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कृष्ण जैसी नैतिकता जीवन में जरूरी
Firozabad
Updated Sat, 11 Aug 2012 12:00 PM IST
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शिकोहाबाद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कालोनी स्थित शिव दर्शन भवन सेवा केंद्र पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में जन्माष्टमी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक अपर्णा थीं। इस अवसर पर केक काटकर श्रीकृष्ण का जन्मदिन मनाया गया।
मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए ब्रह्माकुमारी पूनम बहन ने विद्यालय का परिचय देते हुए बताया कि इस संस्था की स्थापना वर्ष 1937 में सुप्रसिद्ध जौहरी दादा लेखराज जिनका आध्यात्मिक नाम प्रजा पिता ब्रह्मा पड़ा, जिनके मानवीय तन का आधार लेकर स्वयं परम पिता परमात्मा शिव ने की। इस कलियुग अंत की बेला में विकारों, व्यवसनों से मुक्त होने के लिए राजयोग के अभ्यास से एक अभियान द्वारा सतयुग अर्थात् नवयुग का सूत्रपात किया। ब्रह्माकुमारी निधि बहन ने कृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा कि श्रीकृष्णजी को हम लार्ड कृष्णा, महाराजाधिराज कृष्ण के रूप में याद करते हैं। उनके जीवन चरित्रों को झांकियों के रूप में सजाते हैं। अब हमें अपने जीवन में भी झांक कर देखना होगा कि क्या कृष्णजी के जीवन जैसा हमारा जीवन नैतिकता से भरपूर है। मुख्य अतिथि ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की उपस्थित भाई-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सद्कर्म करते हुए आगे बढ़े। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। कार्यक्रम में किसान ग्रामीण बैंक के प्रबंधक रमेश यादव, ब्रह्माकुमार भ्राता विनय,उमेश भाई, नरेश भाई आदि उपस्थित थे।
फोटो परिचय- ईश्वरी विश्वविद्यालय में जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केक काटतीं एसपी अर्पणा।फोटो संख्या 3
ईश्वरी विश्वविद्यालय में जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबाधित करतीं एसपी अर्पणा। फोटो संख्या 4
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मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए ब्रह्माकुमारी पूनम बहन ने विद्यालय का परिचय देते हुए बताया कि इस संस्था की स्थापना वर्ष 1937 में सुप्रसिद्ध जौहरी दादा लेखराज जिनका आध्यात्मिक नाम प्रजा पिता ब्रह्मा पड़ा, जिनके मानवीय तन का आधार लेकर स्वयं परम पिता परमात्मा शिव ने की। इस कलियुग अंत की बेला में विकारों, व्यवसनों से मुक्त होने के लिए राजयोग के अभ्यास से एक अभियान द्वारा सतयुग अर्थात् नवयुग का सूत्रपात किया। ब्रह्माकुमारी निधि बहन ने कृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा कि श्रीकृष्णजी को हम लार्ड कृष्णा, महाराजाधिराज कृष्ण के रूप में याद करते हैं। उनके जीवन चरित्रों को झांकियों के रूप में सजाते हैं। अब हमें अपने जीवन में भी झांक कर देखना होगा कि क्या कृष्णजी के जीवन जैसा हमारा जीवन नैतिकता से भरपूर है। मुख्य अतिथि ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की उपस्थित भाई-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सद्कर्म करते हुए आगे बढ़े। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। कार्यक्रम में किसान ग्रामीण बैंक के प्रबंधक रमेश यादव, ब्रह्माकुमार भ्राता विनय,उमेश भाई, नरेश भाई आदि उपस्थित थे।
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फोटो परिचय- ईश्वरी विश्वविद्यालय में जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केक काटतीं एसपी अर्पणा।फोटो संख्या 3
ईश्वरी विश्वविद्यालय में जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबाधित करतीं एसपी अर्पणा। फोटो संख्या 4