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Firozabad News: बीडीएम गर्ल्स डिग्री कॉलेज में वित्तीय अनियमितता का खुलासा
Sat, 10 Oct 2026 11:37 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 10 Oct 2026 11:37 PM IST
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शिकोहाबाद। बीडीएम गर्ल्स डिग्री कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन से काटे गए आयकर की धनराशि को सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय अन्य खातों में स्थानांतरित किए जाने का खुलासा आरटीआई के माध्यम से हुआ है।
कॉलेज प्रशासन की ओर से 23 फरवरी 2017 को जारी पत्रांक में लिपिक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पत्र के अनुसार, 29 अगस्त 2009 को नियुक्त लिपिक को पूर्व प्राचार्य डॉ. पदमा शर्मा द्वारा 21 अक्तूबर 2009 को वेतन बिल का कार्यभार सौंपा गया था। वेतन बिल तैयार करने, उन्हें स्वीकृत कराने और चेक सहित दस्तावेज के रखरखाव की जिम्मेदारी उन्हीं की थी।
आरटीआई से मिले जवाबों के अनुसार, आयकर के चेकों पर निर्धारित अधिकारियों के हस्ताक्षर होने के बाद वे लिपिक की अभिरक्षा में रहते थे। इन सभी चेकों पर कूटरचित ढंग से कृषि विकास शाखा अंकित पाया गया है। चेक के पीछे की गई टिप्पणी के नीचे वित्त एवं लेखा अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर धनराशि बचत खाताें में भेजे जाने का दावा किया गया है। लेखाधिकारी द्वारा इन हस्ताक्षरों को फर्जी ठहराए जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने लिपिक को आयकर की ब्याज तत्काल सरकारी खातों में जमा करने के निर्देश दिए थे।
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इस मामले की हमें कोई जानकारी नहीं है। जांच टीम अपनी जांच कर संबंधित अधिकारियों को भेजेगी।
- डॉ. गीता यादवेंदु, प्राचार्य, बीडीएम डिग्री कॉलेज, शिकोहाबाद
इस मामले में पत्रावलियों की जांच करवा रही हूं। यदि मेरे कार्यालय से कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांचकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुदिता पांडेय, डीआईओएस
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कॉलेज प्रशासन की ओर से 23 फरवरी 2017 को जारी पत्रांक में लिपिक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पत्र के अनुसार, 29 अगस्त 2009 को नियुक्त लिपिक को पूर्व प्राचार्य डॉ. पदमा शर्मा द्वारा 21 अक्तूबर 2009 को वेतन बिल का कार्यभार सौंपा गया था। वेतन बिल तैयार करने, उन्हें स्वीकृत कराने और चेक सहित दस्तावेज के रखरखाव की जिम्मेदारी उन्हीं की थी।
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आरटीआई से मिले जवाबों के अनुसार, आयकर के चेकों पर निर्धारित अधिकारियों के हस्ताक्षर होने के बाद वे लिपिक की अभिरक्षा में रहते थे। इन सभी चेकों पर कूटरचित ढंग से कृषि विकास शाखा अंकित पाया गया है। चेक के पीछे की गई टिप्पणी के नीचे वित्त एवं लेखा अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर धनराशि बचत खाताें में भेजे जाने का दावा किया गया है। लेखाधिकारी द्वारा इन हस्ताक्षरों को फर्जी ठहराए जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने लिपिक को आयकर की ब्याज तत्काल सरकारी खातों में जमा करने के निर्देश दिए थे।
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इस मामले की हमें कोई जानकारी नहीं है। जांच टीम अपनी जांच कर संबंधित अधिकारियों को भेजेगी।
- डॉ. गीता यादवेंदु, प्राचार्य, बीडीएम डिग्री कॉलेज, शिकोहाबाद
इस मामले में पत्रावलियों की जांच करवा रही हूं। यदि मेरे कार्यालय से कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांचकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुदिता पांडेय, डीआईओएस