फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Five lakh bangle workers worried about their future

Firozabad News: पांच लाख चूड़ी मजदूर भविष्य के लिए चिंतित

Mon, 30 Mar 2026 11:57 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Mon, 30 Mar 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
Five lakh bangle workers worried about their future
फिरोजाबाद। कांच और चूड़ी उद्योग की गैस आपूर्ति में भारी कटौती और श्रमिकों के शोषण के विरुद्ध सोमवार को कांच एवं चूड़ी मजदूर सभा ने हुंकार भरी। महामंत्री रामदास मानव के नेतृत्व में दर्जनों श्रमिकों ने सहायक श्रम आयुक्त यशवंत कुमार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन

ज्ञापन में कहा है कि गेल द्वारा गैस आपूर्ति में 35 फीसदी तक की कटौती की गई है। इसके कारण शहर की लगभग 80 से अधिक चूड़ी इकाइयां बंद होने की कगार पर हैं। महामंत्री ने बताया कि उत्पादन घटने से न केवल फैक्टरी मजदूर, बल्कि घर-घर में जुड़ाई, सदाई और छटाई का काम करने वाले लगभग 5 लाख कामगारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वर्तमान में 20 श्रमिकों की टीम को 100 तोड़ा तैयार करने पर मात्र 3250 रुपये मिल रहे हैं, जो न्यूनतम वेतन से बेहद कम है। मिट्टी का तेल न मिलने के कारण मजदूर प्रतिबंधित मिनरल टेम्परटाइल ऑयल (एमटीओ) का प्रयोग करने को मजबूर हैं। इससे अब तक 400 से ज्यादा श्रमिक झुलस चुके हैं और 17 की जान जा चुकी है। 1500 डिग्री सेल्सियस तापमान में काम करने के कारण दमा, टीबी और आंखों की रोशनी जाने जैसी समस्याएं आम हो गई हैं, लेकिन अधिकांश श्रमिक ईएसआई जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। गेल द्वारा की गई गैस कटौती को तुरंत बहाल किया जाए। 12 नवंबर 1982 के आधार पर वर्तमान महंगाई को देखते हुए नया शासनादेश जारी हो। मजदूरी की दरों में 50 प्रतिशत की वृद्धि कर भुगतान सीधे बैंक खातों में किया जाए। जुड़ाई मजदूरों को सुरक्षित ईंधन (केरोसिन) या व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। सभी पात्र मजदूरों को ईएसआई और ईपीएफ के दायरे में लाकर विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। ज्ञापन सौंपने वालों में मुकेश नेताजी, नंदू शंखवार, नरेश बरौलिया, पूर्व पार्षद हेतसिंह शंखवार, हाकिम सिंह निमोरिया और शिव कुमार शंखवार आदि रहे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन और सेवायोजकों ने मांगों पर संवेदनशीलता से विचार नहीं किया, तो सुहाग नगरी के मजदूर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed