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Firozabad News: सर्दियां शुरु होते ही हांफने लगा दिल, सरकारी अस्पतालाें में नहीं कार्डियोलॉजिस्ट
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फोटो 8 सरकारी ट्रामा सेंटर। संवाद
फिरोजाबाद। ठंड का मौसम शुरू होते ही हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में तेजी आ जाती है। लेकिन स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति चिंता बढ़ाती है। हर रोज दिल की बीमारी लेकर 10 से 15 मरीज पहुंच रहे हैं, गंभीर स्थिति होने पर रेफर कर दिए जाते हैं। कॉलेज को शुरू हुए लगभग छह साल हो चुके हैं, फिर भी यहां अब तक कोई कार्डियोलॉजिस्ट तैनात नहीं किया गया है।
अस्पताल में ईसीजी और कुछ खून जांच की सुविधा मौजूद है, लेकिन गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक ईको टेस्ट या सर्जरी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे मरीजों को मजबूरी में तुरंत रेफर करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी कई हार्ट मरीज मेडिकल कॉलेज भेजे जाते हैं, लेकिन समय पर विशेषज्ञ उपचार न मिलने से कई बार रास्ते में ही जान चली जाती है। मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट की कमी के कारण मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ देखभाल नहीं मिल पा रही है। फिलहाल फिजिशियन ही प्राथमिक उपचार देकर स्थिति संभालते हैं।
हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण
सीने में तेज दर्द या भारीपन
सांस लेने में दिक्कत
अचानक पसीना आना
दिल की धड़कन का तेज होना
बाएं हाथ, कंधे या जबड़े में दर्द या अकड़न
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
- फिलहाल हृदय रोगियों का उपचार फिजिशियन द्वारा किया जा रहा है। ईसीजी की सुविधा उपलब्ध है। जैसे जैसे मेडिकल कॉलेज का चरण बढे़गा, वैसे ही विशेषज्ञों की संख्या बढ़ जाएगी।
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डा. योगेश गोयल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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अस्पताल में ईसीजी और कुछ खून जांच की सुविधा मौजूद है, लेकिन गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक ईको टेस्ट या सर्जरी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे मरीजों को मजबूरी में तुरंत रेफर करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी कई हार्ट मरीज मेडिकल कॉलेज भेजे जाते हैं, लेकिन समय पर विशेषज्ञ उपचार न मिलने से कई बार रास्ते में ही जान चली जाती है। मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट की कमी के कारण मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ देखभाल नहीं मिल पा रही है। फिलहाल फिजिशियन ही प्राथमिक उपचार देकर स्थिति संभालते हैं।
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हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण
सीने में तेज दर्द या भारीपन
सांस लेने में दिक्कत
अचानक पसीना आना
दिल की धड़कन का तेज होना
बाएं हाथ, कंधे या जबड़े में दर्द या अकड़न
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
- फिलहाल हृदय रोगियों का उपचार फिजिशियन द्वारा किया जा रहा है। ईसीजी की सुविधा उपलब्ध है। जैसे जैसे मेडिकल कॉलेज का चरण बढे़गा, वैसे ही विशेषज्ञों की संख्या बढ़ जाएगी।
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डा. योगेश गोयल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज