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Firozabad News: अधर में लटकी अंजलि मौत प्रकरण की जांच, इंसाफ मांग रहा परिवार
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फिरोजाबाद। शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के गांव लभौआ निवासी अंजलि निगम की मौत के आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की जांच अधूरी पड़ी है। तीन दिन का समय मांगकर आठ दिन बाद भी ठोस कार्रवाई न होने से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उधर, मृतका का मासूम बेटा जिंदगी और मौत से जूझ रहा रहा है, जिसे अब नाजुक हालत में जयपुर में भर्ती कराया गया है।
अंजलि निगम प्रकरण को लेकर पुलिस-प्रशासन का रवैया उजागर होने लगा है। जबकि घटना के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामजीलाल सुमन और दर्जनों सपा नेताओं संग पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे एसपी देहात अनुज चौधरी व जांच अधिकारी एएसपी जयबिंद गुप्ता ने तीन दिन में निष्पक्ष जांच पूरी कर कड़ी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया था। हालांकि, परिजन के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस की जांच का दायरा सिमट कर रह गया है। 8 दिन बीत जाने के बाद भी किसी नतीजे पर न पहुंचने से परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।
सांस लेने में तकलीफ के बाद मासूम जयपुर रेफर
मां की मौत के बाद से मासूम बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है और वह पिछले आठ दिनों से अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। आगरा के अस्पताल में छह दिनों तक चले लंबे इलाज के बावजूद जब बच्चे को सांस लेने में भारी तकलीफ कम नहीं हुई, तो डॉक्टरों की सलाह पर उसे जयपुर ले जाया गया है। मृतका के जेठ विजय सिंह ने बताया कि जयपुर में मासूम की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिससे पूरे परिवार की चिंताएं और गहरा गई हैं। पीड़ित परिवार अब प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और इंसाफ की गुहार लगा रहा है।
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अंजलि निगम प्रकरण को लेकर पुलिस-प्रशासन का रवैया उजागर होने लगा है। जबकि घटना के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामजीलाल सुमन और दर्जनों सपा नेताओं संग पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे एसपी देहात अनुज चौधरी व जांच अधिकारी एएसपी जयबिंद गुप्ता ने तीन दिन में निष्पक्ष जांच पूरी कर कड़ी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया था। हालांकि, परिजन के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस की जांच का दायरा सिमट कर रह गया है। 8 दिन बीत जाने के बाद भी किसी नतीजे पर न पहुंचने से परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।
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सांस लेने में तकलीफ के बाद मासूम जयपुर रेफर
मां की मौत के बाद से मासूम बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है और वह पिछले आठ दिनों से अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। आगरा के अस्पताल में छह दिनों तक चले लंबे इलाज के बावजूद जब बच्चे को सांस लेने में भारी तकलीफ कम नहीं हुई, तो डॉक्टरों की सलाह पर उसे जयपुर ले जाया गया है। मृतका के जेठ विजय सिंह ने बताया कि जयपुर में मासूम की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिससे पूरे परिवार की चिंताएं और गहरा गई हैं। पीड़ित परिवार अब प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और इंसाफ की गुहार लगा रहा है।
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