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दवा विक्रेताओं में आक्रोश, मेडिकल स्टोर रहे बंद
अमर उजाला ब्यूराे फीराेजाबाद
Updated Wed, 21 Dec 2016 12:36 AM IST
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दवा कंपनी के मैनेजर सचिन ठाकुर की हत्या के विरोध में मंगलवार को दवा विक्रेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। दी केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के मेडिकल स्टोर बंद रहे। मरीजों को इलाज तो मिला, लेकिन दवा के लिए भटके। एमआर एसोसिएशन ने भी विरोध जताया है।
केमिस्ट एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डा. राजेंद्र शर्मा ने कहा कि दवा मैनेजर यशवीर सिंह उर्फ सचिन की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने मुकदमा कर दिया। इसके विरोध में सभी दुकानें बंद रही हैं। अध्यक्ष देवेंद्र पचौरी ने कहा कि हत्या के दोषियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए। पंप मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। कई मरीज दर्द से तड़पते रहे। कुछ को रोजना खाई जाने वाली दवा की खुराक भी नहीं मिली। जिला अस्पताल के सामने दवा मार्केट में कई मरीज दवा के लिए चक्कर लगाते रहे। छिंगामल बाग स्थित दुकानें भी बंद रहीं। द केमिस्ट एसोसिएशन के अरुण जैन, संजय गुप्ता, सुभाष दीक्षित, सुनील बंसल, विजेंद्र यादव, पंकज दत्त बंसल, प्रशंात शर्मा, विजेंद्रपाल सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
गली-मुहल्लों एवं हास्पीटल में खुली दुकानें
गली मुहल्लों में मेडिकल की दुकानें खुलीं। वहीं, अधिकांश अस्पतालों में भी दवा की दुकानें संचालित हैं। उन पर दवा का वितरण हुआ तो मरीजों को राहत मिलीं। कहीं-कहीं अस्पताल में संचालित मेडिकल स्टोर संचालकों ने भी विरोध जताकर प्रतिष्ठान बंद रखे।
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मरीजों का दर्द
- नैनी ग्लास कारखाने के निकट से आईं अलीशा को शुगर की बीमारी है। उन्होंने कहा कि रोज खाने वाली दवा भी नहीं हैं। दवा न खाओ तो पूरा कोर्स बेकार हो जाता है। दिक्कत ज्यादा हो जाती है।
- मुस्तफाबाद से आई ईश्वरी देवी ने बताया कि वह अपने नाती रमन को दिखाने आई हैं। डा. आरसी चौधरी को दिखा लिया, मगर दवा नहीं मिल रही है। समझ नहीं आ रहा, बच्चे की परेशानी कम कैसे करें।
- शिकोहाबाद की सरिता देवी ने कहा कि बच्चे को दवा दिलाने आए हैं। लेकिन मेडीकल स्टोर नहीं खुले। हमने पूरे शहर में देख लिए, ये दवा और कहीं नहीं मिलती हैं।
- बछगांव निवासी संगीता देवी ने कहा कि बच्चे को तेज बुखार है। डाक्टर को दिखा लिया, लेकिन दवा के बिना बुखार कैसे जाएगा। पति मेडीकल दुकानों पर तलाशने गए हैं।
केमिस्ट एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डा. राजेंद्र शर्मा ने कहा कि दवा मैनेजर यशवीर सिंह उर्फ सचिन की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने मुकदमा कर दिया। इसके विरोध में सभी दुकानें बंद रही हैं। अध्यक्ष देवेंद्र पचौरी ने कहा कि हत्या के दोषियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए। पंप मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। कई मरीज दर्द से तड़पते रहे। कुछ को रोजना खाई जाने वाली दवा की खुराक भी नहीं मिली। जिला अस्पताल के सामने दवा मार्केट में कई मरीज दवा के लिए चक्कर लगाते रहे। छिंगामल बाग स्थित दुकानें भी बंद रहीं। द केमिस्ट एसोसिएशन के अरुण जैन, संजय गुप्ता, सुभाष दीक्षित, सुनील बंसल, विजेंद्र यादव, पंकज दत्त बंसल, प्रशंात शर्मा, विजेंद्रपाल सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
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गली-मुहल्लों एवं हास्पीटल में खुली दुकानें
गली मुहल्लों में मेडिकल की दुकानें खुलीं। वहीं, अधिकांश अस्पतालों में भी दवा की दुकानें संचालित हैं। उन पर दवा का वितरण हुआ तो मरीजों को राहत मिलीं। कहीं-कहीं अस्पताल में संचालित मेडिकल स्टोर संचालकों ने भी विरोध जताकर प्रतिष्ठान बंद रखे।
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मरीजों का दर्द
- नैनी ग्लास कारखाने के निकट से आईं अलीशा को शुगर की बीमारी है। उन्होंने कहा कि रोज खाने वाली दवा भी नहीं हैं। दवा न खाओ तो पूरा कोर्स बेकार हो जाता है। दिक्कत ज्यादा हो जाती है।
- मुस्तफाबाद से आई ईश्वरी देवी ने बताया कि वह अपने नाती रमन को दिखाने आई हैं। डा. आरसी चौधरी को दिखा लिया, मगर दवा नहीं मिल रही है। समझ नहीं आ रहा, बच्चे की परेशानी कम कैसे करें।
- शिकोहाबाद की सरिता देवी ने कहा कि बच्चे को दवा दिलाने आए हैं। लेकिन मेडीकल स्टोर नहीं खुले। हमने पूरे शहर में देख लिए, ये दवा और कहीं नहीं मिलती हैं।
- बछगांव निवासी संगीता देवी ने कहा कि बच्चे को तेज बुखार है। डाक्टर को दिखा लिया, लेकिन दवा के बिना बुखार कैसे जाएगा। पति मेडीकल दुकानों पर तलाशने गए हैं।