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हया करो, पश्चिमी सभ्यता से परहेज करो
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rose
- फोटो : amarujala
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फिरोजाबाद। वेलेंटाइन-डे को गुरुवार को इस्लामिक सेंटर पर हया दिवस के रूप में मनाया गया। चौथी हया कांफ्रेस में सऊदी अरब जद्दा से आए मुख्य अतिथि डा. जुबैर अहमद ने शिरकत की।
मुख्य अतिथि डा. जुबैर अहमद ने कहा कि भारत देश एक अखंडता वाला देश है। यहां हर धर्म के लोग अमन और भाईचारे से रहते हैं। वेलेंटाइन पश्चिमी सभ्यता परवान चढ़ाने का संदेश देती है। इससे नौजवानों को बचना चाहिए। मुफ्ती नदीम अख्तर ने कहा कि हमारा मुल्क गंगा, जमुनी तहजीब वाला मुल्क है।
इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई अपने अपने धर्मों पर अपनी सभ्यता पर रहते और चलते हैं। क्योंकि इस मुल्क के संविधान ने यह सभी धर्मों को आजादी दी है। निदेशक आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा कि यह कोई मोहब्बत का दिन नहीं है। अंग्रेजी सभ्यता को हमारे नौजवान अपना रहे हैं। उनसे हमें बचना चाहिए।
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इस अवसर पर आयोजित पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। प्रथम एनुल, द्वितीय फैजान, तृतीय मकबूल रहे। संचालन मोहम्मद अनस ने किया। इस अवसर पर मोहम्मद अयाज, मोहम्मद फैसल, जाकिर, साहिब-ए-आलम, मोहम्मद बिलाल आदि उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि डा. जुबैर अहमद ने कहा कि भारत देश एक अखंडता वाला देश है। यहां हर धर्म के लोग अमन और भाईचारे से रहते हैं। वेलेंटाइन पश्चिमी सभ्यता परवान चढ़ाने का संदेश देती है। इससे नौजवानों को बचना चाहिए। मुफ्ती नदीम अख्तर ने कहा कि हमारा मुल्क गंगा, जमुनी तहजीब वाला मुल्क है।
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इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई अपने अपने धर्मों पर अपनी सभ्यता पर रहते और चलते हैं। क्योंकि इस मुल्क के संविधान ने यह सभी धर्मों को आजादी दी है। निदेशक आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा कि यह कोई मोहब्बत का दिन नहीं है। अंग्रेजी सभ्यता को हमारे नौजवान अपना रहे हैं। उनसे हमें बचना चाहिए।
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इस अवसर पर आयोजित पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। प्रथम एनुल, द्वितीय फैजान, तृतीय मकबूल रहे। संचालन मोहम्मद अनस ने किया। इस अवसर पर मोहम्मद अयाज, मोहम्मद फैसल, जाकिर, साहिब-ए-आलम, मोहम्मद बिलाल आदि उपस्थित रहे।