{"_id":"57b761164f1c1bfe136eb393","slug":"fake-body-tried-to-grab-the-poor-earnings","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी संस्था खोल गरीबों की कमाई हड़पने की कोशिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी संस्था खोल गरीबों की कमाई हड़पने की कोशिश
Amar Ujala
Updated Sat, 20 Aug 2016 01:15 AM IST
विज्ञापन
फर्जी संस्था खोल गरीबों की कमाई हड़पने की कोशिश
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीड़ितों की शिकायत पर एसपी सिटी ने की कार्रवाई
चार माह में लोगों से वसूल किए थे करीब दस हजार
आरोपियों ने फर्जी संस्था बनाकर तीन पीड़ितों से करीब दस हजार रुपये की रकम भी वसूल ली। लोगों से वसूले गए रुपये को पुलिस ने संस्था द्वारा वापस करा दिए। साथ ही संस्था संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहल्ला सरजीवन नगर निवासी मित्तल बाबू द्वारा चार माह पूर्व मातृ छाया स्वयं सहायता समूह के नाम से संस्था खोली थी। इस संस्था ने दुर्गानगर निवासी सोनी दिवाकर, सावित्री देवी और हाजीपुरा निवासी शंहशाह से किस्तों में करीब दस हजार रुपये वसूल लिए। इसके एवज में जमा धनराशि पर दस प्रतिशत की दर से ब्याज देने को कहा गया। पीड़ितों को संस्था पर शक हुआ तो उन्होंने रसूलपुर पुलिस से शिकायत कर रुपये वापस दिलाने की मांग की। रसूलपुर पुलिस ने मामला सूदखोरों की पंचायत में रखा और एसपी सिटी संजीव वाजपेयी को जानकारी दी। पुलिस ने संस्था संचालक को आफिस बुलाकर पूछताछ की तो वह संस्था से जुड़े कोई कागज नहीं दिखा सका। इस पर एसपी सिटी नेे संस्था संचालक से पीड़ितों के रुपये वापस करने तथा संस्था बंद करने के आदेश जारी किए। इसके बाद भी संस्था द्वारा पीड़ितों के रुपये वापस नहीं किए गए। इस पर रसूलपुर थाने में तैनात एसआई उमर फारुख ने संस्था मैनेजर को पकड़ लिया और एसपी सिटी के समक्ष पेश किया। यहां उसके द्वारा पीड़ितों को चेक दिए गए लेकिन पीड़ितों ने चेक लेने से इनकार कर दिया। इस पर एसपी सिटी ने आरोपी संस्था संचालक और मैनेजर को नकद रुपये पीड़ितों को देने के निर्देश दिए अन्यथा कार्रवाई कर जेल भेजने की चेतावनी दी। एसपी सिटी संजीव वाजपेयी ने बताया कि संस्था फर्जी थी, जो गरीबों के रुपये लेकर भाग सकती थी। समय रहते सूचना मिली थी इसलिए कार्रवाई की गई है। यदि पीड़ितों को रुपये नहीं मिलते है तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।
विज्ञापन
चार माह में लोगों से वसूल किए थे करीब दस हजार
आरोपियों ने फर्जी संस्था बनाकर तीन पीड़ितों से करीब दस हजार रुपये की रकम भी वसूल ली। लोगों से वसूले गए रुपये को पुलिस ने संस्था द्वारा वापस करा दिए। साथ ही संस्था संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहल्ला सरजीवन नगर निवासी मित्तल बाबू द्वारा चार माह पूर्व मातृ छाया स्वयं सहायता समूह के नाम से संस्था खोली थी। इस संस्था ने दुर्गानगर निवासी सोनी दिवाकर, सावित्री देवी और हाजीपुरा निवासी शंहशाह से किस्तों में करीब दस हजार रुपये वसूल लिए। इसके एवज में जमा धनराशि पर दस प्रतिशत की दर से ब्याज देने को कहा गया। पीड़ितों को संस्था पर शक हुआ तो उन्होंने रसूलपुर पुलिस से शिकायत कर रुपये वापस दिलाने की मांग की। रसूलपुर पुलिस ने मामला सूदखोरों की पंचायत में रखा और एसपी सिटी संजीव वाजपेयी को जानकारी दी। पुलिस ने संस्था संचालक को आफिस बुलाकर पूछताछ की तो वह संस्था से जुड़े कोई कागज नहीं दिखा सका। इस पर एसपी सिटी नेे संस्था संचालक से पीड़ितों के रुपये वापस करने तथा संस्था बंद करने के आदेश जारी किए। इसके बाद भी संस्था द्वारा पीड़ितों के रुपये वापस नहीं किए गए। इस पर रसूलपुर थाने में तैनात एसआई उमर फारुख ने संस्था मैनेजर को पकड़ लिया और एसपी सिटी के समक्ष पेश किया। यहां उसके द्वारा पीड़ितों को चेक दिए गए लेकिन पीड़ितों ने चेक लेने से इनकार कर दिया। इस पर एसपी सिटी ने आरोपी संस्था संचालक और मैनेजर को नकद रुपये पीड़ितों को देने के निर्देश दिए अन्यथा कार्रवाई कर जेल भेजने की चेतावनी दी। एसपी सिटी संजीव वाजपेयी ने बताया कि संस्था फर्जी थी, जो गरीबों के रुपये लेकर भाग सकती थी। समय रहते सूचना मिली थी इसलिए कार्रवाई की गई है। यदि पीड़ितों को रुपये नहीं मिलते है तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।
विज्ञापन