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शहर में बेरोक फर्राटा भर रहे डीजल वाहन और धधक रहीं लकड़ी व कोयले की भट्ठियां

Fri, 19 Nov 2021 12:15 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 12:15 AM IST
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Diesel vehicles and blazing wood and coal furnaces are filling the city unimpeded
फिरोजाबाद ! दोपहर में स्टेशन रोड पर निकलते लोडिंग वाहन - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। वायु प्रदूषण के मामले बेहद संवेदनशील सुहागनगरी के हवा को जहर घोलने वाले कारकों की रोकथाम संबंधी कार्ययोजना कागज पर फर्राटा भर रही है। टीटीजेड में रोक के बावजूद होटल, चाय के ढाबों पर लकड़ी और कोयले की भट्ठियां धधक रही हैं। इसके साथ ही डीजल चलित भारी वाहन शहर के आंतरिक इलाकों में बेरोक टोक दौड़ रहे हैं। भारी वाहनों, कोयला और लकड़ी जलने से उत्पन्न कार्बनिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाने के कारण सुहागनगरी में हवा की सेहत बिगड़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को सुहागनगरी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 265 एक्यूआई हो गया।
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विगत छह और सात नवंबर को सुहागनगरी में वायु गुुणवत्ता संबंधी ग्राफ बेहद खतरनाक स्थिति पर पहुंच गया था। उस समय फिरोजाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 499 हो गया था और शहर देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में पहले नंबर पर पहुंच गया था। हालांकि नौ नवंबर के बाद धूप निकलने और हवा का प्रवाह बढ़ने के बाद सुहागनगरी की हवा की सेहत में सुधार हुआ। हालांकि अब एक बार फिर प्रदूषण को नियंत्रण करने की कार्ययोजना पर काम नहीं किया जा रहा है।
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राज्य प्रदूूषण नियंत्रण बोर्ड और एनजीटी द्वारा वायु गुणवत्ता खराब करने वाले कारकों पर रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देश कागज तक ही सिमट रह गए हैं। परिणाम स्वरूप नगला बरी, जाटवपुरी चौराहा, आसफाबाद, औद्योगिक आस्थान, नगला भाऊ और उसायनी इलाके में होटल व चाय ढाबों पर कोयल व लकड़ी से जलने वाली भट्ठियां धधक रही हैं। अत्यधिक कार्बन उत्सर्जित करने वाले डीजल चलित वाहन भी शहर की सीमा वाली सड़कों व आंतरिक इलाकों में बेरोक टोक दौड़ रहे हैं। हालांकि पहले इन वाहनों को पूर्व में आसफाबाद अथवा उसायनी चौराहे से नए बाईपास मार्ग पर डायवर्ट किया जाता था।
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हवा में घुलनशील हानिकारक तत्वों की भरमार
एनजीटी के दिशा निर्देशों के तहत वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए बनाई गई कार्ययोजना के क्रियान्वयन पर काम नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि बृहस्पतिवार को भी सुहागनगरी की हवा में हानिकारक तत्वों पीएम-2.5 की मात्रा 341 माइक्रो मिलीग्राम, पीएम-10 की मात्रा 292 दर्ज की गई।

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शहर के आंतरिक इलाकों में डीजल चलित भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था। इसके अलावा टीटीजेड में किसी भी प्रकार से कोयले और लकड़ी जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। कोयले और लकड़ी चलित भट्ठियों पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम के साथ मिल कर शनिवार से अभियान चलाया जाएगा।
डॉ. मनोज कुमार चौरसिया क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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