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टमाटर की खेती ने बदल दी किसान की तकदीर
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हुसैनगंज क्षेत्र में टमाटर की फसल दिखाता किसान
- फोटो : FATEHPUR
हुसैनगंज (फतेहपुर)। टमाटर की खेती ने किसान की तकदीर बदल दी है। किसान प्रति बीघे 12 हजार रुपये खर्च करके एक से सवा लाख का मुनाफा कमा रहा हैं।
यह सब उन्नतशील बीज के प्रयोग और संसाधनों की उपलब्धता से संभव हो पाया है। छह साल की कमाई से किसान ने गांव में पक्का मकान, निजी नलकूप लगवा लिया है। जल्द ही वह ट्रैक्टर खरीदने वाला है।
भिटौरा ब्लाक के मोहद्दीनपुर के किसान रामकेश लोधी ने बताया कि पिता की मौत के बाद भाई रामचंद्र के साथ संयुक्त रूप से टमाटर की खेती शुरू की थी।
शादी के बाद छह साल पहले वह अपने हिस्से की चार बीघे जमीन लेकर अलग रहने लगा था। उसे रहने के लिए घर में एक कच्ची कोठरी मिली थी। इसके बाद से उसने हर साल ढाई बीघे में टमाटर की फसल करनी शुरू कर दी।
इस बार उसने नामधारी प्रजाति के टमाटर की फसल तैयार की है। इस फसल को तैयार करने में खाद, बीज, कीटनाशकों और मजदूरी को मिलाकर करीब 12 हजार रुपये प्रति बीघे की लागत आई है।
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हर पौधे में पांच से आठ किलो टमाटर निकलता है। प्रति पौधा चार से पांच बार फसल देता है। रामकेश ने बताया कि इस समय लालगंज की मंडी में टमाटर ढाई से तीन हजार रुपये क्विंटल के हिसाब से बिक रहा है।
अगर इसी तरह भाव मिलता रहा तो, एक बीघे से करीब एक से सवा लाख रुपये की आमदनी होना तय है। पिछले साल भी उसे लगभग यह भाव मिला था और आमदनी भी अच्छी हुई थी।
रामकेश ने बताया कि अच्छी प्रजाति का बीज और खाद के साथ टमाटर की खेती की। उसने इस आय से पक्का मकान, निजी नलकूप और एक भैंस खरीदी है। वह पत्नी और तीन बेटियों की सभी जरूरतें पूरी कर रहा है। इस बार अगर मौसम साथ दे गया, तो ट्रैक्टर खरीदने की योजना है। (संवाद)
इनसेट...
एक बीघे की फसल पर यह आता है खर्च
बीज - पांच हजार रुपये
खाद - कीटनाशक - तीन हजार रुपये
पानी - दो हजार रुपये
मजदूरी - दो हजार रुपये
कुल लागत - 12 हजार रुपये
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यह सब उन्नतशील बीज के प्रयोग और संसाधनों की उपलब्धता से संभव हो पाया है। छह साल की कमाई से किसान ने गांव में पक्का मकान, निजी नलकूप लगवा लिया है। जल्द ही वह ट्रैक्टर खरीदने वाला है।
भिटौरा ब्लाक के मोहद्दीनपुर के किसान रामकेश लोधी ने बताया कि पिता की मौत के बाद भाई रामचंद्र के साथ संयुक्त रूप से टमाटर की खेती शुरू की थी।
शादी के बाद छह साल पहले वह अपने हिस्से की चार बीघे जमीन लेकर अलग रहने लगा था। उसे रहने के लिए घर में एक कच्ची कोठरी मिली थी। इसके बाद से उसने हर साल ढाई बीघे में टमाटर की फसल करनी शुरू कर दी।
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इस बार उसने नामधारी प्रजाति के टमाटर की फसल तैयार की है। इस फसल को तैयार करने में खाद, बीज, कीटनाशकों और मजदूरी को मिलाकर करीब 12 हजार रुपये प्रति बीघे की लागत आई है।
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हर पौधे में पांच से आठ किलो टमाटर निकलता है। प्रति पौधा चार से पांच बार फसल देता है। रामकेश ने बताया कि इस समय लालगंज की मंडी में टमाटर ढाई से तीन हजार रुपये क्विंटल के हिसाब से बिक रहा है।
अगर इसी तरह भाव मिलता रहा तो, एक बीघे से करीब एक से सवा लाख रुपये की आमदनी होना तय है। पिछले साल भी उसे लगभग यह भाव मिला था और आमदनी भी अच्छी हुई थी।
रामकेश ने बताया कि अच्छी प्रजाति का बीज और खाद के साथ टमाटर की खेती की। उसने इस आय से पक्का मकान, निजी नलकूप और एक भैंस खरीदी है। वह पत्नी और तीन बेटियों की सभी जरूरतें पूरी कर रहा है। इस बार अगर मौसम साथ दे गया, तो ट्रैक्टर खरीदने की योजना है। (संवाद)
इनसेट...
एक बीघे की फसल पर यह आता है खर्च
बीज - पांच हजार रुपये
खाद - कीटनाशक - तीन हजार रुपये
पानी - दो हजार रुपये
मजदूरी - दो हजार रुपये
कुल लागत - 12 हजार रुपये