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Firozabad News: स्मार्ट रोड पर खुले छोड़े गहरे नाले, राहगीर और स्थानीय लोग खतरे में
Wed, 01 Jul 2026 11:41 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:41 PM IST
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नालबंदान रसूलपुर मार्ग पर घर-दुकानों के सामने खुले नाले के चैंबर। संवाद
- फोटो : नालबंदान रसूलपुर मार्ग पर घर-दुकानों के सामने खुले नाले के चैंबर। संवाद
फिरोजाबाद। मुख्यमंत्री शहरी सड़क उन्नयन योजना (सीएम ग्रिड) फेज-2 के तहत नालंबदान से रसूलपुर थाने तक बनाई जा रही स्मार्ट रोड बारिश के दौरान हादसों का सबब बन सकती है। घरों और दुकानों के ठीक सामने बने कई फीट गहरे नालों के चैंबरों को खुला छोड़ दिया गया है। नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह अनजान बने हुए हैं।
करीब 18.5 करोड़ रुपये की लागत से इस स्मार्ट रोड का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसका जिम्मा मैसर्स प्रीति बिल्डकोन नामक संस्था को दिया गया है। नियमानुसार इस बड़े प्रोजेक्ट की नियमित निगरानी नगर निगम के तकनीकी अधिकारियों को करनी थी, लेकिन ठेकेदार मनमाने ढंग से काम कर रहा है। यही वजह है कि करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का 50 प्रतिशत कार्य आज भी अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय दुकानदारों और क्षेत्रीय जनता को रोजाना धूल और जाम की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है।
सड़क के दोनों ओर गंदे पानी की निकासी के लिए बनाए गए गहरे आरसीसी नालों के ऊपर अब तक ढक्कन नहीं रखे गए हैं। आवासीय घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के ठीक सामने खुले पड़े ये चैंबर रात के अंधेरे में राहगीरों, वाहन चालकों और विशेषकर बच्चों व बुजुर्गों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं।
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नालों के खुले चैंबरों पर तत्काल प्रभाव से ढक्कन रखवाने के निर्देश कार्यदायी संस्था के ठेकेदार को जारी कर दिए गए हैं। यह प्रोजेक्ट किन कारणों से समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है, इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी और लापरवाही मिलने पर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- आरके सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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करीब 18.5 करोड़ रुपये की लागत से इस स्मार्ट रोड का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसका जिम्मा मैसर्स प्रीति बिल्डकोन नामक संस्था को दिया गया है। नियमानुसार इस बड़े प्रोजेक्ट की नियमित निगरानी नगर निगम के तकनीकी अधिकारियों को करनी थी, लेकिन ठेकेदार मनमाने ढंग से काम कर रहा है। यही वजह है कि करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का 50 प्रतिशत कार्य आज भी अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय दुकानदारों और क्षेत्रीय जनता को रोजाना धूल और जाम की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है।
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सड़क के दोनों ओर गंदे पानी की निकासी के लिए बनाए गए गहरे आरसीसी नालों के ऊपर अब तक ढक्कन नहीं रखे गए हैं। आवासीय घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के ठीक सामने खुले पड़े ये चैंबर रात के अंधेरे में राहगीरों, वाहन चालकों और विशेषकर बच्चों व बुजुर्गों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं।
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नालों के खुले चैंबरों पर तत्काल प्रभाव से ढक्कन रखवाने के निर्देश कार्यदायी संस्था के ठेकेदार को जारी कर दिए गए हैं। यह प्रोजेक्ट किन कारणों से समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है, इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी और लापरवाही मिलने पर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- आरके सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम