{"_id":"61b39cc971df81657e6a1306","slug":"the-wife-was-hanged-in-the-greed-of-only-15-thousand-fatehpur-news-knp6688645179","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या में पति व सास-ससुर को कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज हत्या में पति व सास-ससुर को कारावास
विज्ञापन
फतेहपुर। शादी के बाद से पत्नी पर मायके से पैसे लाने का दबाव बनाकर उसे प्रताड़ित कर उसकी हत्या करने में अदालत ने पति और सास-ससुर को दोषी माना है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति को 10 साल और सास-ससुर को आठ-आठ साल की सजा सुनाई है। अदालत का फैसला आने के बाद सभी दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
खागा कोतवाली क्षेत्र के बुदवन गांव के धर्मेश सिंह ने अपनी बेटी आरती देवी की शादी किशनपुर थानाक्षेत्र के सरौली गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह के साथ चार मार्च 2017 को की थी। बेेटी की शादी में पिता ने वर पक्ष को 36 हजार रुपये नकद, एक बाइक, डेढ़ तोला सोना और डेढ़ किलो चांदी दी थी। मगर जब विदा होकर आरती अपनी ससुराल पहुंची, तो वहां उससे 15 हजार रुपये नकद दिलाने की मांग होने लगी। आरती ने यह बात अपने पिता को बताई तो उन्होंने कुछ दिनों में पैसों का प्रबंध करने की बात कही।
शादी के चार महीने में पति धर्मेंद्र सिंह, सास कमला देवी और ससुर धर्मपाल सिंह ने आरती का जीना मुश्किल कर दिया। महज 15 हजार रुपयों के लिए ससुराली उसे प्रताड़ित करने लगे। 18 जुलाई को आरती को पीट कर रात एक बजे फांसी पर लटका दिया। मामले में पिता ने धर्मेंद्र सिंह, उसकी मां कमला देेवी और पिता धर्मपाल सिंह के
विज्ञापन
खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद से प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शुक्रवार को फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट की अपर सत्र न्यायाधीश अपर्णा त्रिपाठी ने दोषी पति धर्मेंद्र सिंह को 10 वर्ष सश्रम कारावास और सास कमला देवी व ससुर धर्मपाल सिंह को आठ-आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
घटना के बाद से पति धर्मेंद्र जेल में था, जबकि सास और ससुर जमानत पर थे। अदालत ने तीनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत का आदेश आने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया।
फतेहपुर। गेस्ट हाउस किराये पर उठाने का इकरारनामा करने के बावजूद जबरन कब्जा करने के मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री के पुत्र और भाई की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अपर शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह ने बताया कि वादी महमूद अहमद ने शहर के सिविल लाइंस स्थित मंगलम मैरिज लान को अभियुक्त ओम दत्त पाल से किराये पर लिया था। इसका पांच साल के अनुबंध हुआ था।
अनुबंध 11 मार्च 2014 को हुआ था। मगर पांच साल से पहले ही 12 मार्च 2017 को ओमदत्त पाल उनके पिता और पूर्व मंत्री अयोध्या पाल, उनके भाई राजकुमार पाल और अजय पाल ने अनुबंध तोड़कर उसे खाली करवा लिया था। इसका मुकदमा महमूद अहमद ने दर्ज कराया था। शुक्रवार को इस मामले में अभियुक्त पूर्व मंत्री के भाई एवं पूर्व प्रधान राजकुमार पाल और मंत्री पुत्र ओमदत्त पाल ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की। जिस पर अपर सत्र न्यायाधीश जुनैद मुजफ्फर ने दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दीं। (संवाद)
विज्ञापन
खागा कोतवाली क्षेत्र के बुदवन गांव के धर्मेश सिंह ने अपनी बेटी आरती देवी की शादी किशनपुर थानाक्षेत्र के सरौली गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह के साथ चार मार्च 2017 को की थी। बेेटी की शादी में पिता ने वर पक्ष को 36 हजार रुपये नकद, एक बाइक, डेढ़ तोला सोना और डेढ़ किलो चांदी दी थी। मगर जब विदा होकर आरती अपनी ससुराल पहुंची, तो वहां उससे 15 हजार रुपये नकद दिलाने की मांग होने लगी। आरती ने यह बात अपने पिता को बताई तो उन्होंने कुछ दिनों में पैसों का प्रबंध करने की बात कही।
विज्ञापन
शादी के चार महीने में पति धर्मेंद्र सिंह, सास कमला देवी और ससुर धर्मपाल सिंह ने आरती का जीना मुश्किल कर दिया। महज 15 हजार रुपयों के लिए ससुराली उसे प्रताड़ित करने लगे। 18 जुलाई को आरती को पीट कर रात एक बजे फांसी पर लटका दिया। मामले में पिता ने धर्मेंद्र सिंह, उसकी मां कमला देेवी और पिता धर्मपाल सिंह के
विज्ञापन
खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद से प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शुक्रवार को फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट की अपर सत्र न्यायाधीश अपर्णा त्रिपाठी ने दोषी पति धर्मेंद्र सिंह को 10 वर्ष सश्रम कारावास और सास कमला देवी व ससुर धर्मपाल सिंह को आठ-आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
घटना के बाद से पति धर्मेंद्र जेल में था, जबकि सास और ससुर जमानत पर थे। अदालत ने तीनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत का आदेश आने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया।
फतेहपुर। गेस्ट हाउस किराये पर उठाने का इकरारनामा करने के बावजूद जबरन कब्जा करने के मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री के पुत्र और भाई की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अपर शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह ने बताया कि वादी महमूद अहमद ने शहर के सिविल लाइंस स्थित मंगलम मैरिज लान को अभियुक्त ओम दत्त पाल से किराये पर लिया था। इसका पांच साल के अनुबंध हुआ था।
अनुबंध 11 मार्च 2014 को हुआ था। मगर पांच साल से पहले ही 12 मार्च 2017 को ओमदत्त पाल उनके पिता और पूर्व मंत्री अयोध्या पाल, उनके भाई राजकुमार पाल और अजय पाल ने अनुबंध तोड़कर उसे खाली करवा लिया था। इसका मुकदमा महमूद अहमद ने दर्ज कराया था। शुक्रवार को इस मामले में अभियुक्त पूर्व मंत्री के भाई एवं पूर्व प्रधान राजकुमार पाल और मंत्री पुत्र ओमदत्त पाल ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की। जिस पर अपर सत्र न्यायाधीश जुनैद मुजफ्फर ने दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दीं। (संवाद)