पानी का संकट, महिलाओं को जलकल विभाग में हंगामा
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शनिवार दोपहर 12 जलकल विभाग पहुंची कुसुमा देवी, बबली, नीतू, मीना, शीतल, लक्ष्मी गुड्डी, रानी के साथ अन्य महिलाओं का कहना था कि क्षेत्र में लगा सबमर्सिबल खराब है। ठीक करने के लिए नगर निगम के कर्मचारी निकाल लाए थे। इस बात को 20 दिन बीत गए। लेकिन उसके बाद सबमर्सिबल नहीं लगा। पानी के लिए काफी दिक्कत हो रही है। निजी सबमर्सिबल वाले पानी नहीं भरने देते। आसपास कहीं भी पानी का साधन नहीं है।
इस भीषण गर्मी में बच्चे पानी के लिए दर-दर भटक रहे है। पीने के लिए रेलवे स्टेशन अथवा कहीं और से इंतजाम करना पड़ रहा है। इस बीच महिलाएं पानी के लिए जलकल विभाग में पानी दो पानी के नारे लगाती रही। लेकिन वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने नहीं सुनी। महिलाओं ने धैर्य खोते हुए अधिकारियों के चैंबर में घुसने का प्रयास किया। तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने रोक दिया। महिलाएं कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठ गई।
उनका कहना था कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा। वहीं नहीं जाएंगी और न ही अधिकारियों को जाने देंगी। मामला बढ़ता देख अवर अभियंता मुंशीलाल अपने कक्ष से बाहर आए और महिलाओं की बात को सुनने के साथ ही शाम तक सबमर्सिबल लगवाने का अश्वासन देकर मामले को शांत करा दिया। समस्या को लेकर महिलाएं नगर आयुक्त विजय कुमार से भी मिलीं।
सुनवाई न होने के कारण काम काज छोड़कर यहां आना पड़ा है। फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो बच्चों को साथ लेकर आएंगे और धरना देंगे।
शीतल देवी
पानी तो मिल नहीं पा रहा। लेकिन टैक्स के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जब पानी नहीं तो टैक्स किस बात का दिया जाए।
गुड्डी देवी