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बुखार से ग्रस्त गर्भवती महिला को धक्का देकर अस्पताल से निकाला

Thu, 01 Sep 2016 12:23 AM IST
Amar Ujala
Amar Ujala Updated Thu, 01 Sep 2016 12:23 AM IST
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A pregnant woman gripped by fever connor out of the hospital
बुखार से ग्रस्त गर्भवती महिला को धक्का देकर अस्पताल से निकाला - फोटो : Amar Ujala
दो घंटे तक उपचार के लिए अस्पताल के गेट पर तड़पती रही पीड़िता
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हंगामे के बाद भी नहीं किया गया भर्ती, निजी नर्सिंग होम ले गए परिवारीजन
बुखार से पीड़ित गर्भवती महिला और उसके तीमारदार को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने धक्का मारकर जिला महिला अस्पताल से बाहर कर दिया गया। करीब दो घंटे तक पीड़िता अस्पताल के गेट पर उपचार के लिए तड़पती रही। उसकी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो परिवारीजन निजी नर्सिंग होम ले गए।
मूलरूप से थाना सिरसागंज के गांव नगला अखेराज निवासी रंजित की पत्नी सुमित्रा गर्भवती है। ससुराल में देखभाल न होने के कारण दो दिन पूर्व सुमित्रा पति के साथ अपने मायके नगला हंशी आ गई। बुधवार सुबह सुमित्रा को तेज बुखार आने से उसकी हालत बिगड़ गई। मां भूरीदेवी सुमित्रा को 108 एंबुलेंस से सुबह करीब छह बजकर 49 मिनट पर सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर पहुंची। सुमित्रा के गर्भवती होने के कारण चिकित्सकों ने उसको जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। यहां महिला चिकित्सक ने सुमित्रा को आगरा ले जाने की बात परिवारीजनों से की। परिवारीजनों ने सुमित्रा को आगरा ले जाने से मना किया तो सुमित्रा और उसकी मां भूरी देवी को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने धक्का मारकर अस्पताल के गेट से बाहर कर दिया। बेटी को उपचार दिलाने के लिए भूरी देवी करीब दो घंटे तक अस्पताल के गेट पर बैठी रही। इतना ही नहीं तेज बुखार से तप रही बेटी को कपड़ा गीला कर उसके हाथ पैर पर पानी डालने का प्रयास किया जाता रहा। महिला सीएम डा. उपमा सिंह और डाक्टर एलके गुप्ता के साथ अन्य चिकित्सक भी आ गए। इसके बाद भी महिला को उपचार नहीं मिला तो परिवारीजन उसको लेकर शांति नर्सिंग होम पहुंचे।
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महिला बुखार से पीड़ित थी। इसलिए उसको महिला अस्पताल में भर्ती न करते हुए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डा. एलके गुप्ता, बालरोग विशेष जिला महिला अस्पताल

महिला तेज बुखार से पीड़ित थी। उपचार के दौरान महिला के स्वास्थ्य ठीक हो गया है। उसकी देर शाम छुट्टी कर दी जाएगी।
डा. प्रेम यादव, शांति नर्सिंग होम संचालक

108 एंबुलेंस के न पहुंचने से पहले भी दम तोड़ चुके हैं बच्चे
स्वास्थ्य सेवाआें को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश और केेंद्र सरकार भले ही पहल करती रहीं हो, लेकिन स्थानीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते योजनाओं का लाभ पीड़ितों को नहीं मिल रहा। उत्तर थाना क्षेत्र के मोहल्ला झलकारी नगर निवासी रामादेवी पुत्री इंद्रपाल को परिवारीजन आठ अगस्त को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए थे। एंबुलेंस के न पहुंचने पर उसने दम तोड़ दिया। रसूलपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला शांतिनगर आसफाबाद निवासी सत्यप्रकाश पुत्र राजाराम की चार वर्ष माह की बेटी ने आठ अगस्त की रात एंबुलेंस के अभाव में दम तोड़ दिया।
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लापरवाही में चली गई थी बच्ची की जान
11 अगस्त की रात काल ट्रांसफर के चक्कर में टूंडला के नगला गोला निवासी धर्मेंद्र कुमार की पुत्री की मौत हो गई थी। बच्ची कुपोषण की शिकार थी। कार्रवाई की जद में फंसे चिकित्सक एक दूसरे के पाले में गेंद फेंकते नजर आए थे।
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