फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Two thousand bigha crops destroyed, 15 thousand people affected

दो हजार बीघे फसलें नष्ट, 15 हजार लोग प्रभावित

Thu, 06 Sep 2018 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 06 Sep 2018 12:31 AM IST
विज्ञापन
Two thousand bigha crops destroyed, 15 thousand people affected
flood victim - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पानी का तेज बहाव बाढ़ पीड़ितों के लिए खतरे की घंटी बन गया है। बाढ़ से दो हजार बीघे फसलें नष्ट हो गई हैं। वहीं 15 हजार लोग प्रभावित हैं। करीब डेढ़ दर्जन गांव में बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें पांच गांव खतरे में हैं जिससे ग्रामीणों में दहशत है। प्रशासन की ओर से मिल रही मदद नाकाफी साबित हो रही है। इन बदतर हालातों में भी अभी तक किसी जनप्रतिनिधि के न पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी है।  
विज्ञापन

पानी का बहाव तेज होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के चारो तरफ पानी ही पानी है। पानी के सैलाब में धान, बैंगन, भिंडी, अरहर, तिल्ली, मिर्च सभी कुछ डूब गए हैं। खेतों में चौतरफा पानी ही पानी है। दो हजार बीघे फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। ऐसे में मवेशियों के चारे की समस्या हैं। बाढ़ से बेरीनारी, रामघाट, बिंदकी फार्म, बेनी खेड़ा, जाड़े का पुरवा, औसेरी खेड़ा, काली कुंडी, पचघरा, सदनहा, बड़ाखेड़ा, नया खेड़ा, मल्लू खेड़ा, बंबुरी खेड़ा, मदारपुर गांव प्रभावित है। इनमें बेरीनारी, रामघाट, जाड़े का पुरवा, बिंदकी फार्म, बेनीखेड़ा में खतरा अधिक है। बाढ़ क्षेत्रों में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। पांडु नदी गंगा में मिल गई है। बुधवार रात तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र जाड़े का पुरवा और औसेरीखेड़ा का भी सड़क कट जाने से संपर्क टूट सकता है।  
विज्ञापन

.........................
स्वास्थ्य कर्मियों पर होगी कार्रवाई
औंग। एसडीएम बिंदकी सुशील कुमार गोंड का कहना है कि स्थलीय स्वास्थ्य कैंप करने के लिए टीम निर्धारित की गई है। फिर भी यहां जिन स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उनका उपस्थित न होना गंभीर विषय है। निश्चित तौर पर लापरवाही करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो नए बाढ़ पीड़ित आ रहे हैं उनके लिए झोपड़ी बनाने के लिए तिरपाल की व्यवस्था की जा रही है। राशन की व्यवस्था की जाएगी।  
विज्ञापन
विज्ञापन

.....................
नाव न होने से कैसे निकलें बाढ़ पीड़ित  
- तिरपाल पड़े कम, घरों से लेकर आ रहे तिरपाल
औंग। बाढ़ क्षेत्र में नाव की कमी है। सिर्फ एक ही नाव है। पीड़ितों को सुरक्षित स्थान में पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तीन से चार नाव चलाने की मांग की है।  
जाड़े का पुरवा में सन्नाटा पसरा है। यहां के 96 परिवार बाढ़ राहत शिविर महुआ घाटी पहुंच गए हैं। इसी प्रकार बिंदकी फार्म से बाढ़ पीड़ितों को निकलने के लिए नाव की व्यवस्था नहीं है। नाव के इंतजाम के लिए प्रशासन सिर्फ कोरा आश्वासन दे रहा है। बिंदकी फार्म में 83 परिवार हैं। छह परिवार पिछले दिनों सुरक्षित स्थान बाढ़ राहत चौकी महुआ घाटी पहुंच गए थे। बुधवार को 25 परिवार के लोग निकाले गए। अभी यहां 55 परिवार नाव न मिलने से नहीं आ पा रहे हैं। पीड़ितों को प्रशासन की ओर से पर्याप्त तिरपाल नहीं पहुंचाए जा रहे हैं। खुद तिरपाल लाकर आशियाना बना रहे हैं।  
........................
एक सप्ताह से नहीं बंटा राशन, तेल
- बिजली की रोशनी बाढ़ राहत शिविर में पहुंची
औंग। सुरक्षित स्थान पर पहुंचे बाढ़ पीड़ितों के पास प्रशासन की ओर से पिछले एक सप्ताह में न तो राशन पहुंचा और न ही मिट्टी का तेल। ऐसे में पीड़ितों को भोजन आदि की व्यवस्था करने में दिक्कत आ रही है। बाढ़ राहत शिविर महुआ घाटी में बिजली आपूर्ति शुरू हो गई है। बाढ़ राहत शिविर में एक सप्ताह से कुछ नहीं बंटा। राशन और चावल नहीं मिला है। ग्रामीणों ने यहां चावल, आंटा और सब्जी उपलब्ध कराने की मांग की है। जाड़े का पुरवा के शिवशंकर, रतिराम, चेतराम, मैकू, ननकी, डोरीलाल, बिंदकी फार्म निवासी योगेंद्र, दिनेश, अटल बहादुर ने बताया कि राहत शिविर में सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। दिन में सिपाही रहते हैं रात में कोई नहीं रहता है।  
.........................
बुखार से वृद्धा बीमार, नहीं पहुंची टीम
औंग। बाढ़ पीड़ितों को स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पा रही है। यहां अभी तक कोई स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची। क्षेत्र में दुर्जी (70) बुखार से पीड़ित है लेकिन स्वास्थ्य टीम के न पहुंचने से इलाज नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने यहां स्वास्थ्य कैंप लगाने की मांग की है।  

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित गांव
बाढ़ से बेरीनारी, रामघाट, बिंदकी फार्म, बेनी खेड़ा, जाड़े का पुरवा, औसेरी खेड़ा, काली कुंडी, पचघरा, सदनहा, बड़ाखेड़ा, नया खेड़ा, मल्लू खेड़ा, बंबुरी खेड़ा, मदारपुर गांव प्रभावित है।

............................
गंगा और यमुना का जल स्तर
----------------------  
गंगा नदी भिटौरा  
खतरे का निशान - 100.86 मीटर में   
वर्तमान स्थिति- 101.050 मीटर में  
यमुना नदी ललौली  
खतरे का निशान - 103 मीटर  
वर्तमान स्थिति - 93.26 मीटर में  
यमुना नदी दतौली -  
खतरे का निशान - 103 मीटर  
वर्तमान स्थिति - 92.16 मीटर 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed