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साजिश रचने में मोहित समेत तीन छात्र हत्याकांड में गए जेल
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खागा कोतवाली में तीन हत्यारोपी व पुलिस ।
- फोटो : FATEHPUR
हत्या की साजिश में मोहित समेत तीन छात्र गए जेल
फतेहपुर। बीएससी के छात्र की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके करीबी दोस्त मोहित को साजिश का आरोपी माना है। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों के साथ उसे भी जेल भेजा है। पुलिस ने बुधवार सुबह इनको गिरफ्तार किए जाने का दावा किया है। आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई बाइक, छात्र के कपड़े, जूते बरामद किए।
खखरेरू थाना क्षेत्र के जयरामपुर गुरगौला निवासी बीएससी छात्र बेटे नीलेश (19) पुत्र शिवसेवक सोनकर की चार जुलाई की रात हत्या कर दी गई थी। घटना के तीन दिन बाद मंगलवार को हाईवे किनारे से शव बरामद हुआ। पुलिस ने हरदों पेट्रोप पंप के पास से सुबह नंदापुर गांव के नीरज, रंजीत (मौसेरे भाई) को गिरफ्तार किया। रंजीत प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर थाने के चमराई निवासी है वहीं पुलिस ने पश्चिमी हाईवे से मोहित निवासी गुरगौला खखरेरू को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने नीरज के घर से नीलेश की बाइक और कपड़े, जूते बरामद किए हैं। बता दें कि चार जुलाई को नीलेश बाइक से मोहित को लेकर बहन सीतू के घर बहरामपुर गांव आया था। यहां से लौटते समय शराब पी रखी थी। रास्ते में नंदापुर गांव के नीरज और रंजीत मिले थे। इन दोनों की नीयत नीलेश की बाइक में खराब हो गई थी। तभी मोहित को नंदापुर में छोड़ दिया। उसके बाद नीलेश को लेकर चले गए थे।
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कटोघन टोल प्लाजा के पास नीलेश की हत्या कर नंदापुर लौट आए थे। यहां नशे में बदहवास मोहित को गुरगौला छोड़ने गए थे। थानेदार आरके सिंह ने बताया कि मोहित नशे में था। उसने नीलेश की हत्या होने की बात सुनी थी लेकिन किसी को कुछ बताया नहीं था। तभी मोहित भी आरोपी बनाया गया है। खून से सनी गला रेतने वाले रंजीत पासवान की टीशर्ट और खून लगी नीरज की शर्ट बरामद की गई है। आरोपियों के खिलाफ अपहरण, लूट, हत्या और शव छिपाने की धाराएं तरमीम की है।
मोहित ने नीलेश के दरवाजे पर रोकवाई थी बाइक
हत्यारोपी नीरज और रंजीत को नीलेश का घर नहीं मालूम था। वह मोहित को छोड़कर भागने की फिराक में थे। गांव के अंदर नीलेश का घर पहले है। आगे मोहित का घर है। मोहित ने बाइक नीलेश के दरवाजे पर रुकवाई थी तभी परिजनों ने तीनों को रोक लिया था।
बड़े भाई ने पिता की तरह पाला था नीलेश को
फतेहपुर। बाइक के लिए छात्र की बेरहमी से हत्या से परिजनों के होश उड़े है। परिवार के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा नीलेश को बाइक के लिए मार डाला गया है। चार भाइयों में सबसे छोटा होने के कारण परिवार का दुलारा था। बड़े भाई ने उसे पिता की तरह ही डेढ़ साल की उम्र से पाला था।
जयरामपुर गुरगौला निवासी नीलेश के चार बड़े भाई मनोज, सत्येंद्र, भूपेंद्र और अमरेश हैं। मनोज सैदपुर भुरुही गांव में सफाई कर्मी है। मनोज ने बताया कि पिता की हत्या करीब 18 साल पहले की हुई थी। तब नीलेश करीब डेढ़ साल का था। मां श्रीमती की तबीयत खराब रहती थी। नीलेश को बड़े जतन से पाला था।
पैरों पर खड़े होने लायक हुआ तो उसके ही दोस्तों ने उसकी जान ले ली। तीसरे नंबर के भूपेंद्र ने एक साल पहले बाइक खरीदी थी। कभी भी नीलेश को इसकेक इस्तेमाल को लेकर कोई नहीं टोकता था। उसकी पत्नी रेशमा और मां का नीलेश की मौत की खबर से हाल बेहाल हो गया है।
आरोपी बाइक चाहते थे तो ले लेते लेकिन भाई की हत्या तो न करते। मनोज ने बताया कि पुलिस ने सुबह घटनास्थल दिखाया है। उस जगह पर खून तक नहीं मिला है जबकि बाइक की पेट्रोल टंकी, इंडिकेटर, नंबर प्लेट पर खून की छींटे हैं। ऐसे में लग रहा है कि हत्या कहीं और की गई है। उसके बाद शव को फेंका गया है। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि घटना के बाद से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में खून के दाग मिट सकते हैं।
रंजीत लूट के मामले में लुधियाना में जा चुका जेल
प्रतापगढ़ जिले का रंजीत लुधियाना में प्राइवेट नौकरी करता था। उसने लुधियाना में लूट की थी। वहां की पुलिस ने उसे पकड़ा और जेल भी भेजा था। उसके पिता और मां समेत परिवार के सदस्य वहीं रहते हैं। प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाने में पुलिस ने संपर्क किया। यहां कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला। वह लॉकडाउन में नंदापुर गांव मौसेरा भाई नीरज के पास आ गया था। नीरज दिल्ली से लौटा था। वह दिल्ली के मटन शॉप में डिलावरी ब्वाय था।
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फतेहपुर। बीएससी के छात्र की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके करीबी दोस्त मोहित को साजिश का आरोपी माना है। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों के साथ उसे भी जेल भेजा है। पुलिस ने बुधवार सुबह इनको गिरफ्तार किए जाने का दावा किया है। आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई बाइक, छात्र के कपड़े, जूते बरामद किए।
खखरेरू थाना क्षेत्र के जयरामपुर गुरगौला निवासी बीएससी छात्र बेटे नीलेश (19) पुत्र शिवसेवक सोनकर की चार जुलाई की रात हत्या कर दी गई थी। घटना के तीन दिन बाद मंगलवार को हाईवे किनारे से शव बरामद हुआ। पुलिस ने हरदों पेट्रोप पंप के पास से सुबह नंदापुर गांव के नीरज, रंजीत (मौसेरे भाई) को गिरफ्तार किया। रंजीत प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर थाने के चमराई निवासी है वहीं पुलिस ने पश्चिमी हाईवे से मोहित निवासी गुरगौला खखरेरू को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने नीरज के घर से नीलेश की बाइक और कपड़े, जूते बरामद किए हैं। बता दें कि चार जुलाई को नीलेश बाइक से मोहित को लेकर बहन सीतू के घर बहरामपुर गांव आया था। यहां से लौटते समय शराब पी रखी थी। रास्ते में नंदापुर गांव के नीरज और रंजीत मिले थे। इन दोनों की नीयत नीलेश की बाइक में खराब हो गई थी। तभी मोहित को नंदापुर में छोड़ दिया। उसके बाद नीलेश को लेकर चले गए थे।
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कटोघन टोल प्लाजा के पास नीलेश की हत्या कर नंदापुर लौट आए थे। यहां नशे में बदहवास मोहित को गुरगौला छोड़ने गए थे। थानेदार आरके सिंह ने बताया कि मोहित नशे में था। उसने नीलेश की हत्या होने की बात सुनी थी लेकिन किसी को कुछ बताया नहीं था। तभी मोहित भी आरोपी बनाया गया है। खून से सनी गला रेतने वाले रंजीत पासवान की टीशर्ट और खून लगी नीरज की शर्ट बरामद की गई है। आरोपियों के खिलाफ अपहरण, लूट, हत्या और शव छिपाने की धाराएं तरमीम की है।
मोहित ने नीलेश के दरवाजे पर रोकवाई थी बाइक
हत्यारोपी नीरज और रंजीत को नीलेश का घर नहीं मालूम था। वह मोहित को छोड़कर भागने की फिराक में थे। गांव के अंदर नीलेश का घर पहले है। आगे मोहित का घर है। मोहित ने बाइक नीलेश के दरवाजे पर रुकवाई थी तभी परिजनों ने तीनों को रोक लिया था।
बड़े भाई ने पिता की तरह पाला था नीलेश को
फतेहपुर। बाइक के लिए छात्र की बेरहमी से हत्या से परिजनों के होश उड़े है। परिवार के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा नीलेश को बाइक के लिए मार डाला गया है। चार भाइयों में सबसे छोटा होने के कारण परिवार का दुलारा था। बड़े भाई ने उसे पिता की तरह ही डेढ़ साल की उम्र से पाला था।
जयरामपुर गुरगौला निवासी नीलेश के चार बड़े भाई मनोज, सत्येंद्र, भूपेंद्र और अमरेश हैं। मनोज सैदपुर भुरुही गांव में सफाई कर्मी है। मनोज ने बताया कि पिता की हत्या करीब 18 साल पहले की हुई थी। तब नीलेश करीब डेढ़ साल का था। मां श्रीमती की तबीयत खराब रहती थी। नीलेश को बड़े जतन से पाला था।
पैरों पर खड़े होने लायक हुआ तो उसके ही दोस्तों ने उसकी जान ले ली। तीसरे नंबर के भूपेंद्र ने एक साल पहले बाइक खरीदी थी। कभी भी नीलेश को इसकेक इस्तेमाल को लेकर कोई नहीं टोकता था। उसकी पत्नी रेशमा और मां का नीलेश की मौत की खबर से हाल बेहाल हो गया है।
आरोपी बाइक चाहते थे तो ले लेते लेकिन भाई की हत्या तो न करते। मनोज ने बताया कि पुलिस ने सुबह घटनास्थल दिखाया है। उस जगह पर खून तक नहीं मिला है जबकि बाइक की पेट्रोल टंकी, इंडिकेटर, नंबर प्लेट पर खून की छींटे हैं। ऐसे में लग रहा है कि हत्या कहीं और की गई है। उसके बाद शव को फेंका गया है। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि घटना के बाद से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में खून के दाग मिट सकते हैं।
रंजीत लूट के मामले में लुधियाना में जा चुका जेल
प्रतापगढ़ जिले का रंजीत लुधियाना में प्राइवेट नौकरी करता था। उसने लुधियाना में लूट की थी। वहां की पुलिस ने उसे पकड़ा और जेल भी भेजा था। उसके पिता और मां समेत परिवार के सदस्य वहीं रहते हैं। प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाने में पुलिस ने संपर्क किया। यहां कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला। वह लॉकडाउन में नंदापुर गांव मौसेरा भाई नीरज के पास आ गया था। नीरज दिल्ली से लौटा था। वह दिल्ली के मटन शॉप में डिलावरी ब्वाय था।