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यूरिया से गोदाम खाली, किसानों की बढ़ी दिक्कत
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पीसीएफ के गोदाम में इफ्को यूरिया खत्म होने के बाद पसरा सन्नाटा
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। किसानों की जरूरत के समय एक बार फिर जिले में यूरिया की किल्लत बढ़ गई है। पीसीएफ के गोदाम खाली हैं और अभी 10 दिन तक यूरिया खाद की रैक आने की संभावना नहीं है। खाद न होने से ज्यादातर समितियों में ताला बंद हो गया है। खाद के लिए किसान समितियों की चक्कर लगा रहे हैं और बंद ताला देखकर वापस लौट रहे हैं।
पीसीएफ के गोदाम से जिले की 75 सहकारी समिति और डीसीएफ, आईएफडीसी के सेंटरों में खाद भेजी जाती है। पीसीएफ गोदाम बिसौली, नई तहसील रोड का गोदाम खाली हो गया है। किसानों की जरूरत को देखते हुए समिति के सचिवों ने यूरिया खाद लेने के लिए रुपये जमा कर रखे हैं, लेकिन उनको खाद नहीं मिल रही है। प्रयागराज के फूलपुर से रोज ट्रकों से खाद मंगाई जाती है। जो किसानों की जरूरत के सापेक्ष नाकाफी है।
किसान राजेश द्विवेदी ने कहा कि सहकारी समिति में खाद नहीं है। प्राइवेट दुकान में मंहगे दाम पर दुकानदार खाद बेच रहे हैं। धान की फसल में यूरिया का छिड़काव न किया गया तो फसल खराब हो जाएगी।
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किसान नेता अनूप सिंह ने कहा कि जब किसानों को जरूरत होती है। खाद के गोदाम खाली हो जाते हैं। अधिकारी भी किसानों की जरूरत को नजर अंदाज किए हैं।
किसान हीरालाल ने बताया कि सहकारी समिति में खाद नहीं मिली तो प्राइवेट दुकान से खाद लेकर आए हैं। समिति में 267 रुपये वाली यूरिया को 300 रुपये की एक बोरी मिली है।
सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता रामनायन सिंह ने बताया कि यूरिया की डिमांड भेजी गई थी। प्रदेश में 10वें नंबर पर रैक है। अगस्त के पहले सप्ताह में यूरिया की रैक जिले में आने की संभावना है।
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पीसीएफ के गोदाम से जिले की 75 सहकारी समिति और डीसीएफ, आईएफडीसी के सेंटरों में खाद भेजी जाती है। पीसीएफ गोदाम बिसौली, नई तहसील रोड का गोदाम खाली हो गया है। किसानों की जरूरत को देखते हुए समिति के सचिवों ने यूरिया खाद लेने के लिए रुपये जमा कर रखे हैं, लेकिन उनको खाद नहीं मिल रही है। प्रयागराज के फूलपुर से रोज ट्रकों से खाद मंगाई जाती है। जो किसानों की जरूरत के सापेक्ष नाकाफी है।
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किसान राजेश द्विवेदी ने कहा कि सहकारी समिति में खाद नहीं है। प्राइवेट दुकान में मंहगे दाम पर दुकानदार खाद बेच रहे हैं। धान की फसल में यूरिया का छिड़काव न किया गया तो फसल खराब हो जाएगी।
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किसान नेता अनूप सिंह ने कहा कि जब किसानों को जरूरत होती है। खाद के गोदाम खाली हो जाते हैं। अधिकारी भी किसानों की जरूरत को नजर अंदाज किए हैं।
किसान हीरालाल ने बताया कि सहकारी समिति में खाद नहीं मिली तो प्राइवेट दुकान से खाद लेकर आए हैं। समिति में 267 रुपये वाली यूरिया को 300 रुपये की एक बोरी मिली है।
सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता रामनायन सिंह ने बताया कि यूरिया की डिमांड भेजी गई थी। प्रदेश में 10वें नंबर पर रैक है। अगस्त के पहले सप्ताह में यूरिया की रैक जिले में आने की संभावना है।