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टॉमा सेंटर से डिप्टी सीएम के जाते ही फिर बदहाल हुईं व्यवस्थाएं
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टॉमा सेंटर से डिप्टी सीएम के जाते ही फिर बदहाल हुईं व्यवस्थाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। इस दौरान व्यवस्थाएं बेहतर मिलीं। 11.55 बजे उनके जाने के करीब एक घंटे बाद भी फिर पुरानी स्थिति आ गई। बेडों पर एक मरीज की बजाय दो लिटा दिए गए। वहीं कई मरीज उपचार के लिए भी परेशान दिखे।
डिप्टी सीएम के आगमन को लेकर मेडिकल कॉलेज में बुधवार से ही पूरी तैयारी थी। बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे ट्रॉमा सेंटर आने का प्रोग्राम तय हुआ था, लेकिन वे करीब 11 बजे के बाद पहुंचे। यहां उन्हें दिखाने के लिए स्टाफ ने मरीजों को हाथों-हाथ लिया। कर्मी मरीजों को स्ट्रेचर से लेकर आए। एक पलंग पर एक मरीज ही भर्ती किया गया। हेल्प डेस्क पर एक कर्मचारी ड्यूटी पर बैठा दिया गया। उप मुख्यमंत्री भी इतनी बेहतर व्यवस्था देखकर तारीफ करने से नहीं चूके।
उन्हें क्या पता था कि यह केवल उनके आगमन और सरकार को दिखाने के लिए किया जा रहा है। डिप्टी सीएम के जाने के करीब एक घंटे बाद बनावटी व्यवस्था फिर से पुराने ढर्रे पर आ गई। एक बेड पर जो मरीज लिटाए गए थे, उन्हें दो मरीजों के लिए जगह बनाने को कह दिया गया। दोपहर डेढ़ बजे अस्पताल में एक पलंग पर फिर से दो-दो मरीज भर्ती दिखे। ट्रामा सेंटर के बाहर भी मरीजों के तीमारदार खुद ही स्ट्रेचर खींचने को विवश दिखे। सिरसागंज के तीमारदार संजय ने बताया कि दोपहर दो बजे वह मां को लेकर आया है, लेकिन कोई भी चिकित्सक देखने नहीं आया है। आधे घंटे से अधिक हो गए हैं।
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- दोपहर दो बजे सिरसागंज से आया हूं। मेरी मां की आवाज नहीं निकल रही हैं। हम स्ट्रेचर पर बाहर से अंदर सरकारी ट्रामा सेंटर ले आए। आधा घंटा हो गया, कोई भी डॉक्टर ने देखने नहीं आया।
संजय कुमार, सिरसागंज
- दोपहर डेढ़ बजे ट्रामा सेंटर आया, मेरे पिताजी का एक हाथ और एक पैर सुन्न पड़ गया है। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करने के लिए जगह तक नहीं है। स्ट्रेचर पर लिटाए हुए हैं। काफी देर बाद भी बाद इलाज शुरू हुआ है।
- उवैस, शास्त्री मार्केट
सुबह आए तो लौटा दिया गया
मेरे मरीज की तबीयत खराब है। सुबह आए तो हमें लौटा दिया था कि उप मुख्यमंत्री आ रहे हैं, दोपहर बाद आना। दोपहर बाद आए तो वार्ड फुल थे तो बरामदे में जगह मिली। उस पर भी एक पलंग पर दो मरीज भर्ती हैं।
- जसवंत, दौलतपुर
गर्मी बढ़ने के कारण अस्पताल में मरीज की संख्या बढ़ गई है। वार्ड पहले से ही फुल हैं। इस कारण एक बेड पर दो मरीज भर्ती करने पड़े। हम व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ज्यादा मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अलग से व्यवस्था करेंगे।
- डॉ. श्याममोहन गुप्ता, सीएमएस
निरीक्षण के बाद गुल हुई कलक्ट्रेट, विकास भवन की बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जाते ही कलक्ट्रेट एवं विकास भवन की बिजली गुल हो गई। इससे अधिकारी-कर्मचारी गर्मी के कारण परेशान दिखाई दिए।
उप मुख्यमंत्री दो दिवसीय दौरे पर सुहागनगरी आए थे। बृहस्पतिवार सुबह से बिजली की आपूर्ति ठीक चली। दोपहर करीब डेढ़ बजे एकाएक बिजली गुल हो गई। विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग में इन्वर्टर पर स्टाफ काम कर रहा था। पंचायतीराज विभाग में बिजली नहीं होने के कारण स्टाफ जरूरी काम नहीं कर पा रहा था। कमोवेश यही हाल मनरेगा सेल में भी दिखाई दिया। कर्मी बोले- बिजली ही नहीं है इसलिए गर्मी में काम करने को मजबूर हैं। जिला कार्यक्रम अघिकारी कार्यालय का स्टाफ अधिकारी कक्ष में बैठा काम निपटा रहा था। परियोजना अधिकारी डूडा सुभाषवीर सिंह राजपूत ने खुद का पंखा भी बंद करवा दिया था। बोले बिजली है नहीं, इन्वर्टर के माध्यम से जितना विभागीय काम हो जाए उस काम को करवा रहा हूं। हम तो गर्मी में रह लेंगे। लेकिन काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। उप निदेश कृषि कार्यालय के साथ ही कलक्ट्रेट प्रांगण स्थित पूर्ति विभाग सहित अन्य विभागों में इसी तरह की स्थिति देखने को मिली।
दबरई के अवर अभियंता विद्युुत रामयज्ञ बोले, मोढ़ा के पास 33 केवीए की विद्युत लाइन पर इंसुलेटर खराब हो गया था। उसे ठीक करा दिया गया है। इसके कारण करीब डेढ़ घंटे तक विद्युत सप्लाई बंद रही थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। इस दौरान व्यवस्थाएं बेहतर मिलीं। 11.55 बजे उनके जाने के करीब एक घंटे बाद भी फिर पुरानी स्थिति आ गई। बेडों पर एक मरीज की बजाय दो लिटा दिए गए। वहीं कई मरीज उपचार के लिए भी परेशान दिखे।
डिप्टी सीएम के आगमन को लेकर मेडिकल कॉलेज में बुधवार से ही पूरी तैयारी थी। बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे ट्रॉमा सेंटर आने का प्रोग्राम तय हुआ था, लेकिन वे करीब 11 बजे के बाद पहुंचे। यहां उन्हें दिखाने के लिए स्टाफ ने मरीजों को हाथों-हाथ लिया। कर्मी मरीजों को स्ट्रेचर से लेकर आए। एक पलंग पर एक मरीज ही भर्ती किया गया। हेल्प डेस्क पर एक कर्मचारी ड्यूटी पर बैठा दिया गया। उप मुख्यमंत्री भी इतनी बेहतर व्यवस्था देखकर तारीफ करने से नहीं चूके।
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उन्हें क्या पता था कि यह केवल उनके आगमन और सरकार को दिखाने के लिए किया जा रहा है। डिप्टी सीएम के जाने के करीब एक घंटे बाद बनावटी व्यवस्था फिर से पुराने ढर्रे पर आ गई। एक बेड पर जो मरीज लिटाए गए थे, उन्हें दो मरीजों के लिए जगह बनाने को कह दिया गया। दोपहर डेढ़ बजे अस्पताल में एक पलंग पर फिर से दो-दो मरीज भर्ती दिखे। ट्रामा सेंटर के बाहर भी मरीजों के तीमारदार खुद ही स्ट्रेचर खींचने को विवश दिखे। सिरसागंज के तीमारदार संजय ने बताया कि दोपहर दो बजे वह मां को लेकर आया है, लेकिन कोई भी चिकित्सक देखने नहीं आया है। आधे घंटे से अधिक हो गए हैं।
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- दोपहर दो बजे सिरसागंज से आया हूं। मेरी मां की आवाज नहीं निकल रही हैं। हम स्ट्रेचर पर बाहर से अंदर सरकारी ट्रामा सेंटर ले आए। आधा घंटा हो गया, कोई भी डॉक्टर ने देखने नहीं आया।
संजय कुमार, सिरसागंज
- दोपहर डेढ़ बजे ट्रामा सेंटर आया, मेरे पिताजी का एक हाथ और एक पैर सुन्न पड़ गया है। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करने के लिए जगह तक नहीं है। स्ट्रेचर पर लिटाए हुए हैं। काफी देर बाद भी बाद इलाज शुरू हुआ है।
- उवैस, शास्त्री मार्केट
सुबह आए तो लौटा दिया गया
मेरे मरीज की तबीयत खराब है। सुबह आए तो हमें लौटा दिया था कि उप मुख्यमंत्री आ रहे हैं, दोपहर बाद आना। दोपहर बाद आए तो वार्ड फुल थे तो बरामदे में जगह मिली। उस पर भी एक पलंग पर दो मरीज भर्ती हैं।
- जसवंत, दौलतपुर
गर्मी बढ़ने के कारण अस्पताल में मरीज की संख्या बढ़ गई है। वार्ड पहले से ही फुल हैं। इस कारण एक बेड पर दो मरीज भर्ती करने पड़े। हम व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ज्यादा मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अलग से व्यवस्था करेंगे।
- डॉ. श्याममोहन गुप्ता, सीएमएस
निरीक्षण के बाद गुल हुई कलक्ट्रेट, विकास भवन की बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जाते ही कलक्ट्रेट एवं विकास भवन की बिजली गुल हो गई। इससे अधिकारी-कर्मचारी गर्मी के कारण परेशान दिखाई दिए।
उप मुख्यमंत्री दो दिवसीय दौरे पर सुहागनगरी आए थे। बृहस्पतिवार सुबह से बिजली की आपूर्ति ठीक चली। दोपहर करीब डेढ़ बजे एकाएक बिजली गुल हो गई। विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग में इन्वर्टर पर स्टाफ काम कर रहा था। पंचायतीराज विभाग में बिजली नहीं होने के कारण स्टाफ जरूरी काम नहीं कर पा रहा था। कमोवेश यही हाल मनरेगा सेल में भी दिखाई दिया। कर्मी बोले- बिजली ही नहीं है इसलिए गर्मी में काम करने को मजबूर हैं। जिला कार्यक्रम अघिकारी कार्यालय का स्टाफ अधिकारी कक्ष में बैठा काम निपटा रहा था। परियोजना अधिकारी डूडा सुभाषवीर सिंह राजपूत ने खुद का पंखा भी बंद करवा दिया था। बोले बिजली है नहीं, इन्वर्टर के माध्यम से जितना विभागीय काम हो जाए उस काम को करवा रहा हूं। हम तो गर्मी में रह लेंगे। लेकिन काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। उप निदेश कृषि कार्यालय के साथ ही कलक्ट्रेट प्रांगण स्थित पूर्ति विभाग सहित अन्य विभागों में इसी तरह की स्थिति देखने को मिली।
दबरई के अवर अभियंता विद्युुत रामयज्ञ बोले, मोढ़ा के पास 33 केवीए की विद्युत लाइन पर इंसुलेटर खराब हो गया था। उसे ठीक करा दिया गया है। इसके कारण करीब डेढ़ घंटे तक विद्युत सप्लाई बंद रही थी।