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ठेकेदार विभाग की खींचतान में महिला चिकित्सक आवास से वंचित
Firozabad
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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फीरोजाबाद। महिला चिकित्सकों के लिए बने आवास खाली पडे़ हैं। ठेकेदार तथा स्वास्थ्य विभाग की खींचतान के चलते यह आवास अभी तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किए जा सके हैं।
जिला महिला अस्पताल में नौ महिला चिकित्सक तैनात हैं। उनके रहने के लिए जिला अस्पताल परिसर में आवास नहीं है। सभी चिकित्सक प्राइवेट आवासों को किराए पर लेकर रह रही हैं। आपातकालीन कॉल आने पर उनको घर से आने में दिक्कत होती है। महिला चिकित्सकों के लिए बने आवासों के मामले को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे। 12 भवन बने तैयार खडे़ हैं। ठेकेदार और स्वास्थ्य अधिकारी एक दूसरे के पाले में गेंद फेंकते नजर आते हैं। अगर यही हाल रहा तो एक दिन यह आवास खंडहर का रूप ले लेंगे। दरअसल इन आवासों को कार्यदायी संस्था ने अभी तक स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर नहीं किया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आवासों के चारों तरफ बाउंड्री करा कर दी जाए। जबकि ठेकेदार जगदीश का कहना है कि जिस समय आवासों को बनवाने का ठेका दिया गया था। उस समय आवासों के चारों तरफ बाउंड्री लगाने की बात नहीं की गई थी। आवास बनकर तैयार हो गए तब स्वास्थ्य अधिकारी बाउंड्री बनवाने की बात कह रहे हैं।
दो माह पूर्व जिला महिला अस्पताल का चार्ज लिया है। अस्पताल परिसर में महिला चिकित्सकों के रहने की लिए बनाए गए आवास की जानकारी है, लेकिन वह अभी हमारे कब्जे में नहीं हैं। इसलिए महिला चिकित्सकों के हैंडओवर नहीं किए गए हैं। ठेकेदार ने क्यों हैंडओवर नहीं किए हैं, जिसकी जानकारी नहीं है।
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सीएमएस, नीलम सिंघल।
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जिला महिला अस्पताल में नौ महिला चिकित्सक तैनात हैं। उनके रहने के लिए जिला अस्पताल परिसर में आवास नहीं है। सभी चिकित्सक प्राइवेट आवासों को किराए पर लेकर रह रही हैं। आपातकालीन कॉल आने पर उनको घर से आने में दिक्कत होती है। महिला चिकित्सकों के लिए बने आवासों के मामले को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे। 12 भवन बने तैयार खडे़ हैं। ठेकेदार और स्वास्थ्य अधिकारी एक दूसरे के पाले में गेंद फेंकते नजर आते हैं। अगर यही हाल रहा तो एक दिन यह आवास खंडहर का रूप ले लेंगे। दरअसल इन आवासों को कार्यदायी संस्था ने अभी तक स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर नहीं किया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आवासों के चारों तरफ बाउंड्री करा कर दी जाए। जबकि ठेकेदार जगदीश का कहना है कि जिस समय आवासों को बनवाने का ठेका दिया गया था। उस समय आवासों के चारों तरफ बाउंड्री लगाने की बात नहीं की गई थी। आवास बनकर तैयार हो गए तब स्वास्थ्य अधिकारी बाउंड्री बनवाने की बात कह रहे हैं।
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दो माह पूर्व जिला महिला अस्पताल का चार्ज लिया है। अस्पताल परिसर में महिला चिकित्सकों के रहने की लिए बनाए गए आवास की जानकारी है, लेकिन वह अभी हमारे कब्जे में नहीं हैं। इसलिए महिला चिकित्सकों के हैंडओवर नहीं किए गए हैं। ठेकेदार ने क्यों हैंडओवर नहीं किए हैं, जिसकी जानकारी नहीं है।
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सीएमएस, नीलम सिंघल।