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विश्व प्रकृति दिवस पर विशेष: 9.61 स्क्वायर किलोमीटर वनक्षेत्र में बढ़ोत्तरी
Sat, 03 Oct 2020 12:01 AM IST
आगरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2020 12:01 AM IST
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अशोक कुमार (डीएफओ -वन विभाग वाली खबर के साथ)
- फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद में सघन पौधरोपण अभियान के चलते तीन वर्षों में वन क्षेत्रफल में 9.61 वर्ग किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है। इसकी जानकारी फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में दी गई है। वन विभाग ने इस वर्ष तीस लाख पौधे रोपे हैं। वहीं निजी क्षेत्रों में भी पौधरोपण पर जोर दिया जा रहा है।
मानक के अनुसार किसी भी जिले के कुल क्षेत्रफल के हिसाब से 33 प्रतिशत हिस्से में वनक्षेत्र होना चाहिए, लेकिन यहां यमुना की तलहटी वाले इलाके में आठ हजार हेक्टेयर में वनक्षेत्र है, जो मानक से काफी कम है। फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की आई रिपोर्ट में 2017 से 2019 के बीच जिले में 9.61 वर्ग किलोमीटर वनक्षेत्र में इजाफा हुआ है। जिले में जलस्तर काफी तेजी से नीचे गिरा था। नारखी, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, हाथवंत व एका ब्लॉक तो डार्क जोन में शामिल थे। लघु सिंचाई विभाग के अफसरों की मानें तो इसमें काफी हद तक सुधार होता दिखाई दे रहा है।
एक बारिश पांच फीट तक बढ़ाएगी भूगर्भजल : भारद्वाज
प्रोफेसर कुमार किंज्लिक भारद्वाज कहते हैं कि प्रकृति से खिलवाड़ करने के बजाय हमें फ्रेंडली बनना होगा। तभी प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षित किया जा सकता है। वर्षा जल संचयन के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को घरों पर लगाएं। एक बारिश का पानी से पांच फीट तक भूगर्भ जलस्तर बढ़ा सकता है।
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जिले में वन क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है। 2017 से 2019 के बीच जिले में 9.61 वर्ग किलोमीटर वनक्षेत्र फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में आया है। 2020 में जिले में तीस लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। जलस्तर काफी नीचा होने के कारण यह जिला संवेदनशील है। -अशोक कुमार, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी
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मानक के अनुसार किसी भी जिले के कुल क्षेत्रफल के हिसाब से 33 प्रतिशत हिस्से में वनक्षेत्र होना चाहिए, लेकिन यहां यमुना की तलहटी वाले इलाके में आठ हजार हेक्टेयर में वनक्षेत्र है, जो मानक से काफी कम है। फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की आई रिपोर्ट में 2017 से 2019 के बीच जिले में 9.61 वर्ग किलोमीटर वनक्षेत्र में इजाफा हुआ है। जिले में जलस्तर काफी तेजी से नीचे गिरा था। नारखी, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, हाथवंत व एका ब्लॉक तो डार्क जोन में शामिल थे। लघु सिंचाई विभाग के अफसरों की मानें तो इसमें काफी हद तक सुधार होता दिखाई दे रहा है।
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एक बारिश पांच फीट तक बढ़ाएगी भूगर्भजल : भारद्वाज
प्रोफेसर कुमार किंज्लिक भारद्वाज कहते हैं कि प्रकृति से खिलवाड़ करने के बजाय हमें फ्रेंडली बनना होगा। तभी प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षित किया जा सकता है। वर्षा जल संचयन के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को घरों पर लगाएं। एक बारिश का पानी से पांच फीट तक भूगर्भ जलस्तर बढ़ा सकता है।
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जिले में वन क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है। 2017 से 2019 के बीच जिले में 9.61 वर्ग किलोमीटर वनक्षेत्र फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में आया है। 2020 में जिले में तीस लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। जलस्तर काफी नीचा होने के कारण यह जिला संवेदनशील है। -अशोक कुमार, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी