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Firozabad News: प्रसव के दौरान महिला की मौत के बाद परिजन ने किया हंगामा

Tue, 29 Aug 2023 12:19 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Tue, 29 Aug 2023 12:19 AM IST
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After the death of the woman during delivery, the family created a ruckus
फिरोजाबाद। ऑपरेशन से प्रसव होने के बाद महिला की निजी अस्पताल में हालत बिगड़ने पर मौत हो गई। महिला की मौत की खबर सुनकर परिजन ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने मामले को शांत करा शव पोस्टमार्टम के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया। थाना उत्तर में अस्पताल संचालक, चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मटसेना थाना क्षेत्र के गांव दबरई (बिल्लू की ठार) निवासी महिला प्रीति (26) पत्नी सूरज को प्रसव पीड़ा होने पर 26 अगस्त की रात दस बजे परिजन रैपुर स्थित एक निजी अस्पताल लेकर आए। 27 अगस्त को डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया। इस दौरान बेटा हुआ। प्रसव के बाद महिला की हालत खराब हो गई। स्टाफ ने महिला का उपचार किया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं आया। 27 अगस्त रविवार की रात महिला की हालत और बिगड़ गई। स्टाफ अस्पताल की एंबुलेंस में महिला को लेकर आगरा ले गया। इस दौरान महिला की मौत हो गई।
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महिला की मौत होने के बाद अस्पताल प्रशासन महिला का शव छोड़कर भाग निकला। पति सूरज का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते महिला की मौत हुई है। इसके बाद परिजन शव को लेकर अस्पताल आए। यहां पर शव गेट पर रखकर हंगामा किया। परिजन के हंगामे की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक उत्तर कमलेश सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और मामला शांत कर शव पोस्टमार्टम के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया।
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इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कमलेश सिंह का कहना है कि महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई है। परिजन ने थाने में रैपुरा रोड स्थित श्री ओम साईं राम हॉस्पीटल के संचालक डॉ. राजकुमारी, धर्मेंद्र, ध्रुव व अस्पताल स्टाफ के खिलाफ तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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साहब ऐसे अस्पतालों को बंद क्यों नहीं कराया जा रहा
मृतका की बड़ी बहन नीतू का कहना है कि उसकी बहन की तीन साल पूर्व शादी हुई थी। उस पर एक वर्ष का बेटा कन्हैया है। उसके बाद दूसरा प्रसव था, लेकिन अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही के कारण उसकी बहन की की मौत हुई है। उसने कहा कि प्रशासन को ऐसे अस्पतालों को बंद करा देना चाहिए, जहां पैसों के लिए मरीजों को मौत दी जा रही है। नीतू ने बताया कि सूरज ई-रिक्शा चला कर परिवार का भरण पोषण कर रहा है। प्रीति की मौत के बाद अब दो बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है।


अस्पताल में नाम गलत होने पर पुलिस दिन भर रही परेशान
थाना उत्तर प्रभारी कमलेश सिंह ने बताया कि अस्पताल की मोर्चरी में मृतका का नाम घर का अंजना व पता मायका कौशल्या नगर का लिखाने के कारण पुलिस सुबह से लेकर शाम तक परेशान रही। इसके बाद नाम व पता सही कराया गया। देर शाम पोस्टमार्टम की कार्रवाई तब जाकर हो सकी।
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