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प्रभारी चिकित्साधिकारी सस्पेंड
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Fri, 12 Feb 2016 12:58 AM IST
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मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी डा. विकास शेट्टी
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ने जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ललौली का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण में काफी समय से बिना सूचना के गैरहाजिर चल रहे प्रभारी
चिकित्साधिकारी ललौली को निलंबित करने के आदेश दिए। जिला अस्पताल में बड़ी
तादाद में लंबित एक्सरे रिपोर्ट देखकर ओएसडी भड़क उठे। उन्होंने इस संबंध
में सीएमएस से जानकारी की और बहुत जल्द रेडियोलाजिस्ट और पैथालाजिस्ट की
नियुक्ति कराने का आश्वासन दिया।
ओएसडी ने सुबह 10.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचकर सबसे पहले इमरजेंसी कक्ष का निरीक्षण किया। इसके बाद वह पैथालॉजी पहुंचे जहां पर पता चला की सालों से पैथोलॉजिस्ट का पद खाली चल रहा है। इसके बाद एक्सरे विभाग पहुंचे, जहां पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिले। काफी तादाद में मेडिकोलीगल रिपोर्टें पेंडिंग मिली।
सीएमएस के बताने पर कि यहां तैनात रेडियोलाजिस्ट कभी कभार आते हैं। उनके खिलाफ कई बार लिखा पढ़ी की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ओएसडी ने बहुत जल्द सीएम से वार्ता कर अस्पताल में पैथालाजिस्ट और रोडियोलाजिस्ट की नियुक्ति कराने की बात कही।
स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ओएसडी ने पुरुष और महिला वार्डों का निरीक्षण किया। इसके बाद महिला अस्पताल पहुंचे, जहां पर बेडों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही सफाई व्यवस्था और दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अभिलेखीय निरीक्षण के बाद ओएसडी ने बंद पड़े ट्रामा सेंटर की वीडियोग्राफी कराई और बहुत जल्द जिलेवासियों को यह सुविधा मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
पोषण पुनर्वास केंद्र में आठ कुपोषित बच्चे भर्ती मिले। उन्होंने यहां पर दाल चखकर गुणवत्ता परखी। इस मौके सीएमओ, सीएमएस डा. एके मिश्रा, महिला सीएमएस डा. रेखारानी आदि मौजूद रहे। जिला अस्पताल के बाद ओएसडी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ललौली का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में एमओआईसी डा. नितिन कुमार गायब मिले, जबकि उनके फर्जी हस्ताक्षर उपस्थिति रजिस्टर में पाए गए। फार्मेसिस्ट मनीष उपस्थित मिले पर वार्ड की हालत बदतर मिली। धूल की मोटी पर्त जमा मिली। ओटी में पक्षियों के घोंसले देख ओएसडी का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
उन्होंने सीएमओ विनय कुमार पांडेय को एमओआईसी को निलंबित करने के आदेश दिए, साथ ही फार्मेसिस्ट को फर्जी हस्ताक्षर बनाने को लेकर चेतावनी दी। सीएमओ ने बताया कि एमओआईसी काफी समय से बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे हैं। उनके निलंबन के लिए लिखा गया है।
ओएसडी ने सुबह 10.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचकर सबसे पहले इमरजेंसी कक्ष का निरीक्षण किया। इसके बाद वह पैथालॉजी पहुंचे जहां पर पता चला की सालों से पैथोलॉजिस्ट का पद खाली चल रहा है। इसके बाद एक्सरे विभाग पहुंचे, जहां पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिले। काफी तादाद में मेडिकोलीगल रिपोर्टें पेंडिंग मिली।
सीएमएस के बताने पर कि यहां तैनात रेडियोलाजिस्ट कभी कभार आते हैं। उनके खिलाफ कई बार लिखा पढ़ी की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ओएसडी ने बहुत जल्द सीएम से वार्ता कर अस्पताल में पैथालाजिस्ट और रोडियोलाजिस्ट की नियुक्ति कराने की बात कही।
स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ओएसडी ने पुरुष और महिला वार्डों का निरीक्षण किया। इसके बाद महिला अस्पताल पहुंचे, जहां पर बेडों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही सफाई व्यवस्था और दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अभिलेखीय निरीक्षण के बाद ओएसडी ने बंद पड़े ट्रामा सेंटर की वीडियोग्राफी कराई और बहुत जल्द जिलेवासियों को यह सुविधा मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
पोषण पुनर्वास केंद्र में आठ कुपोषित बच्चे भर्ती मिले। उन्होंने यहां पर दाल चखकर गुणवत्ता परखी। इस मौके सीएमओ, सीएमएस डा. एके मिश्रा, महिला सीएमएस डा. रेखारानी आदि मौजूद रहे। जिला अस्पताल के बाद ओएसडी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ललौली का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में एमओआईसी डा. नितिन कुमार गायब मिले, जबकि उनके फर्जी हस्ताक्षर उपस्थिति रजिस्टर में पाए गए। फार्मेसिस्ट मनीष उपस्थित मिले पर वार्ड की हालत बदतर मिली। धूल की मोटी पर्त जमा मिली। ओटी में पक्षियों के घोंसले देख ओएसडी का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
उन्होंने सीएमओ विनय कुमार पांडेय को एमओआईसी को निलंबित करने के आदेश दिए, साथ ही फार्मेसिस्ट को फर्जी हस्ताक्षर बनाने को लेकर चेतावनी दी। सीएमओ ने बताया कि एमओआईसी काफी समय से बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे हैं। उनके निलंबन के लिए लिखा गया है।