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Firozabad News: भू जल दोहन पर प्रशासन सख्त, 100 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस
Fri, 16 Jan 2026 02:17 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 16 Jan 2026 02:17 AM IST
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फिरोजाबाद। जनपद में गिरते भू जल स्तर पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। भूगर्भ जल दोहन के मानकों का पालन न करने पर जिले की 100 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रशासन के बार-बार निर्देशों के बावजूद कई उद्यमी जल संरक्षण की पहल नहीं कर रहे हैं। जिला प्रशासन अब इन डिफाल्टर इकाइयों के खिलाफ उद्योग निदेशालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को रिपोर्ट भेजने की तैयारी में है। इस रिपोर्ट के आधार पर इन इकाइयों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है या उनके संचालन पर रोक भी लग सकती है।
इसलिए हो रही है कार्रवाई
अवैध दोहन: कई इकाइयां बिना अनुमति या तय सीमा से अधिक भूगर्भ जल का इस्तेमाल कर रही हैं।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का अभाव: अधिकांश इकाइयों ने वर्षा जल संचयन की व्यवस्था नहीं की है।
नोटिस की अनदेखी: पहले दिए गए चेतावनियों और नोटिसों का उद्यमियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
यदि औद्योगिक इकाइयों ने भूगर्भ जल के पुनर्भरण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में जिले में पेयजल का गहरा संकट खड़ा हो सकता है। उद्यमियों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया तो एनजीटी और निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - नीलकमल रत्न, वरिष्ठ हाईड्रोलॉजिस्ट, भूगर्भ जल संरक्षण विभाग, आगरा
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प्रशासन के बार-बार निर्देशों के बावजूद कई उद्यमी जल संरक्षण की पहल नहीं कर रहे हैं। जिला प्रशासन अब इन डिफाल्टर इकाइयों के खिलाफ उद्योग निदेशालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को रिपोर्ट भेजने की तैयारी में है। इस रिपोर्ट के आधार पर इन इकाइयों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है या उनके संचालन पर रोक भी लग सकती है।
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इसलिए हो रही है कार्रवाई
अवैध दोहन: कई इकाइयां बिना अनुमति या तय सीमा से अधिक भूगर्भ जल का इस्तेमाल कर रही हैं।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का अभाव: अधिकांश इकाइयों ने वर्षा जल संचयन की व्यवस्था नहीं की है।
नोटिस की अनदेखी: पहले दिए गए चेतावनियों और नोटिसों का उद्यमियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
यदि औद्योगिक इकाइयों ने भूगर्भ जल के पुनर्भरण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में जिले में पेयजल का गहरा संकट खड़ा हो सकता है। उद्यमियों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया तो एनजीटी और निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - नीलकमल रत्न, वरिष्ठ हाईड्रोलॉजिस्ट, भूगर्भ जल संरक्षण विभाग, आगरा
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