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Fatehpur News: बसों के तय रूट पर न चलने से 25 गांवों के छात्र-ग्रामीण परेशान

Sun, 30 Aug 2026 11:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2026 11:50 PM IST
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Students and villagers from 25 villages are facing difficulties as buses are not plying on their designated routes.
फोटो-32-रोटी चौराहा में सवारी उतारने के लिए खड़ी बस। संवाद
अमौली। कानपुर के बारादेवी से हरिजनपुर तक परमिट लेकर चलने वाली बसों के तय रूट पर न पहुंचने से 25 गांवों के ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। चालक मंजिल से करीब 10 किलोमीटर पहले जहानाबाद के रोटी चौराहा पर ही बस खड़ी कर वापस कानपुर लौट जाते हैं।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि डीजल बचाने के लिए वाहन स्वामी बसों को रोटी चौराहा से ही वापस भेज देते हैं। इससे रोटी चौराहा से हरिजनपुर के बीच आने वाले 25 गांवों के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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रोटी चौराहा से हरिजनपुर मार्ग के बीच डिघरुवा, फिरोजपुर, दामोदरपुर, खानपुर, पांडेपुर, कमासी, दरियापुर छेदिया, भद्दूपुर, बबई, बीघनपुर, रुसिया, गौरा, गोंदहा, पाराधनई, गोपालपुर, कछेवरा, मेहेदिया, बुढ़ंदा, भिखनीपुर समेत करीब 25 गांव आते हैं।
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कानपुर से जहानाबाद 47 किलोमीटर का किराया 40 रुपये निर्धारित है। वहीं जहानाबाद से रोटी चौराहा की 10 किमी दूरी का किराया 10 रुपये और रोटी चौराहा से हरिजनपुर की 10 किमी दूरी का किराया भी 10 रुपये तय है।
क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक रोटी चौराहा से हरिजनपुर तक 10 किमी की दूरी में करीब 250 रुपये का डीजल खर्च होता है। 25 यात्रियों से मिलने वाला किराया भी करीब 250 रुपये ही होता है। आमदनी और खर्च बराबर होने के कारण बस मालिक हरिजनपुर तक बसें ले जाने से कतराते हैं।

बसों का संचालन पूरे मार्ग तक कराया जाए
गौरा निवासी आस्था सैनी ने बताया कि वह जहानाबाद के दिलीप स्मारक महाविद्यालय से एमए की पढ़ाई कर रही हैं। बसों का संचालन न होने से कॉलेज आने-जाने में परेशानी होती है। बसों का पूरे मार्ग पर संचालन कराया जाए।
बबई निवासी प्रियांशु जहानाबाद बीडीयू डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव से रोटी चौराहा तक पैदल जाना पड़ता है। बसों का परमिट के अनुसार पूरे मार्ग पर संचालन होना चाहिए। ऐसा न होने पर इनके परमिट रद किए जाएं।

बबई निवासी शिवम प्रजापति ने बताया कि जहानाबाद के बीडीयू डिग्री कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई के लिए प्रतिदिन जाना पड़ता है। बस संचालक किराया कम होने का हवाला देकर पूरे मार्ग पर बसों का संचालन नहीं करते हैं।

फोटो-32-रोटी चौराहा में सवारी उतारने के लिए खड़ी बस। संवाद

फोटो-32-रोटी चौराहा में सवारी उतारने के लिए खड़ी बस। संवाद

फोटो-32-रोटी चौराहा में सवारी उतारने के लिए खड़ी बस। संवाद

फोटो-32-रोटी चौराहा में सवारी उतारने के लिए खड़ी बस। संवाद

फोटो-32-रोटी चौराहा में सवारी उतारने के लिए खड़ी बस। संवाद

फोटो-32-रोटी चौराहा में सवारी उतारने के लिए खड़ी बस। संवाद

फोटो-32-रोटी चौराहा में सवारी उतारने के लिए खड़ी बस। संवाद

फोटो-32-रोटी चौराहा में सवारी उतारने के लिए खड़ी बस। संवाद

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