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जलस्तर बढने से नलकूप उगल रहे गंदा, दूषित पानी
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फतेहपुर। बारिश के बाद भूगर्भ जलस्तर बढ़ गया है। इससे नगर पालिका के नलकूपों से प्रदूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इस पानी से लोगों में बीमारियां फैलने की आशंका है।
नगर पालिका शहर की दो लाख आबादी के लिए 47 नलकूपों से जलापूर्ति करती है। नलकूपों से सीधे मिलने वाली जलापूर्ति बारिश से जलस्तर बढ़ने के कारण दूषित हो गई है, क्योंकि नए स्रोतों से गंदा पानी निकल रहा है। यह स्थिति हर साल बारिश के बाद पैदा होती है। दूषित पानी पीने से शहर में संक्रामक बीमारियां फैलाना शुरू हो जाती हैं। माना जा रहा है कि इस बार भी लोगों में पेट की बीमारी के साथ सर्दी, जुकाम, बुखार आदि होना तय है।
ईओ नगर पालिका मीरा सिंह का कहना है कि जलापूर्ति वाले नलकूपों में माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डोजरों के माध्यम से क्लोरीन का घोल जलापूर्ति में मिलाने के आदेश हैं। डोजर क्रियाशील होने की रिपोर्ट जेई जलनिगम से मांगी गई है।
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बारिश में बंद पड़े जल स्रोत चालू हो जाता है। इनसे निकलने वाला पानी दूषित होता है। वाटर लाइन से मिलने वाला पानी फिल्टर करके पीना चाहिए। क्योंकि दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त, पीलिया, सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारी हो सकती है। ऐसे में मौसम में शुद्ध पानी पीने से इन बीमारियों से बचा जा सकता है।
- डॉ. एसके सिंह, वरिष्ठ फिजीशियन
ऐसे मौसम में क्या करें, क्या न करें:-
- फिल्टर किया पानी पिएं।
- फिल्टर की व्यवस्था न हो, तो उबला पानी पिएं।
- एक बाल्टी पीने के पानी में एक टैबलेट क्लोरीन मिलाएं।
- घरों के साथ आसपास पानी न भरा रहने दें।
- घर के सामने नालियों में दो-चार बूंद जला हुआ मोबिल आयल डालें।
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नगर पालिका शहर की दो लाख आबादी के लिए 47 नलकूपों से जलापूर्ति करती है। नलकूपों से सीधे मिलने वाली जलापूर्ति बारिश से जलस्तर बढ़ने के कारण दूषित हो गई है, क्योंकि नए स्रोतों से गंदा पानी निकल रहा है। यह स्थिति हर साल बारिश के बाद पैदा होती है। दूषित पानी पीने से शहर में संक्रामक बीमारियां फैलाना शुरू हो जाती हैं। माना जा रहा है कि इस बार भी लोगों में पेट की बीमारी के साथ सर्दी, जुकाम, बुखार आदि होना तय है।
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ईओ नगर पालिका मीरा सिंह का कहना है कि जलापूर्ति वाले नलकूपों में माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डोजरों के माध्यम से क्लोरीन का घोल जलापूर्ति में मिलाने के आदेश हैं। डोजर क्रियाशील होने की रिपोर्ट जेई जलनिगम से मांगी गई है।
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बारिश में बंद पड़े जल स्रोत चालू हो जाता है। इनसे निकलने वाला पानी दूषित होता है। वाटर लाइन से मिलने वाला पानी फिल्टर करके पीना चाहिए। क्योंकि दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त, पीलिया, सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारी हो सकती है। ऐसे में मौसम में शुद्ध पानी पीने से इन बीमारियों से बचा जा सकता है।
- डॉ. एसके सिंह, वरिष्ठ फिजीशियन
ऐसे मौसम में क्या करें, क्या न करें:-
- फिल्टर किया पानी पिएं।
- फिल्टर की व्यवस्था न हो, तो उबला पानी पिएं।
- एक बाल्टी पीने के पानी में एक टैबलेट क्लोरीन मिलाएं।
- घरों के साथ आसपास पानी न भरा रहने दें।
- घर के सामने नालियों में दो-चार बूंद जला हुआ मोबिल आयल डालें।