{"_id":"1a08258d4c9190fbba2c39036e19ab61","slug":"bjp-split-down-after-wrangling-went-public-quarrel-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा में दो फाड़, तकरार के बाद सार्वजनिक हुई रार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा में दो फाड़, तकरार के बाद सार्वजनिक हुई रार
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 27 Dec 2015 11:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संगठन चुनाव के दौरान हुई तकरार के बाद भाजपा की रार सार्वजनिक हो गई है। जिला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के लिए पाले खिंचे हैं और पार्टी दो धड़ों में बंट गई है। संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने सार्वजनिक रुप से सोशल मीडिया पर भी टिप्पणियां की। स्थिति यहां भी एटा जैसे टकराव की बन रही है।
बता दें, शनिवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन होना था, सहमति के नामांकन के प्रयास किए गए लेकिन सहमति नहीं बन पाई और हंगामे के बाद एक दर्जन नामांकन पत्र जमा हुए। अध्यक्ष के लिए दावेदारी करने वाले समर्थकों के साथ पहुंचे थे और एक दूसरे के खिलाफ मुखर भी दिखे। चुनाव कमेटी के पास प्रकाश भारद्वाज, कन्हैयालाल गुप्ता और भगवानदास शंखवार के नामांकन जमा हुए थे। इसी बीच सुनील शर्मा के साथ कुछ अन्य लोगों ने इसका विरोध किया तो चुनाव अधिकारी ने अन्य को भी नामांकन पत्र जमा करने की छूट दे दी, साथ ही कहा कि कि यदि कोई किसी एक का अनुमोदक हैं तो वह दूसरे का ही प्रस्तावक बन सकता है। इसके बाद सुनील शर्मा,सत्यवीर गुप्ता,अशोक शर्मा हरि, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, राम निवास राठौर, संजय मिश्रा ने भी नामांकन कर दिया। नौ नामांकन पत्र जमा होने के बाद चुनाव अधिकारी श्री चंद्र शर्मा व सहायक चुनाव अधिकारी अनिल पाराशर ने पूर्व विधायक रामकिशन ददाजू,पूर्व जिलाध्यक्ष डाक्टर लक्ष्मी नारायण यादव, शिवमोहन श्रोत्रिय,मंगल सिंह राठौर के साथ ही अन्य पदाधिकारियों से बातचीत की। इसी दौरान एक-दूसरे पर आरोप लगने लगे थे। इसके बाद चुनाव अधिकारी ने सभी नामों को पार्टी हाईकमान को भेजने का निर्णय लिया है। इसके बाद कुछ लोगों ने पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण यादव के खिलाफ टिप्पणी की तो पार्टी कार्यालय का माहौल गर्मा गया था।रविवार को सोशल मीडिया पर टिप्पणी की गई। जिले और शहर में भाजपा संगठन दोनों खेमों में बंटा हुआ है, एक गुट पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल से जुड़ा है तो दूसरा गुट जिलाध्यक्ष अरविंद पचौरी व विधायक मनीष असीजा से जुड़ा है। इससे पहले भी जिला पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशी तय करने के लिए हुई बैठक भाजपा कार्यकर्ताओं में बवाल हुआ था। जिस होटल में बैठक चल रही थी, उसके शीशे तोड़ दिए गए थे, कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हुई थी। मामला तब भी इन्हीं दोनों गुटों के बीच हुआ था।
मुझे बदनाम करने की साजिश: डा. लक्ष्मी नारायण
संगठन चुनाव में खींचतान के चलते पार्टी के पुराने पदाधिकारी और कार्यकर्ता आहत हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष डा. लक्ष्मी नारायण यादव ने बताया कि पार्टी के नए कार्यकर्ता उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। शहर संगठन के उपाध्यक्ष ने व्हाट्सएप पर टिप्पणी कर भ्रामक प्रचार किया है।। उन्होंने कहा कि संगठन चुनाव में वह किसी का समर्थन नहीं कर रहे है, वह तो केवल निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। फिर भी उन्हें सार्वजनिक रुप से बदनाम किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें, शनिवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन होना था, सहमति के नामांकन के प्रयास किए गए लेकिन सहमति नहीं बन पाई और हंगामे के बाद एक दर्जन नामांकन पत्र जमा हुए। अध्यक्ष के लिए दावेदारी करने वाले समर्थकों के साथ पहुंचे थे और एक दूसरे के खिलाफ मुखर भी दिखे। चुनाव कमेटी के पास प्रकाश भारद्वाज, कन्हैयालाल गुप्ता और भगवानदास शंखवार के नामांकन जमा हुए थे। इसी बीच सुनील शर्मा के साथ कुछ अन्य लोगों ने इसका विरोध किया तो चुनाव अधिकारी ने अन्य को भी नामांकन पत्र जमा करने की छूट दे दी, साथ ही कहा कि कि यदि कोई किसी एक का अनुमोदक हैं तो वह दूसरे का ही प्रस्तावक बन सकता है। इसके बाद सुनील शर्मा,सत्यवीर गुप्ता,अशोक शर्मा हरि, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, राम निवास राठौर, संजय मिश्रा ने भी नामांकन कर दिया। नौ नामांकन पत्र जमा होने के बाद चुनाव अधिकारी श्री चंद्र शर्मा व सहायक चुनाव अधिकारी अनिल पाराशर ने पूर्व विधायक रामकिशन ददाजू,पूर्व जिलाध्यक्ष डाक्टर लक्ष्मी नारायण यादव, शिवमोहन श्रोत्रिय,मंगल सिंह राठौर के साथ ही अन्य पदाधिकारियों से बातचीत की। इसी दौरान एक-दूसरे पर आरोप लगने लगे थे। इसके बाद चुनाव अधिकारी ने सभी नामों को पार्टी हाईकमान को भेजने का निर्णय लिया है। इसके बाद कुछ लोगों ने पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण यादव के खिलाफ टिप्पणी की तो पार्टी कार्यालय का माहौल गर्मा गया था।रविवार को सोशल मीडिया पर टिप्पणी की गई। जिले और शहर में भाजपा संगठन दोनों खेमों में बंटा हुआ है, एक गुट पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल से जुड़ा है तो दूसरा गुट जिलाध्यक्ष अरविंद पचौरी व विधायक मनीष असीजा से जुड़ा है। इससे पहले भी जिला पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशी तय करने के लिए हुई बैठक भाजपा कार्यकर्ताओं में बवाल हुआ था। जिस होटल में बैठक चल रही थी, उसके शीशे तोड़ दिए गए थे, कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हुई थी। मामला तब भी इन्हीं दोनों गुटों के बीच हुआ था।
विज्ञापन
मुझे बदनाम करने की साजिश: डा. लक्ष्मी नारायण
संगठन चुनाव में खींचतान के चलते पार्टी के पुराने पदाधिकारी और कार्यकर्ता आहत हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष डा. लक्ष्मी नारायण यादव ने बताया कि पार्टी के नए कार्यकर्ता उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। शहर संगठन के उपाध्यक्ष ने व्हाट्सएप पर टिप्पणी कर भ्रामक प्रचार किया है।। उन्होंने कहा कि संगठन चुनाव में वह किसी का समर्थन नहीं कर रहे है, वह तो केवल निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। फिर भी उन्हें सार्वजनिक रुप से बदनाम किया जा रहा है।
विज्ञापन