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Firozabad News: पत्नी-बेटी के भरण-पोषण के लिए देने होंगे 18 हजार
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फिरोजाबाद। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरविंद कुमार सिंह-2 की कोर्ट ने इन्फोसिस कंपनी में कार्यरत इंजीनियर को अपनी पत्नी और मासूम बेटी के भरण-पोषण के लिए 18 हजार रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने यह आदेश पत्नी की ओर से लगाए गए शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न और दहेज की मांग के आरोपों के आधार पर दिया है।
कैलाश नगर निवासी क्षमा शुक्ला की शादी नवंबर 2019 में टीचर्स कॉलोनी, मथुरा निवासी शिवम शुक्ला के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी में पिता ने 26 लाख रुपये खर्च किए, फिर भी ससुराल पक्ष 10 लाख रुपये की मांग कर प्रताड़ित करता था। गर्भवती होने के दौरान भी उसे शारीरिक चोटें पहुंचाई गईं और जलाने का प्रयास किया गया। अगस्त 2023 में पति उसे और उसकी दुधमुंही बेटी वान्या को घर से निकाल दिया जिसके बाद से वह मायके में रह रही है। मामले की सुनवाई के दौरान विपक्षी पति शिवम शुक्ला ने न्यायालय में शपथ पत्र देकर खुद को बेरोजगार बताया। हालांकि, पत्नी ने साक्ष्य पेश किए कि वह इन्फोसिस में सीनियर एसोसिएट कंसल्टेंट के पद पर कार्यरत है। न्यायालय द्वारा कंपनी से मंगाई गई आख्या में पुष्टि हुई कि जनवरी 2025 में उसका कुल मासिक वेतन 56,841 था।
प्रधान न्यायाधीश अरविंद कुमार सिंह-2 ने दोनों पक्षों की स्थिति को देखते हुए आदेश दिया कि पति अपनी पत्नी को 15 हजार और बेटी को 3 हजार, कुल 18 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण के रूप में याचिका दाखिल करने की तिथि 4 दिसंबर 2023 से भुगतान करे।
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कैलाश नगर निवासी क्षमा शुक्ला की शादी नवंबर 2019 में टीचर्स कॉलोनी, मथुरा निवासी शिवम शुक्ला के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी में पिता ने 26 लाख रुपये खर्च किए, फिर भी ससुराल पक्ष 10 लाख रुपये की मांग कर प्रताड़ित करता था। गर्भवती होने के दौरान भी उसे शारीरिक चोटें पहुंचाई गईं और जलाने का प्रयास किया गया। अगस्त 2023 में पति उसे और उसकी दुधमुंही बेटी वान्या को घर से निकाल दिया जिसके बाद से वह मायके में रह रही है। मामले की सुनवाई के दौरान विपक्षी पति शिवम शुक्ला ने न्यायालय में शपथ पत्र देकर खुद को बेरोजगार बताया। हालांकि, पत्नी ने साक्ष्य पेश किए कि वह इन्फोसिस में सीनियर एसोसिएट कंसल्टेंट के पद पर कार्यरत है। न्यायालय द्वारा कंपनी से मंगाई गई आख्या में पुष्टि हुई कि जनवरी 2025 में उसका कुल मासिक वेतन 56,841 था।
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प्रधान न्यायाधीश अरविंद कुमार सिंह-2 ने दोनों पक्षों की स्थिति को देखते हुए आदेश दिया कि पति अपनी पत्नी को 15 हजार और बेटी को 3 हजार, कुल 18 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण के रूप में याचिका दाखिल करने की तिथि 4 दिसंबर 2023 से भुगतान करे।
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