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Fatehpur News: नहरों का फैला जाल, फिर भी सूखे पड़े खेत
Tue, 14 May 2024 02:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Tue, 14 May 2024 02:20 AM IST
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फोटो-13- गाजीपुर में सूखी पड़ी नहर। संवाद
- जायद की फसल को पानी नहीं मिलने से किसान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जनपद में सिंचाई के संसाधनों की कमी नहीं हैं। दो प्रमुख नहरों से 30 रजबहों व 179 माइनरों का जाल बिछा हुआ है। इसके बाद भी खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
जिले में 40 से 45 हजार हेक्टेयर भूमि पर जयाद की फसल होती है। गेंहू की फसल के बाद किसान जायद की फसल की बुआई करता है। खेतों में बुआई चालू भी हो गई है, लेकिन नहरों में पानी न मिलने से किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है।
विभाग की ओर से नहरों, रजबहों व माइनरों में पानी आता जरूर है, लेकिन सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। धरातल पर ज्यादातर नहरों में पानी नहीं है। किसान अक्सर इसे लेकर शासन, प्रशासन व सरकारों को घेरते आए हैं। वहीं, करीब ढाई महीनों से निचली व रामगंगा में पानी न आने से इसे क्षेत्र के किसान ज्यादा चिंतित हैं। गर्मी के समय में निजी नलकूपों के भी हलक सूख चुके हैं, जिसके चलते सिंचाई नहीं हो पा रही हैं।
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किसानों ने बताई समस्या
फोटो-14-भिटौरा ब्लॉक के बाबा पुरवा निवासी शेरसिंह ने बताया कि वह गेहूं की फसल काटने के बाद तुरंत मूंग की फसल करते हैं। लेकिन पानी कमी के चलते फसल नहीं बो पा रहे हैं। अब पानी आ जाने के बाद ही खेतों की तरफ रुख करेंगे।
फोटो-15- बाबा का पुरवा निवासी अजय कुमार ने बताया कि नहरों में पानी न आने से तालाबों की स्थिति बिगड़ गई है। हर साल सब्जी की फसल करके अच्छी खासी कमाई हो जाती थी। लेकिन इस बार पानी की कमी के चलते फसल नहीं बो पा रहे हैं।
बयान
जोनिहा अमौली मार्ग पर निर्माणाधीन पुल की वजह से पानी नहीं छोड़ा गया है। स्लैब का काम हो गया है। जैसे ही पुल का काम पूरा हो जाएगा, पानी चालू करवाकर किसानों को लाभ देना का कार्य किया जाएगा। सुंदर लाल वर्मा, अधिशासी अभियंता, नहर विभाग खंड-दो
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- जायद की फसल को पानी नहीं मिलने से किसान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जनपद में सिंचाई के संसाधनों की कमी नहीं हैं। दो प्रमुख नहरों से 30 रजबहों व 179 माइनरों का जाल बिछा हुआ है। इसके बाद भी खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
जिले में 40 से 45 हजार हेक्टेयर भूमि पर जयाद की फसल होती है। गेंहू की फसल के बाद किसान जायद की फसल की बुआई करता है। खेतों में बुआई चालू भी हो गई है, लेकिन नहरों में पानी न मिलने से किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है।
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विभाग की ओर से नहरों, रजबहों व माइनरों में पानी आता जरूर है, लेकिन सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। धरातल पर ज्यादातर नहरों में पानी नहीं है। किसान अक्सर इसे लेकर शासन, प्रशासन व सरकारों को घेरते आए हैं। वहीं, करीब ढाई महीनों से निचली व रामगंगा में पानी न आने से इसे क्षेत्र के किसान ज्यादा चिंतित हैं। गर्मी के समय में निजी नलकूपों के भी हलक सूख चुके हैं, जिसके चलते सिंचाई नहीं हो पा रही हैं।
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किसानों ने बताई समस्या
फोटो-14-भिटौरा ब्लॉक के बाबा पुरवा निवासी शेरसिंह ने बताया कि वह गेहूं की फसल काटने के बाद तुरंत मूंग की फसल करते हैं। लेकिन पानी कमी के चलते फसल नहीं बो पा रहे हैं। अब पानी आ जाने के बाद ही खेतों की तरफ रुख करेंगे।
फोटो-15- बाबा का पुरवा निवासी अजय कुमार ने बताया कि नहरों में पानी न आने से तालाबों की स्थिति बिगड़ गई है। हर साल सब्जी की फसल करके अच्छी खासी कमाई हो जाती थी। लेकिन इस बार पानी की कमी के चलते फसल नहीं बो पा रहे हैं।
बयान
जोनिहा अमौली मार्ग पर निर्माणाधीन पुल की वजह से पानी नहीं छोड़ा गया है। स्लैब का काम हो गया है। जैसे ही पुल का काम पूरा हो जाएगा, पानी चालू करवाकर किसानों को लाभ देना का कार्य किया जाएगा। सुंदर लाल वर्मा, अधिशासी अभियंता, नहर विभाग खंड-दो