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सीएचसी में बढ़ी मरीजों की संख्या
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Sun, 19 Jul 2015 12:12 AM IST
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तहसील मुख्यालय के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मामूली बारिश के बीच उमसभरी गर्मी शुरू होते ही मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। डाक्टरों की कमी के कारण मरीजों को घंटाें लाइन में लगाना पड़ता है। संक्रामक बीमारियों के मरीजों की अधिक भीड़ होने के कारण डाक्टर उनकी बात सुनकर सही ढंग से देख नहीं पाते हैं। इससे तमाम मरीजों को रोज वापस लौटना पड़ता है।
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बिंदकी में 30 बेडों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कहने के लिए तो एक लेडी डाक्टर सहित आधा दर्जन डाक्टरों की तैनाती है। यहां शासनादेश के बावजूद परिसर में चिकित्साधीक्षक डा. इश्त्यिाक व फिजीशिएन डा. पंकज के अलावा अन्य डाक्टर नहीं रुकते हैं। डा. अभय सिंह, जोगेंद्रर सिंह सर्जन, लेडी डाक्टर रूची, कानपुर फतेहपुर से अप- डाउन करते हैं। उधर, गत माह तक प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या सौ से डेढ़ सौ तक हुआ करती थी। माह जुलाई में मामूली बारिश के कारण उमस भरी गर्मी बढ़ने व मच्छरों की भरमार के कारण मरीजों की संख्या तीन सौ के ऊपर पहुंच रही है। परिणाम स्वरूप मरीजों को देखने के लिए मात्र दो डाक्टरों के पास भीड़ जुटी रहती है। सुबह 8 बजे से अपराह्न 2 बजे तक उल्टी, दस्त, बुखार, पेटदर्द के अलावा विभिन्न संक्रामक बीमारियों से ग्रसित मरीजों को देखकर उनकी दवाइयां लिखने के काम का भार मात्र दो डाक्टरों के ऊपर है। इसके अलावा एमरजेंसी ड्यिूटी भी करनी पड़ती है। एक माह पूर्व सीएचसी में डाक्टर नीरज गुप्ता का राजनैतिक दबाव में स्थानांतरण कर देने और उनके स्थान में किसी डाक्टर की तैनाती न करने से सीएचसी की स्थिति और खराब हो गई है। नगर के अधिवक्ता अरुण द्विवेदी, अंकित मिश्रा, सभासद कमलेश ओमर, सुनील पाल आदि ने मुख्य चित्किसाधिकारी विनय पांडेय से मांग की है कि सीएचसी बिंदकी में बने आवासों में सभी डाक्टरों को रुकने के निर्देश दिए जाएं और डाक्टरों के रिक्त पड़े स्थानों में अन्य डाक्टरों की तैनाती की जाए।
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