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पोषक तत्वों के सेवन से जच्चा-बच्चा रहेंगे स्वस्थ
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फतेहपुर। स्वस्थ बच्चे के लिए गर्भवती का पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी होता है। इससे सिर्फ बच्चा ही नहीं उसकी मां भी सेहतमंद रहती है। गर्भावस्था में कम से कम तीन लीटर पानी का रोजाना सेवन करना चाहिए।
उक्त जानकारी देते हुए जिला महिला चिकित्सालय की महिला सीएमएस डॉ. रेखारानी ने बताया कि गर्भस्थ शिशु का विकास माता के आहार पर निर्भर होता है। गर्भवती को ऐसा आहार लेना चाहिए जो गर्भस्थ शिशु के पोषण की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
उन्होंने बताया कि गर्भावस्था में महिलाओं को दिन भर में बीच बीच में कुछ न कुछ पौष्टिक आहार लेते रहना चाहिए। इससे वे डिस्पेप्सिया यानि अपच और उल्टी आने की समस्या से बच सकती हैं। गर्भवती को फास्टफूड, ज्यादा तला हुआ खाना, ज्यादा तीखा और मसालेदार खाने से परहेज करना चाहिए। चिकित्सक की सलाह के अनुसार हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, फलों को आहार में शामिल करें।
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जिला महिला चिकित्सालय के गायनोकोलाजिस्ट डॉ. पीके गुप्ता का कहना है कि गर्भवती महिला को अपने आहार और दिनचर्या को संयमित रखना चाहिए। नियमित रूप से रूटीन चेकअप और दवाओं के साथ पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि गर्भवती को शरीर की बढ़ती हुईं, आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिदिन कम से कम तीन लीटर (10 से 12 ग्लास) पानी जरूर पीना चाहिए। गर्मी के मौसम में दो गिलास अतिरिक्त पानी पीना चाहिए।
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उक्त जानकारी देते हुए जिला महिला चिकित्सालय की महिला सीएमएस डॉ. रेखारानी ने बताया कि गर्भस्थ शिशु का विकास माता के आहार पर निर्भर होता है। गर्भवती को ऐसा आहार लेना चाहिए जो गर्भस्थ शिशु के पोषण की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
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उन्होंने बताया कि गर्भावस्था में महिलाओं को दिन भर में बीच बीच में कुछ न कुछ पौष्टिक आहार लेते रहना चाहिए। इससे वे डिस्पेप्सिया यानि अपच और उल्टी आने की समस्या से बच सकती हैं। गर्भवती को फास्टफूड, ज्यादा तला हुआ खाना, ज्यादा तीखा और मसालेदार खाने से परहेज करना चाहिए। चिकित्सक की सलाह के अनुसार हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, फलों को आहार में शामिल करें।
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जिला महिला चिकित्सालय के गायनोकोलाजिस्ट डॉ. पीके गुप्ता का कहना है कि गर्भवती महिला को अपने आहार और दिनचर्या को संयमित रखना चाहिए। नियमित रूप से रूटीन चेकअप और दवाओं के साथ पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि गर्भवती को शरीर की बढ़ती हुईं, आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिदिन कम से कम तीन लीटर (10 से 12 ग्लास) पानी जरूर पीना चाहिए। गर्मी के मौसम में दो गिलास अतिरिक्त पानी पीना चाहिए।