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घटने की बजाय बढ़ता ही जा रहा एनीमिया

Sat, 13 Aug 2022 12:04 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2022 12:04 AM IST
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घटने की बजाय बढ़ता ही जा रहा एनीमिया
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नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे- 5 : छह से 59 माह के 73.9 फीसदी बच्चे और 45.8 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं इससे पीड़ित
जिले में हुए सर्वे की रिपोर्ट स्वास्थ्य योजनाओं की खोल रही पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। शासन की तमाम कोशिशों के बाद भी एनीमिया घटने की बजाय बढ़ता जा रहा है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे- 5 (एनएफएचएस-5) की रिपोर्ट कुछ ऐसा ही बता रही है। जिले की 45.8 प्रतिशत गर्भवती, छह से 59 माह के 73.9 और 19 से 49 साल की 57.7 प्रतिशत महिलाएं इससे पीड़ित हैं। विभागीय जानकारों के अनुसार, प्रसव पूर्व जांच में कई गर्भवतियों में चार से पांच प्रतिशत ही खून मिल रहा है।
गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराने से लेकर जच्चा-बच्चा मृत्युदर कम करने के लिए संचालित योजनाओं की हकीकत नेशनल फैैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट साफ साफ बयां कर रही है। जननी सुरक्षा योजना के गर्भवतियों को गर्भधारण से प्रसव होने तक छह हजार रुपये दिए जा रहे हैं। राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत संतुलित पोषण आहार भी दिया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में हर माह जांच के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि जब ये योजनाएं नहीं थी तब वर्ष 2015 के सर्वे में यह संख्या कुल 32.8 फीसदी थी।
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14 ग्राम प्रति डेसीलीटर होना चाहिए रक्त
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मिली अग्रवाल बताती हैं कि सामान्य तौर पर महिलाओं में 14 ग्राम प्रति डेसीलीटर तक रक्त होना चाहिए। मगर, अस्पताल में जांच के दौरान तमाम गर्भवतियों में 10 ग्राम डेसीलीटर और कुछ में तो इससे भी कम रक्त की मात्रा मिल रही है, जो बेहद खतरनाक है। खून की कमी गर्भवती के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी घातक है। खून कम होने के कारण अक्सर प्रसव से पहले खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।
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खून की कमी के कारण ये होती है परेशानी
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि खून की कमी के कारण अनियमित माहवारी, भोजन के रूप में सही पोषक तत्व न मिलना, पेट में कीड़े होना और गर्भपात जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसका कारण गर्भवती महिलाओं की खाने की थाली से पोषक तत्व वाली साग सब्जियों का न होना सामने आ रहा है। महिलाएं एनीमिया का ज्यादा शिकार हो रही हैं। यह खतरनाक है।
खून की कमी के लक्षण
त्वचा का सफेद दिखना, जीभ, नाखूनों व पलकों के अंदर सफेदी, कमजोरी, बहुत अधिक थकावट, चक्कर आना, बेहोश होना, सांस फूलना, हृदयगति का तेज होना, चेहरे व पैरों पर सूजन दिखाई देना खून की कमी के लक्षण हैं।

ये करें महिलाएं
- चुकंदर आयरन की कमी को तुरंत दूर करता है और हीमोग्लोबिन बढ़ाता है।
- अनार का जूस या दाने का सुबह-शाम सेवन करें।
- ड्राई फूट्स, अलसी के बीज आदि का सेवन करें।
- गुड़ खाने से भी आयरन की कमी दूर होती है।
एनएफएचएस-5 के आंकड़ों में एनीमिया का प्रतिशत
सर्वे 5 सर्वे 4
- 6 से 59 माह के बच्चे 73.9- 47.2
- 19 से 49 वर्ष की सामान्य महिलाएं 57.7 - 34.2
- गर्भवती महिलाएं 45.8- 32.8
- 15 ये 18 वर्ष की किशोरी/युवतियां 61.8- 28.2
(नोट : सर्वे पांच 2019-20 और सर्वे चार 2015-16 में हुआ। सर्वे पांच की रिपोर्ट अब आई है।)
गर्भवती की समय-समय पर जांच होती है। खान-पान में कमीं के कारण महिलाएं रक्त की कमीं से जूझ रही है। इसके लिए हम आयरन की दवा का वितरण भी कराते हैं। स्वास्थ्य परिवार संरक्षण की रिपोर्ट में एनीमिक महिलाओं की संख्या बढ़ी है।
डॉ. दिनेश प्रेेमी, सीएमओ
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