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1613 घरों में नहीं हैं शौचालय, नालियों में बह रहा मानव मल
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चौधराना की गंदी गली
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। अमृत योजना का सच ये है कि 1613 घरों में अभी तक शौचालय नहीं हैं। दो साल पहले 6913 लाभार्थियों ने शौचालय के लिए नगर पालिका में आवेदन किया था।
जिनमें 5300 को शौचालय निर्माण के लिए पैसा दिया गया है। शौचालय विहीन घरों में पाइप के रास्ते नालियों में मानव मल बहाया जा रहा है।
ऐसे में नालियों की गंदगी से लोग परेशान हैं। दुर्गंध के कारण बीमारियां फैलने की आशंका प्रबल है।
नगर पालिका ने दिसंबर 2018 में शौचालय विहीन घर चिह्नित कराए थे। इस दौरान 6913 लोगों ने शौचालय निर्माण कराने के लिए आर्थिक मदद पाने को आवेदन किया था।
नगर पालिका इनमें से 5300 लोगों को आठ हजार प्रति लाभार्थी के हिसाब से दो किस्तों में आर्थिक मदद दे सकी है।
शेष 1613 लाभार्थियों को बजट आने के बाद आर्थिक मदद देने को कहा गया था। हालात ये है कि इसके बाद से केंद्र सरकार ने अमृत योजना में दोबारा बजट नहीं दिया।
ऐसी हालत में इन लाभार्थियों के घरों में शौचालय नहीं बन पाए हैं। इन घरों से नालियों में मानव मल बहाया जा रहा है। इसका नमूना पनी परिषदीय स्कूल से चौक रोड को मिलाने वाली गली है।
यहां पर कई घरों से पाइप के माध्यम से गंदगी नालियों में बहाई जाती है। यह गली मात्र बानगी है। शहर में इस तरह दर्जनों रास्ते हैं, जहां पर नालियों में गंदगी दिखाई देगी। फिर भी नगर पालिका अंजान बनी हुई है।
स्वास्थ्य एवं सफाई निरीक्षक राकेश गौड़ का कहना है नालियों में मानव मल बहाए जाने की जानकारी नहीं है। सोमवार को वह स्वयं मौके पर जाएंगे।
जो नालियों में मानव मल बहाते मिलेंगे, उन्हें नोटिस दी जाएगी। इसके बाद भी संबंधित समस्या का निराकरण नहीं करता है, तो उस पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
मुराइन मोहल्ला निवासी आर्यन का कहना है कि नालियों में गंदगी के चलते निकलना मुश्किल हो गया है। पूरी नाली बजबजा रही है। लोग बिना टैंक के शौचालय बनाए हुए हैं। पाइप लगाकर नालियों में मल बहा रहे हैं। ऐसे में मोहल्ले में बीमारी फैलने की आशंका है।
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किशन श्रीवास्तव का कहना है कि कई बार मोहल्ले के लोगों से गंदगी को लेकर कहा गया। सुबह से शाम तक नाली में गंदगी बजबजाती रहती है। नगर पालिका के सफाई कर्मचारी जानते हुए भी इसकी रिपोर्ट नहीं करते हैं, जिससे समस्या गंभीर होती जा रही है।
दीपक तिवारी का कहना है कि नाली में मानव मल बहाने की नगर पालिका में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। गंदगी की वजह से मोहल्ले का पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, लेकिन नगर पालिका चुप्पी साधे हुए है।
सुभाष सिन्हा का कहना है कि जिन घरों से मल नालियों में बहाया जा रहा है, वह आर्थिक रूप से कमजोर भी नहीं हैं। फिर भी शौचालय नहीं बनवा रहे हैं। जबरन नालियों में गंदगी बहाया करते हैं। नगर पालिका इस समस्या का निराकरण कराए।
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जिनमें 5300 को शौचालय निर्माण के लिए पैसा दिया गया है। शौचालय विहीन घरों में पाइप के रास्ते नालियों में मानव मल बहाया जा रहा है।
ऐसे में नालियों की गंदगी से लोग परेशान हैं। दुर्गंध के कारण बीमारियां फैलने की आशंका प्रबल है।
नगर पालिका ने दिसंबर 2018 में शौचालय विहीन घर चिह्नित कराए थे। इस दौरान 6913 लोगों ने शौचालय निर्माण कराने के लिए आर्थिक मदद पाने को आवेदन किया था।
नगर पालिका इनमें से 5300 लोगों को आठ हजार प्रति लाभार्थी के हिसाब से दो किस्तों में आर्थिक मदद दे सकी है।
शेष 1613 लाभार्थियों को बजट आने के बाद आर्थिक मदद देने को कहा गया था। हालात ये है कि इसके बाद से केंद्र सरकार ने अमृत योजना में दोबारा बजट नहीं दिया।
ऐसी हालत में इन लाभार्थियों के घरों में शौचालय नहीं बन पाए हैं। इन घरों से नालियों में मानव मल बहाया जा रहा है। इसका नमूना पनी परिषदीय स्कूल से चौक रोड को मिलाने वाली गली है।
यहां पर कई घरों से पाइप के माध्यम से गंदगी नालियों में बहाई जाती है। यह गली मात्र बानगी है। शहर में इस तरह दर्जनों रास्ते हैं, जहां पर नालियों में गंदगी दिखाई देगी। फिर भी नगर पालिका अंजान बनी हुई है।
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स्वास्थ्य एवं सफाई निरीक्षक राकेश गौड़ का कहना है नालियों में मानव मल बहाए जाने की जानकारी नहीं है। सोमवार को वह स्वयं मौके पर जाएंगे।
जो नालियों में मानव मल बहाते मिलेंगे, उन्हें नोटिस दी जाएगी। इसके बाद भी संबंधित समस्या का निराकरण नहीं करता है, तो उस पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
मुराइन मोहल्ला निवासी आर्यन का कहना है कि नालियों में गंदगी के चलते निकलना मुश्किल हो गया है। पूरी नाली बजबजा रही है। लोग बिना टैंक के शौचालय बनाए हुए हैं। पाइप लगाकर नालियों में मल बहा रहे हैं। ऐसे में मोहल्ले में बीमारी फैलने की आशंका है।
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किशन श्रीवास्तव का कहना है कि कई बार मोहल्ले के लोगों से गंदगी को लेकर कहा गया। सुबह से शाम तक नाली में गंदगी बजबजाती रहती है। नगर पालिका के सफाई कर्मचारी जानते हुए भी इसकी रिपोर्ट नहीं करते हैं, जिससे समस्या गंभीर होती जा रही है।
दीपक तिवारी का कहना है कि नाली में मानव मल बहाने की नगर पालिका में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। गंदगी की वजह से मोहल्ले का पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, लेकिन नगर पालिका चुप्पी साधे हुए है।
सुभाष सिन्हा का कहना है कि जिन घरों से मल नालियों में बहाया जा रहा है, वह आर्थिक रूप से कमजोर भी नहीं हैं। फिर भी शौचालय नहीं बनवा रहे हैं। जबरन नालियों में गंदगी बहाया करते हैं। नगर पालिका इस समस्या का निराकरण कराए।

आर्यन- फोटो : FATEHPUR

किशन श्रीवास्तव- फोटो : FATEHPUR

दीपक तिवारी- फोटो : FATEHPUR

सुभाष- फोटो : FATEHPUR