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सावधान : शहर में भी हैं 1100 से अधिक जर्जर भवन

Thu, 17 Aug 2023 12:21 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Thu, 17 Aug 2023 12:21 AM IST
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Caution: There are more than 1100 dilapidated buildings in the city
फिरोजाबाद। मथुरा में जर्जर भवन धराशाई होने के कारण हुई जनहानि की घटना से सबक लेने की जरूरत है। निगम एरिया के विभिन्न इलाकों खास तौर पर घनी आबादी व भीड़भाड़ वाले बाजारों में स्थित दशकों पुराने जर्जर भवन कभी भी बड़ा हादसे का कारण बन सकते हैं। सर्वाधिक जर्जर भवन शहर के मुख्य बाजारों में हैं। जहां सुबह से देर रात तक हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। कई भवन शहर की सकरी गलियों में हैं। जहां सैकड़ों छोटे दुकानदार और चूड़ी व अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। खास बात है कि नगर निगम द्वारा इन भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन भवन स्वामियों इन भवनों को गिराने की सुध नहीं ली है। वहीं नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी भी इस ओर ध्यान देने की सुध नहीं ले रहे।
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केस-एक
शहर की पहचान दशकों पुराना बहुमंजिला घंटाघर दिनों दिन दरक रहा है। क्षेत्रीय दुकानदारों के अनुसार लगभग 150 मीटर ऊंचाई वाले घंटाघर से आए दिन ईंट व प्लास्टर आदि नीचे गिरते हैं। हालांकि गत वित्तीय वर्ष में जर्जर घंटाघर के कायाकल्प की बात निगम के जिम्मेदारों ने कही, लेकिन उस पर अमल करने की जहमत नहीं उठाई।
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केस दो
दशकों से संचालित लाखों-करोड़ों के टर्नओवर वाली कांच इकाई की दूसरी मंजिल का 200 मीटर लंबा छज्जा पूरी तरह से गिरासू स्थिति में हैं। इस छज्जे के नीचे कई दुकानें संचालित हैं। तथा लेबर कॉलोनी, स्टेशन रोड, कोटला मोहल्ला आदि इलाकों की ओर आने जाने वाले हजारों लोग इसी जगह से होकर गुजरते हैं।
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केस तीन
छोटा चौराहा स्थित एक दो मंजिला भवन दशकों पुराना है। इस भवन के नीचे सदर बाजार-रसूलपुर मार्ग पर होकर प्रतिदिन लाखों लोगों को आवाजाही होती है। खास तौर पर बाहर से आने वाले चूड़ी कारोबारी भी इसी इलाके में चहल कदमी करते हैं।

केस चार--
शहर का प्रमुख चूड़ी कारोबारी इलाके गली बौहरान में भी जर्जर इमारतों की भरमार है। बेहद सकरी गलियों वाले इस इलाके में आज भी प्रतिदिन लाखों रुपये का चूड़ी कारोबार होता है।

केस पांच
जलेसर रोड पर माधव डेरी के सामने स्थित हरी नगर के प्रवेश द्वार पर एक इमारत व सड़क पर निकला हुआ इमारत का छज्जा भी पूरी तरह से जर्जर स्थिति में है। दिनरात लोगों की आवाजाही वाली जलेसर रोड पर जर्जर इमारत का छज्जा कभी भी धरासाई हो सकता है।
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इन इलाकों में जर्जर भवन कभी बन सकते हैं जानलेवा
शहर के पुराने इलाके बापू गली, पुरानी मंडी, छोटा चौराहा, राजा बिल्डिंग वाली गली, गल्ला मंडी, कटरा पठनान,कटरा सुनारान, जाटवपुरी, रसूलपुर, हुण्डावाला बाग, पैमेश्वर गेट, राजपूताना, कोटला मोहल्ला आदि इलाकों में दशकों पुरानी बहुमंजिला इमारतें हैं। ये इमारतें कभी भी बड़े हादसा का कारण बन सकती हैं।

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वर्जन
हम जर्जर इमारतों के स्वामियों को लगातार नोटिस जारी कर रहे हैं। कुछ लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे। हादसा हुआ तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे। जरूरी हुआ तो निगम इन भवनों को गिराने की कार्रवाई करेगी। हर्जा खर्चा भवन स्वामी से वसूला जाएगा।
धनश्याम मीणा, नगर आयुक्त
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