फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   भोजन नहीं, इच्छाओं का त्याग आवश्यक

भोजन नहीं, इच्छाओं का त्याग आवश्यक

Sun, 07 Sep 2014 05:30 AM IST
Firozabad
Firozabad Updated Sun, 07 Sep 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
फीरोजाबाद। दसलक्षण धर्म के आठवें दिन उत्तर त्याग धर्म की धूम रही। सुबह की नित्य नियम पूजा के बाद विभिन्न मंदिरों में विद्वानों द्वारा धर्म का महत्व बताया गया। वहीं शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही।
विज्ञापन

चंद्रप्रभ जैन मंदिर में दोपहर में आयोजित धर्मसभा में सरस्वती पूजन के बाद विधानाचार्य राजेश जैन द्वारा तत्वार्थ सूत्र के दसों अध्याय का वाचन किया गया। सायंकालीन धर्मसभा में दमोह से पधारे जैन विद्वान डा. भागेंदु ने उत्तम त्याग धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि त्याग द्रव्यों का नहीं अपितु परद्रव्यों में होने वाले राग और द्वेष का होता है। महज वस्तु का त्याग कर देने से राग-द्वेष समाप्त नहीं हो जाता। पदार्थों के प्रति आसक्ति को त्यागना ही उत्तम धर्म है। भोजन के त्याग से पहले शरीर और मन की इच्छाओं का त्याग आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि त्याग की महिमा अनंत है। धन संचय से कभी पूर्ण सुख नहीं मिलता जबकि त्याग से पूर्ण सुख की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि हम अपना जीवन कैसे अच्छा बनाएं यह हमें दसलक्षण धर्म सिखाता है। धर्मसभा में सुरेश चंद जैन एडवोकेट, वीरेंद्र रैमजा, विजय देवता, प्रमोद राजा, सुमतचंद जैन, कमल घड़ी वाले, जितेंद्र जैन मुन्ना, सुरेश चंद्र जैन इसौली, निर्मल जैन, वीरेंद्र भदावर, महावीर जैन मामा, विमलेश जैन, प्रमोद सोनल, हरीकिशन जैन आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन

प्रवचन से पूर्व दमोह से पधारी महिला जैन मिलन की अध्यक्षा सरोज जैन और मंदिर समिति अध्यक्ष जितेंद्र मुन्ना द्वारा भजन सुनाए गए। मंत्री कुलदीप मित्तल जैन एडवोकेट नेे बताया कि रविवार को उत्तम आकिंचन धर्म पर प्रवचन दिये जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आत्मा को चैतन्य रखने के लिए त्याग आवश्यक
विभव नगर जैन मंदिर में सामूहिक पूजन किया गया। नसिया जैन मंदिर में धर्मसभा में प्राचार्य नरेंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि आत्मा को चैतन्य रखने के लिए त्याग परम आवश्यक है। त्याग का अर्थ विकास भावों का पूर्ण त्याग है। आत्मा को परमात्मा बनाने के लिए क्रोध, लोभ, राग, द्वेष का त्याग ही उत्तम त्याग धर्म है। हम त्याग का सही स्वरूप समझते ही नहीं हैं। जैन नगर खेड़ा में जैन विद्वान भागचंद्र जैन, नई बस्ती में अनुराग शास्त्री, कटरा में सुरेंद्र कुमार जैन आदि ने त्याग धर्म पर कहा कि दानी से त्यागी सदा महान होता है। धर्मसभा में संजय जैन, विनोद जैन, अनुज जैन, हिमांशु जैन, जेसी जैन, देवेंद्र जैन, विजय देवता, अजय कुमार जैन, जेके जैन, संतोष जैन आदि उपस्थित रहे।

नसियाजी मंदिर में जलधारा आज
नसियाजी मंदिर कोटला रोड पर जलधारा महोत्सव रविवार दोपहर चार बजे से होगा। यह जानकारी रतन जैन ने दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed