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प्रेमिका से शादी करने को रची थी अपहरण की कहानी
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 22 Oct 2016 11:11 PM IST
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पुलिय ने संजीव अपहरण कांड का शुक्रवार की देर रात खुलासा कर दिया है। प्रेमिका से शादी करने के लिए युवक ने अपने अपहरण का ड्रामा रचा था। रामगढ़ पुलिस ने युवक को आगरा के छलेसर क्षेत्र से बरामद कर लिया है। उसने अपने मर्जी से जाने की बात कबूली है।
थानाध्यक्ष रामगढ़ अर्जुनलाल वर्मा ने बताया कि हस्तशिल्पी संजीव का इटावा निवासी एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा है। संजीव युवती से शादी करना चाहता है, लेकिन इसका विरोध उसका भाई कर रहा था। प्रेमिका से शादी न होती देख संजीव ने खुद के अपहरण की योजना बना ली और गुरुवार सुबह संजीव फैक्ट्री जाने की बात कहकर निकला और गायब हो गया। खुद के अपहरण की जानकारी परिवारीजनों को देने के लिए उसने आगरा से अपने बड़े भाई सुनील के फोन पर रात 12 बजे कॉल किया था। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे सुनील द्वारा फोन किए जाने पर उसने अपहरण होने की जानकारी पुलिस को दी थी। इस दौरान संजीव ने आगरा में निवास करने वाली अपनी बुआ के घर जाने का मन भी बनाया था, लेकिन पूरे मामले का खुलासा होने के डर से वह बुआ के घर भी नहीं गया। रात करीब दस बजे सुनील के फोन पर जानकारी दी कि बदमाशों ने उसके हाथ पैर बांधकर छलेसर स्थित झरना नाले के पास एक झोपड़ी में बंधक बनाकर रखा है। परिवारीजन पुलिस को लेकर बताए गए स्थान पर पहुंचे तो युवक हाईवे किनारे मिल गया। पुलिस उसे थाने ले आई। यहां उससे पूछताछ की तो पहले तो गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन बात में हकीकत बता दी। इसके साथ ही युवक ने पुलिस को लिखकर दिया है कि वह अपनी मर्जी से गया था। उसका कोई अपहरण नहीं हुआ है। इसके बाद पुलिस ने युवक को छोड़ दिया।
थानाध्यक्ष रामगढ़ अर्जुनलाल वर्मा ने बताया कि हस्तशिल्पी संजीव का इटावा निवासी एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा है। संजीव युवती से शादी करना चाहता है, लेकिन इसका विरोध उसका भाई कर रहा था। प्रेमिका से शादी न होती देख संजीव ने खुद के अपहरण की योजना बना ली और गुरुवार सुबह संजीव फैक्ट्री जाने की बात कहकर निकला और गायब हो गया। खुद के अपहरण की जानकारी परिवारीजनों को देने के लिए उसने आगरा से अपने बड़े भाई सुनील के फोन पर रात 12 बजे कॉल किया था। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे सुनील द्वारा फोन किए जाने पर उसने अपहरण होने की जानकारी पुलिस को दी थी। इस दौरान संजीव ने आगरा में निवास करने वाली अपनी बुआ के घर जाने का मन भी बनाया था, लेकिन पूरे मामले का खुलासा होने के डर से वह बुआ के घर भी नहीं गया। रात करीब दस बजे सुनील के फोन पर जानकारी दी कि बदमाशों ने उसके हाथ पैर बांधकर छलेसर स्थित झरना नाले के पास एक झोपड़ी में बंधक बनाकर रखा है। परिवारीजन पुलिस को लेकर बताए गए स्थान पर पहुंचे तो युवक हाईवे किनारे मिल गया। पुलिस उसे थाने ले आई। यहां उससे पूछताछ की तो पहले तो गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन बात में हकीकत बता दी। इसके साथ ही युवक ने पुलिस को लिखकर दिया है कि वह अपनी मर्जी से गया था। उसका कोई अपहरण नहीं हुआ है। इसके बाद पुलिस ने युवक को छोड़ दिया।
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