{"_id":"5fde3f138ebc3e41a605cb68","slug":"civic-firozabad-news-agr4727178100","type":"story","status":"publish","title_hn":"कायथा में बंबा कटने से दो सौ बीघा आलू-गेहूं की फसल डूबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कायथा में बंबा कटने से दो सौ बीघा आलू-गेहूं की फसल डूबी
विज्ञापन
फरिहा क्षेत्र के नलवपुर गांव के समीप बंबा कटने से खेतों में भरा पानी
- फोटो : FIROZABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद/फरिहा। शुक्रवार रात को फरिहा क्षेत्र के गांव नवलपुर से गुजर रहा कायथा बंबा कट गया। बंबा कटने के साथ ही करीब दो सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई। सुबह ग्रामीण खेत पर गए तो हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। तहसील की टीम देर से पहुंचने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश रहा। बंबा कटने के साथ ही खेतों में आ रहे पानी को रोकने के लिए किसानों ने प्रयास शुरू कर दिए लेकिन बंबा में पानी का प्रवाह अधिक होने के कारण पानी खेतों में जाने से नहीं रुक पा रहा था। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ तहसील प्रशासन को दी। शाम करीब चार बजे क्षेत्रीय लेखपाल टीम और जेसीबी मशीन को लेकर मौके पर पहुंचे। पानी के प्रवाह से कटे बंबा को मिट्टी डालकर बंद कराया गया। इस बीच आलू, सरसों, गेहूं, की फसल पानी में डूब गई।
- किसान योगेंद्र कुमार का कहना है कि उन्होंने पट्टे पर भूमि लेने के साथ ही आठ बीघा आलू की फसल पूरी पानी में डूब गई। सुबह अधिकारियों को सूचना दी गई थी जो शाम करीब चार बजे गांव पहुंचे। यदि खेतों में भरा पानी जल्द नहीं निकला तो आलू खराब हो जाएगा।
- किसान रामकिशन का कहना है कि उन्होंने दस बीघा खेत में आलू, सरसों और गेहूं किया था। गेहूं और आलू की फसल बचने की उम्मीद नहीं है। रविवार तक खेतों में भरा पानी नहीं निकला तो वह भी खराब हो जाएगी।
विज्ञापन
- किसान आकाश कुमार का कहना है कि पांच साल पूर्व पिता की मौत के बाद वह ही खेती कर रहा है। आठ बीघा में आलू और गेहूं किया था, जो पानी भरने से खराब होने की संभावना बढ़ गई है।
- किसान सुमन कुमार का कहना है कि छह बीघा में गेहूं और दो बीघा में परिवार के लिए आलू किया था। आलू की पूरी फसल खराब हो जाएगी। क्योंकि मौसम में नमी के साथ ही पानी से मिट्टी गिली हो गई है। आलू अंदर ही सड़ जाएगा।
विज्ञापन
- किसान योगेंद्र कुमार का कहना है कि उन्होंने पट्टे पर भूमि लेने के साथ ही आठ बीघा आलू की फसल पूरी पानी में डूब गई। सुबह अधिकारियों को सूचना दी गई थी जो शाम करीब चार बजे गांव पहुंचे। यदि खेतों में भरा पानी जल्द नहीं निकला तो आलू खराब हो जाएगा।
विज्ञापन
- किसान रामकिशन का कहना है कि उन्होंने दस बीघा खेत में आलू, सरसों और गेहूं किया था। गेहूं और आलू की फसल बचने की उम्मीद नहीं है। रविवार तक खेतों में भरा पानी नहीं निकला तो वह भी खराब हो जाएगी।
विज्ञापन
- किसान आकाश कुमार का कहना है कि पांच साल पूर्व पिता की मौत के बाद वह ही खेती कर रहा है। आठ बीघा में आलू और गेहूं किया था, जो पानी भरने से खराब होने की संभावना बढ़ गई है।
- किसान सुमन कुमार का कहना है कि छह बीघा में गेहूं और दो बीघा में परिवार के लिए आलू किया था। आलू की पूरी फसल खराब हो जाएगी। क्योंकि मौसम में नमी के साथ ही पानी से मिट्टी गिली हो गई है। आलू अंदर ही सड़ जाएगा।