करते मिला। जांच में टीम ने पाया कि रिफाइंड तेल और विभिन्न एसेंस का उपयोग कर घी तैयार किया जा रहा था।
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पूछताछ में सामने आई सप्लाई की कहानी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में कारोबारी ने बहाना बनाते हुए कहा कि तैयार उत्पाद खाद्य उपयोग के लिए नहीं है और इसका इस्तेमाल अन्य कार्यों में किया जाता है। हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि तैयार माल की आपूर्ति बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में की जाती थी। कारोबारी ने स्वयं बताया कि आगरा के मनकामेश्वर मंदिर में भी सप्लाई होती थी। इससे विभाग को बड़े स्तर पर सप्लाई नेटवर्क संचालित होने की आशंका है।
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34 टीन घी और एसेंस के नमूने लिए
छापेमारी के दौरान टीम ने घी के दो नमूने और एसेंस का एक सर्विलांस नमूना संग्रहित किया। इसके अलावा 15-15 लीटर क्षमता की 34 टीनों में भरे घी को जब्त कर सीज कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार जब्त माल की अनुमानित कीमत करीब 5.40 लाख रुपये है। सभी नमूनों को विशेष वाहक के माध्यम से त्वरित जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर आरोपी को छह वर्ष या उससे अधिक की सजा का सामना करना पड़ सकता है। -चंदन पांडेय, सहायक आयुक्त
छापेमारी के दौरान टीम ने घी के दो नमूने और एसेंस का एक सर्विलांस नमूना संग्रहित किया। इसके अलावा 15-15 लीटर क्षमता की 34 टीनों में भरे घी को जब्त कर सीज कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार जब्त माल की अनुमानित कीमत करीब 5.40 लाख रुपये है। सभी नमूनों को विशेष वाहक के माध्यम से त्वरित जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर आरोपी को छह वर्ष या उससे अधिक की सजा का सामना करना पड़ सकता है। -चंदन पांडेय, सहायक आयुक्त