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UP: 19 वर्षीय बेटा बन बैठा कातिल...इस वजह से मां को कुल्हाड़ी से काट डाला, पिता ने कर ली थी आत्महत्या
Wed, 03 Dec 2025 10:28 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 03 Dec 2025 10:28 AM IST
सार
फिरोजाबाद के नारखी थाना क्षेत्र के गढ़ी गड़रिया गांव में 19 वर्षीय बेटे हर्ष ने अपनी मां मिथिलेशकी फावड़े से काटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस देर रात तक जुटी रही।
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मृतका का फाइल फोटो और मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
फिरोजाबाद के नारखी थाना क्षेत्र के गढ़ी गड़रिया गांव में मंगलवार देर शाम 19 वर्षीय बेटे हर्ष द्वारा अपनी मां मिथिलेश (45) की फावड़े से काटकर की गई हत्या ने संपत्ति विवाद और पारिवारिक कलह के एक लंबे अध्याय को बंद कर दिया। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड की जड़ 50 बीघा से अधिक पैतृक संपत्ति और आठ साल पहले शुरू हुआ विवाद है।
पुलिस को परिवार के लोगों ने बताया कि मिथिलेश के चाल-चलन पर उनके पति ललित को शक था। इसके अलावा, मिथिलेश संपत्ति बेचकर रुपये देने का दबाव भी ललित पर बनाती थीं। इसी कलह और दबाव के कारण पेशे से किसान ललित ने दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी। ललित की मौत के बाद मिथिलेश अपनी सास और फिर बच्चों पर पति की संपत्ति बेचकर अपना हिस्सा देने का दबाव बनाती थी। आठ साल पहले घर छोड़कर जाने के बाद मिथिलेश एटा की आंबेडकर नगर कॉलोनी में अपने मायके में रहती थीं और दिल्ली में काम करने लगी थीं।
गांव में आना-जाना था
मायके में रहने के दौरान भी उनका गांव आना-जाना लगा रहता था। मिथिलेश के घर छोड़कर जाने के दौरान वह अपने साथ अपनी बड़ी बेटी को ले गई थीं, जिसकी बाद में उन्होंने शादी की थी। बाकी के चारों बच्चे जिनमें दो अविवाहित बेटी और दो अविवाहित बेटे शामिल हैं, वह गांव में अपनी दादी के पास रहते हैं।
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पुलिस को परिवार के लोगों ने बताया कि मिथिलेश के चाल-चलन पर उनके पति ललित को शक था। इसके अलावा, मिथिलेश संपत्ति बेचकर रुपये देने का दबाव भी ललित पर बनाती थीं। इसी कलह और दबाव के कारण पेशे से किसान ललित ने दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी। ललित की मौत के बाद मिथिलेश अपनी सास और फिर बच्चों पर पति की संपत्ति बेचकर अपना हिस्सा देने का दबाव बनाती थी। आठ साल पहले घर छोड़कर जाने के बाद मिथिलेश एटा की आंबेडकर नगर कॉलोनी में अपने मायके में रहती थीं और दिल्ली में काम करने लगी थीं।
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गांव में आना-जाना था
मायके में रहने के दौरान भी उनका गांव आना-जाना लगा रहता था। मिथिलेश के घर छोड़कर जाने के दौरान वह अपने साथ अपनी बड़ी बेटी को ले गई थीं, जिसकी बाद में उन्होंने शादी की थी। बाकी के चारों बच्चे जिनमें दो अविवाहित बेटी और दो अविवाहित बेटे शामिल हैं, वह गांव में अपनी दादी के पास रहते हैं।
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