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ब्लड़ बैंक में जल्द ही कंपोनेंट और जंबो पैक भी मिलेगा
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फिरोजाबाद। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में जल्द ही कंपोनेंट और जंबो पैक की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यहां प्लाज्मा, प्लेटलेट्स आदि के लिए कंपोनेंट सुविधा को हरी झंडी भी मिल चुकी है। अब जंबो पैक के लिए एपेरेसिस मशीन के आने का इंतजार है। इससे मरीजों को राहत मिलेगी। मेडिकल कॉलेज में भौतिक स्तर पर ब्लड बैंक का क्षेत्र बढ़ा दिया गया है। वहीं, कंपोनेंट की मशीन भी कई दिन पूर्व आ चुकी हैं। अगस्त में केंद्र की टीम भी ब्लड बैंक का निरीक्षण कर कंपोनेंट के लिए हरी झंडी दे चुकी है।
हालांकि जंबो पैक के लिए एपेरेसिस मशीन आना शेष है। विभागीय लोगों की मानें तो एपेरेसिस मशीन का आर्डर भी हो चुका है। यह मशीन इटली से आयात की जा रही है। यह सुविधा चालू होने के बाद एक व्यक्ति के रक्तदान से तीन लोगों की जान बच सकेगी। प्लेटलेट्स, प्लाज्मा आदि रक्त आसानी से मिल सकेगा। वहीं, अगर कोई व्यक्ति सिर्फ प्लेटलेट्स या प्लाज्मा दान करना चाहता है तो वह कर सकेगा। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि एपेरेसिस की मशीन जल्द ही अस्पताल में आ जाएगी। इसके बाद टीम ब्लड बैंक का निरीक्षण करेगी। जल्द ही कंपोनेंट और एपेरेसिस की सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी।
क्या होता है ब्लड कंपोनेंट
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक मनोज कुमार ने बताया कि ब्लड में 4 कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। सेपरेशन यूनिट में ब्लड को घुमाया (मथा) जाता है। इससे रक्त परत दर परत (लेयर बाई लेयर) अलग हो जाता है। आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के अनुसार इसका उपयोग करते हैं।
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हालांकि जंबो पैक के लिए एपेरेसिस मशीन आना शेष है। विभागीय लोगों की मानें तो एपेरेसिस मशीन का आर्डर भी हो चुका है। यह मशीन इटली से आयात की जा रही है। यह सुविधा चालू होने के बाद एक व्यक्ति के रक्तदान से तीन लोगों की जान बच सकेगी। प्लेटलेट्स, प्लाज्मा आदि रक्त आसानी से मिल सकेगा। वहीं, अगर कोई व्यक्ति सिर्फ प्लेटलेट्स या प्लाज्मा दान करना चाहता है तो वह कर सकेगा। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि एपेरेसिस की मशीन जल्द ही अस्पताल में आ जाएगी। इसके बाद टीम ब्लड बैंक का निरीक्षण करेगी। जल्द ही कंपोनेंट और एपेरेसिस की सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी।
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क्या होता है ब्लड कंपोनेंट
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक मनोज कुमार ने बताया कि ब्लड में 4 कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। सेपरेशन यूनिट में ब्लड को घुमाया (मथा) जाता है। इससे रक्त परत दर परत (लेयर बाई लेयर) अलग हो जाता है। आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के अनुसार इसका उपयोग करते हैं।
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