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आंधी-पानी ने किसानों को किया तबाह, आधे से ज्यादा फसल चौपट

Tue, 17 Mar 2015 12:39 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फतेहपुर
ब्यूरो,अमर उजाला फतेहपुर Updated Tue, 17 Mar 2015 12:39 AM IST
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thunderstorm-Torrential rain caused huge damage to farmers, half of the crop flushed

रबी की तैयार फसल पर कुदरत का कहर, किसानों की पचास फीसदी से अधिक फसल गिर गई। किसान घर की पूंजी और बैंक से लोन लेकर सब कुछ बारिश में गवां बैठा है, जिसमें किसानों द्वारा खेती करने के लिए बैंक से लिए गए ऋण में एक रुपये भी चुकाने की स्थिति में नहीं हैं।

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कुदरत की इस बर्बादी से 25 फीसदी छोटे किसान शहरों में मजदूरी के लिए पलायन करने लगे हैं। किसान रबी की फसल से परिवार के सपने संजोए हुए था, जो मार्च माह में हुई दो बार जोरदार  बरसात से सपने चकना चूर हो गए। किसानों के बर्बादी की कहानी उन्हीं की जुबानी।
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बरसात और ओलावृष्टि से फसलें पूरी तरह से चौपट हो र्गइं। किसानों के सामने रोजी रोटी की समस्या पैदा हो गई। पकी खड़ी फसल बर्बाद होते देख किसान रो रहा है। सरकार से मुआवजे की आस लगाए हैं।
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पिछले दो दिन से हो रही बरसात, ओलावृष्टि और आंधी तूफान ने कहर बरपा कर दिया है। चारा ओर फसलों की बर्बादी का आलम है। किसान दिल थामे बैठे हैं।

यमुना तटवर्ती किशनपुर, सेमरी, ऐरई, तुलसीपुर, रानीपुर, मखउवा, सैदपुर, सलेमपुर, दामपुर, अढ़ैया, एकडला, असहट, नरौली, मड़ौली, मझिंगवा, गुरवल सहित करीब दो दर्जन से अधिक गांवों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। एक दाना भी घर आने की उम्मीद नहीं है।

इसी तरह सरसौली, घोषी, बेलाई, एकौरा, ब्याेंटी, कटाेंघन, बरकतपुर, बुदवन, कस्बासोहन, लौकियापुर, भखरना, सिठियानी, टेनी, संवत, भोगलपुर, कुंभीपुर, ऐरायां मसायख आदि ज्यादातर गांवों की फसलें नष्ट हो गई हैं। खेतों में पकी खड़ी लाही, चना मटर, जौ और गेंहू की फसलें चौपट हो गई हैं। वहीं टमाटर, बैगन, लौकी, करेला, ककड़ी, खीरा, रामकरैला आदि सब्जियां भी प्रभावित हुई हैं। ओलों से आम की बौर गिर गई हैं। किसान कल्ली निषाद, वीरेंद्र यादव, हरिश्चंद्र, तुलसी, शरद सिंह, बलराम, अरबिंद और बच्चा ने बताया कि बरसात और ओला गिरने से फसलें बेकार हो गई हैं। किसानों के सामने भुखमरी की समस्या आ गई है। खागा के किसान शीतलाचरण, मुन्नीलाल, राममनोहर, राजेश सिंह और मइयादीन ने बताया कि बैंकाें का कर्ज अदा करना मुश्किल हो गया है।


 हंसवा विकास खंड के सातो गांव के किसान रामसुमेर सिंह ने बताया कि धान और आलू की खेती करने के लिए वर्ष 2014 में थरियांव बैंक से केसीसी से दो लाख 40 हजार रुपये लिया था, जो धान की फसल बर्बाद होने से एक रुपये भी बैंक में नहीं जमा किया गया है। गेहूं और आलू की फसल में कुछ उम्मीद थी कि बैंक से छुटकारा मिल जाएगा लेकिन बेमौसम बारिश में एक बार फिर से सपने बह गए।

 सातों के ही किसान बलवंत सिंह के अनुसार एसबीआई थरियांव में केसीसी बनी हुई है, जिसमें से वर्ष 2014 में एक लाख 25 हजार रुपये निकाले हैं। धान की फसल सूखे से नष्ट हो गई और आलू और गेहूं की फसल काफी अच्छी रही, जो बारिश में पूरी तरह से तबाह हो गई है। अब ऐसे में बैंक का ब्याज भी देना मुश्किल है।

 बलईपुर गांव के बलभद्र सिंह यादव ने बताया कि आलू की खेती के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से पांच लाख बीओबी बहरामपुर से ऋ ण लिया है। आलू के दामों में कमी होने से लागत ही नहीं निकल रही थी, अब बारिश से आलू की फसल ही बर्बाद हो गई है। ऐसी हालत में बैंक से लिया गया कर्ज चुकाना मुश्किल है।
19- राजरानी
 बलईपुर गांव की ही राजरानी ने बताया कि बहरामपुर की बीओबी बैंक से ढाई लाख रुपये किसान क्रेडित कार्ड से निकाले थे। धान की फसल सूखे से बर्बाद हो गई और आलू, गेहूं की फसल पानी से बर्बाद हो गई। ऐसे में परिवार चलाना मुश्किल है, बैंक का लोन कहां से भर पाएंगे।
कोट
 ‘राजस्व विभाग द्वारा बारिश से हुए फसलों की पड़ताल की जा रही है। इसके बाद कृषि बीमा के तहत बीमा कंपनी किसानों को मुआवजा देगी और शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिससे फसल बर्बादी के मुआवजे का भी किसानों को लाभ मिल सके।’ - रविकांत सिंह, कृषि अधिकारी



बर्बाद फसलों की भेजी रिपोर्ट फर्जी
 बिंदकी। जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव दिनेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को भेजे   ज्ञापन में कहा है कि बेमौसम हुई बरसात पर किसानों की 70 प्रतिशत फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है, जिससे जिले का किसान भुखमरी की कगार में आ गया है। लेखपालों व कृषि अधिकारी ने जो सर्वे रिपोर्ट भेजी है। उसमें मात्र 30 से 40 प्रतिशत ही क्षति दिखाई गई है, जो पूरी तरह से गलत है। शासनादेश के अनुसार खेतों खेतों में जाकर सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है। इस मौके पर करीम लाला, हरिशंकर श्रीवास्तव, मोहम्मद मजीद, सुधीर शुक्ला, विनोद मिश्र, प्रेम बहादुर, सर्वेंद्र तिवारी, संजय पासवान, भूपेंद्र पासवान, इरशाद राईन आदि मौजूद रहे।


किसान सभा ने डीएम को दिया ज्ञापन
 फतेहपुर। किसान सभा के पदाधिकारियों ने सोमवार को किसानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया, जिसमें बारिश से बर्बाद किसानों को फसल के मुआवजे की मांग की गई। जिला इकाई के जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि बेमौसम बारिश से किसानों का भारी नुकसान हुआ है, जिसमें बहुत से किसान परिवार को भोजन के भी लाले पड़ जाएंगे। इसी प्रकार खरीफ की फसल सूखे से बर्बाद हो गई है, जिसमें शासन की ओर से जिले को सूखा भी घोषित किया गया था लेकिन अभी तक एक भी किसान को मुआवजे की धनराशि नहीं मिली है। इस मौके पर दिनेश कुमार, अमीन, अनिल कुमार, सुरेेंद्र, बृजेश पाल, हीरालाल चौधरी, रामप्रकाश, जगदेव आदि रहे।

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